
Patna: ईश्वर ने सबके अंदर एक छुपी हुई कला दे रखी है। कुछ लोगों के अंदर नृत्य की कला होती है तो किसी के अंदर संगीत की कला होती है। यह दोनों ही कला अपने आप में बेहद महत्व की कला है। भारत में कई तरह के संगीत का है, कुछ फिल्मी गाने गाते हैं, तो कुछ शास्त्रीय संगीत को वह पसंद करते हैं। संगीत के क्षेत्र में नाम कमाना हर गायक की ख्वाइश होती है।
माना जाता है कि एक संगीतकार के कंठ में स्वयं मा सरस्वती विराजमान होती है। देश में तो सैकड़ों गायक है सभी अपनी अपनी विशेष कला के लिए पहचाने जाते हैं, परंतु आज हम जिस गायिका की बात कर रहे हैं उसका नाम मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) है, जो अपनी आवाज और कला से पूरे देश में अपना नाम बना रही है। तो यह बात करें मैथिली ठाकुर की।
बिहार की मैथिली का जन्म
मैथिली बिहार (Bihar) राज्य के अंतर्गत आने वाला मधुबनी (Madhubani) का बेनीपट्टी गांव की रहने वाली हैं, उनका जन्म 25 जुलाई 2000 को हुआ था। बचपन से ही में संगीत के क्षेत्र में आगे रहेंगे उनके चारों तरफ का वातावरण संगीतमय था यही कारण है, कि आज के संगीत के क्षेत्र में इतनी आगे हैं कि उन्हें किसी और पहचान की जरूरत नहीं है।
मैथिली के परिवार में 5 सदस्य हैं उनके पिता रमेश ठाकुर जो खुद एक संगीतज्ञ है, उनकी माता पूजा ठाकुर एक ग्रहणी है और मैथिली के छोटे भाई ऋषभ और अयाची दोनों ही मैथिली के साथ उनके संगीत के क्षेत्र में अपनी सहभागिता देते हैं। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और लोकगीत की शिक्षा मैथिली को उनके दादा और उनके पिता से प्राप्त हुई।
सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर है मैथिली ठाकुर
मैथिली ठाकुर का हुनर भारत के साथ-साथ विदेश तक पहुंचने का जरिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। फेसबुक इंस्टाग्राम पर उन्होंने अपने द्वारा निर्मित संगीत को शेयर किया। मैथिली के संगीत को लोगों को खूब प्यार मिला आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके मिलियनो में फॉलोअर है।
फेसबुक पर उनके 14 मिलियन फ्रेंड है और इंस्टाग्राम पर करीब 34 लाख लोगो के द्वारा उन्हें फॉलो किया जा रहा है। मैथिली की आवाज पूरी दुनिया में फेमस है, राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम करती हैं और लोगों को अपने संगीत से मोहित करती हैं।
@maithilithakur राजकीय इटखोरी महोत्सव में मैथिली ठाकुर,जी स्वागत एवं अभिनंदन है #Rajkiy_itkhori_mahotsav 19,20,21 #February 2023#Bhadrakali_temple_itkhori pic.twitter.com/6Zi3KiQatk
— दीपक गिरी हिंदुस्तानी (को👉फोलो करें)-#३ह👈👈 (@DeepakG74885298) February 5, 2023
मैथिली भोजपुरी हिंदी भाषा में लोकगीत का प्रदर्शन करती हैं, जिनमें उनके छोटे भाई ऋषभ और अयाची साथ देते हैं। उनका छोटा भाई ऋषभ तबले का मास्टर है और उनका सबसे छोटा भाई अयाची मैथिली के साथ कोर संगीत में साथ देते हैं।
बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की ब्रांड एंबेसडर बनी मैथिली ठाकुर
मैथिली ठाकुर को एक बहुत बड़ी उपलब्धि मिली है। उन्हें बिहार राज्य के खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के लिए ब्रांड एंबेसडर चुना गया है। यह एक बहुत ही जिम्मेदारी पूर्ण कार्य है। मैथिली को हथकरघा बिहार के खादी और चिन्ह आदि उत्पादों के प्रचार के लिए चुना गया है।
आज़ादी के अमृत महोत्सव की कड़ी में, आज नई दिल्ली स्थित नेहरू पार्क में '#UnityInCreativity' के ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया गया।
इस दौरान लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। #AmritMahotsav #MainBharatHoon
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— Ministry of Culture (@MinOfCultureGoI) February 5, 2023
मैथिली के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है उन्हें संगीत के क्षेत्र में दिया जाने वाला उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए भी चुना गया है। इस बात की घोषणा करते हुए राज्य के उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने मैथिली को आमंत्रण कार्ड के साथ ढेर सारी शुभकामनाएं दी।
मैथिली ने कही ये बातें
मैथिली कहती है कि उन्हें बेहद खुशी है कि उन्हें बिहार के लिए कुछ करने का मौका मिला। बिहार जहां की वह रहने वाली है, उस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें यह मौका दिया गया है, तो वह अपने कार्य को पूरी निष्ठा से निभाएंगे और बिहार के युवाओं को बिहार के खादी, हथकरघा और अक्षरों आदि से अवगत कराने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे।
कल रात्रि मगहर महोत्सव में मैथिली ठाकुर जी के प्रोग्राम में लोगों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। 🌸🌸🙏🏻🙏🏻 pic.twitter.com/3ObPr5doZS
— Prem Ranjan Singh IAS 🇮🇳 (@premranjanias) February 10, 2023
बिहार खादी ग्रामोद्योग राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाला विभाग जिस के मुख्य अधिकारी दिलीप कुमार का कहना है कि यह बिहार का इतिहास और परंपरा का मुखपृष्ठ है। जिसके चलते बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से युवाओं को खादी से जोड़ने के लिए ढेर सारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।



