
Noida: अक्सर लोग गरीबी के चलते अपने हालातों के सामने घुटने टेक देते है और कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं जो मेहनत तो करना ही नहीं चाहते है। अच्छे अवसर हमेशा विषम परिस्थितियों में ही मिलते हैं और सफलता भी ढेरों कठिनाइयों का सामना करने के बाद मिलती है।
अक्सर युवा सोचते हैं कि उन्हें सफलता नहीं मिल रही, कहीं उनकी किस्मत खराब है या फिर उन्हें सुविधाओं का अभाव है, परंतु भारत देश में कई सफल युवा भी है जिन्होंने दीए की रोशनी में पढ़ाई कर उस सफलता को पाया है। मन में कुछ पाने की इच्छा शक्ति ही हमें सफलता की राह में आगे ले जाती है, फिर चाहे कितनी भी बाधाएं क्यों ना हो हम लड़ने के लिए तैयार होते हैं और 1 दिन सफल हो जाते हैं।
सोशल मीडिया में सफल लोगों की कहानियां वायरल होती है। अक्सर उन कहानियों में देखा है कि वह लोगों ने कभी संघर्ष से हार नहीं मानी और ना कभी अभाव का रोना रोया है, वह हमेशा मेहनत करते गए और सफल हो गए आज के लेख में हम एक ऐसे ही युवती की सफलता की बात करेंगे, जिसके माता-पिता ने उस युवती की पढ़ाई के लिए दिन रात मेहनत की।
ग्रेटर नोएडा की रितिका सुरीन की कहानी
आज इस लेख के माध्यम से हम ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) की रहने वाली रितिका सुरीन की बात करेंगे। रीतिका (Ritika Surin) की माता एक सफाई कर्मी है और उनके पिता चपरासी (Peon) की नौकरी कर अपनी बिटिया को पढ़ाया। गरीब माता-पिता की बेटी ने पहले ही प्रयास में 2000000 रुपए का पैकेज प्राप्त किया है।

आपको बता दें रितिका की माता पिता ने कभी भी अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए कभी भी कोई कमी नहीं होने दी यही कारण है कि बेटी ने भी खूब मेहनत से शिक्षा ली और सफलता प्राप्त की। रितिका को माता-पिता के साथ दोस्तों का भी बेहद सपोर्ट मिला है, उसके माता-पिता इस वक्त काफी खुश हैं और उनके दोस्त भी उनके सफलता पर कहते हैं कि उन्हें अपनी दोस्त पर गर्व है।
माता-पिता अपनी बेटी को अच्छा भविष्य देना चाहते थे
रितिका बताती है कि उनके माता-पिता ने कभी भी उनकी पढ़ाई में दखलंदाजी नहीं की। उनके माता-पिता ने अपने पेशे से बेटी को कोसों दूर रखा हुआ था और वह हमेशा सोचते थे कि उनकी बेटी खूब पढ़ लिखकर अच्छा भविष्य बनाएं इसीलिए रितिका के माता पिता अपना काम भली-भांति करते और अपनी बेटी को अच्छे से अच्छी शिक्षा देने के लिए पैसे एकत्रित करते।
रीतिका बताती है कि उनकी मां घर-घर जाकर साफ सफाई करती हैं और उनके पिता नवल गलगोटिया कॉलेज में चपरासी के पद पर काम करते हैं। वे कहती हैं कि अब वह अपने माता-पिता के लिए बेहतर करेंगी।
पारिवारिक स्थिति खराब होने के बाद भी मिली अच्छी सफलता
जानकारी के अनुसार हाल ही में एक नामचीन सॉफ्टवेयर कंपनी प्लेसमेंट के लिए रितिका के कॉलेज में आई थी। जिसमें रितिका की काबिलियत को देखकर उन्हें पहले ही प्रयास में 2000000 रुपए का पैकेज (20 Lakh Rupees Salary Job Package) प्राप्त हुआ है। उनकी सफलता से उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए और वह भावुक हो गई।

रितिका के कॉलेज के सीईओ गलगोटिया कहते हैं कि रितिका ने अपनी मेहनत और संघर्ष से यह मुकाम हासिल किया है। वह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। वह हमेशा से पढ़ाई में अव्वल रही है।
पारिवारिक स्थिति के चलते उन्हें कॉलेज की तरफ से 50 प्रतिशत स्कॉलरशिप और कॉपी किताबें निशुल्क उपलब्ध कराई जाती थी। आज रितिका की सफलता से वे सभी लोग खुश हैं, जिन्होंने रितिका की मदद की।
सफलता न मिलने पर दिया जाता है गरीबी को दोष
अक्सर लोग लगातार प्रश्न करने के बाद सफल नहीं हो पाते तो वह गरीबी को दोष देते हैं। कुछ लोग तो यह भी सोचते हैं कि यदि उनके पास यह होता, तो वह कुछ अलग कर सकते हैं। यदि उनको यह मिल जाता तो वह और कुछ भी कर सकते, परंतु यह गलत है यदि इंसान चाहे तो अपनी इच्छा शक्ति के आगे कहीं भी सफलता प्राप्त कर सकता है।



