
Bageshwar: आज से कुछ वर्ष पहले जब इंटरनेट नहीं हुआ करता था, तब भारत के राज्य जहां ऊंचे ऊंचे पहाड़ और सुंदर सुंदर वादियां है उनकी खूबसूरती किसी किताब व मैगजीन के माध्यम से या फिर वहां जाकर ही महसूस करते थे। परंतु जब से इंटरनेट भारत में आए हैं तब से भारत में मनोरंजन के साधन ही बदल गए।
सोशल मीडिया विज्ञान के स्तर से देखा जाए तो एक बहुत बड़ी किताब है सभी प्रकार का अच्छा और बहुत अच्छा ज्ञान दिया जा सकता। आज के समय में लाखों विद्यार्थी यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई-लिखाई करके देश में अच्छी रैंक से पास होते हैं और अपने पसंद की जॉब यह काम करते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ना केवल ज्ञान का भंडार है, बल्कि रोजगार का साधन बन गया है। देखा जाए तो सोशल मीडिया के नाम पर काफी सारे प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टि्वटर और ना जाने क्या-क्या। परंतु इस समय सबसे ज्यादा प्रसिद्ध होने वाला प्लेट फार्म यूट्यूब (Youtube) है। यूट्यूब प्रतिभाशाली व्यक्तियों के लिए वरदान साबित हुआ है।
हर प्रतिभाशाली व्यक्ति एक मंच की तलाश में होता है, फिर चाहे वह कला के क्षेत्र में हो या फिर शिक्षा के क्षेत्र में इन व्यक्तियों के लिए यूट्यूब उपयोगी साबित हुआ है। आज के समय में हर राज्य हर शहर के लाखों युवा यूट्यूब प्लेटफार्म से लाखों रुपए कमा रहे हैं और अच्छा जीवन जी रहे हैं।
उत्तराखंड की महिला ने दिखाई अपनी कला
सोशल मीडिया के यूट्यूब प्लेटफार्म पर उत्तराखंड की महिला (Uttarakhand Woman) अपनी कला दिखा रही है। जैसा कि हम जानते हैं कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत और सुंदर वादियों से गिरा हुआ राज्य है। यह राज्य पर्यटक दृष्टि से काफी ज्यादा प्रसिद्ध है।
ऐसा माना भी जाता है कि पहाड़ों में होने के कारण इस राज्य में रोजगार की कोई उचित साधन नहीं है। परंतु यूट्यूब में उत्तराखंड की एक महिला को एक बेहतरीन रोजगार दिया है। यह महिला पैसों के साथ-साथ नाम और शोहरत कमा रही हैं। तारा देवी (Tara Devi) नाम की एक महिला जो उत्तराखंड की है वह अपनी कला का प्रदर्शन करके पूरे राज्य में अपना नाम रोशन कर रहे।

इस राज्य में और भी ऐसे युवा हैं जो पहाड़ों की खूबसूरती, संस्कृति सभ्यता रीति रिवाज और यहां के खानपान के बारे में अन्य राज्य के लोगों को जानकारी देते हैं, जिससे वह इस राज्य में घूमने के लिए और भी ज्यादा आकर्षित होते हैं। यूट्यूब ने ऐसे लोगों को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक बहुत अच्छा माध्यम उपलब्ध कराया। इन्हीं में शामिल है तारादेवी जो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चित है।
यूट्यूब ब्लॉगिंग बना रोजगार का साधन
उत्तराखंड के बागेश्वर (Bageshwar) जिले के कपकोट गांव में रहने वाली तारा देवी इस वक्त सोशल मीडिया में ब्लॉगिंग के लिए प्रसिद्ध है। ब्लॉगिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से लोग अपने जीवन के बारे में सोशल मीडिया के यूजर को जानकारी देते हैं। ब्लॉगिंग के माध्यम से लोग अपने राज्य अपने शहर की खासियत को आम जनता तक पहुंचाते हैं। हर राज्य की खासियत अलग-अलग होती है।
वर्तमान समय में सोशल मीडिया के यूजर अपने राज्य अपने शहर के खानपान या फिर अपने शहर की खूबसूरती को दिखाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं और अपने जीवन के विषय में लोगों को बताते हैं।
हर किसी के जीवन में अलग अलग परिस्थितियां होती हैं, जिसके चलते लोगों को अन्य लोगों की जिंदगी ज्यादा अच्छी लगती है। लोगो का मानना होता है कि हर ब्लॉग से उन्हें कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है। इसी प्रकार गंगा देवी भी उत्तराखंडी मॉम स्टूडियो (Uttarakhandi Mom Studio) के नाम से ब्लॉगिंग करती है और लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं।
तारा देवी कौन है
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के समीप स्थिति गांव की निवासी तारा देवी का जन्म 18 अप्रैल 1992 में हुआ था। उनके माता पिता का नाम नैन सिंह कोरंगा और तरुली देवी है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ही गांव से प्राप्त की है।
इसके बाद आगे की शिक्षा शामा इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है। वे शुरू से ही आत्मनिर्भर महिला बनना चाहती थी, परंतु पहाड़ों में होने के कारण उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं मिल सके जिसकी वजह से उन्होंने कुछ समय इंतजार किया और धीरे-धीरे खुद को सोशल मीडिया प्लेटफार्म में अपना नाम बनाने के लिए तैयार करते रहे।
शादी के बाद बदली जिंदगी
तारा देव बताती है कि वर्ष 2013 में उनकी शादी उत्तराखंड के कपकोट गांव (Kapkot Village) के रहने वाले प्रकाश देश से हुई उसके बाद से ही उनके जीवन में कुछ अच्छा करने वाला मोड़ आया। उनका कहना है कि शादी के पश्चात ही उन्होंने ब्लॉगिंग स्टार्ट की।
इसके साथ ही उन्होंने स्टार सिंह नाम से एक बुटीक स्टार्ट किया है, जो पूरे कपकोट में प्रसिद्ध है और यूट्यूब ब्लोगिग करके पहाड़ों की संस्कृति सभ्यता और यहां के खान-पान को अपलोड करते हैं। वे कहती हैं कि सोशल मीडिया के यूट्यूब प्लेटफार्म ने पहाड़ों के युवाओं का पलायन रोक दिया है, वरना उत्तराखंड का 50 फीसदी युवा आसपास के शहरों में जाकर नौकरी करता है और पैसे कमाता है।



