NEET की तैयारी छोड़कर मुस्कान ने चाय स्टाल का बिज़नेस शुरू कर ब्रांड बनाया, यहाँ से आईडिया मिला

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Tea stall
Tea stall business demo file photo

Delhi: भारत में चाय का अलग ही क्रेज है। चाहे कोई भी समय हो बस चाय हो जाए ऐसा बोलते ही दोस्तों की मंडली इकट्ठी हो जाती है। छोटी मोटी मीटिंग से लेकर बड़े-बड़े प्रोग्रामों में चाय का अपना महत्व है, कहीं-कहीं तो यह भी कहने को मिला है कि काजू बादाम तो खिला दिए पर चाय नहीं मिली।

इंटरनेट पर भी ढेरों रील्स है जिसमें लोग चाय के प्रति अपनी दीवानगी जाहिर करते हैं। यही वजह है बीते कुछ सालों से कुछ युवाओं ने चाय को एक टपरी या ठेले के लेवल से उठ के आंत्रप्रेन्यर के तौर पर देखा और देखते ही देखते चाय की ढेर सारी फ्रेंचाइजी मॉडल बाजार में फैल गए। बात चाहे “एमबीए चाय” (MBA Chaiwala) वाले की हो या “चाय शाय बार” सब ने अपनी अलग पहचान बना दी।

Tea Selling Demo File Photo.

नागपुर के एक शख्स ने तो बकायदा चाय को अमृत की तरह संबोधित कर अमृत्तुल्य ब्रांड बना डाला, और बिहार के एक शख्स ने नौकरी ना मिलने पर ग्रेजुएट चाय वाले का ब्रांड शुरू किया। अब युवा आत्मनिर्भर बनने के लिए चाय बेचने (Selling Tea) का कांसेप्ट तेजी से अपना रहे और इस मामले में लड़कियां भी पीछे नहीं है, खबर दिल्ली की है जहां एक लड़की डॉक्टरी की पढ़ाई छोड़ चाय बेचने लगी।

दिल्ली आने से पहले रहती थी इस शहर में

हम बात कर रहे हैं मुस्कान जयसवाल (Muskan Jaisawal) की। बातचीत के दौरान मुस्कान ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में रहती है और बीते कुछ साल पहले दिल्ली आई थी अपने नीट एग्जाम (NEET Exam) की तैयारी के लिए। यहां आकर उन्होंने महसूस हुआ नौकरी ढूंढने से अच्छा क्यों ना आत्मनिर्भर बन गए लोगों को काम दिया जाए।

चूंकि चाय पीने की वह भी शौकीन थी, तो व्यापार के लिए उन्हें इससे अच्छा और कोई काम नहीं जमा। नतीजा नोएडा के इस रेलवे स्टेशन के बाहर उन्होंने बकायदा चाय का एक स्टॉल लगाना शुरू किया। उनका कहना था यह व्यापार शुरू करना सबसे सरल और सस्ता है, क्योंकि कमाई भी तुरंत शुरू हो जाती है।

पढ़ाई के दौरान चाय के ठेले की प्रेरणा मिली इस शख्स से

मुस्कान बताती हैं कि भले वह नीट की तैयारी कर रही थी। पर बचपन से ही व्यापार ने उन्हें अपनी तरफ आकर्षित किया है। पर कभी भी कोई आईडिया नहीं आया कि, कौन सा व्यापार शुरू किया जाए। ऐसे में 1 दिन उन्होंने एमबीए चायवाला के फाउंडर प्रफुल्ल बिलोरी का वीडियो देखा और लगातार उनको वॉच करना शुरू किया।

प्रफुल्ल के आत्मनिर्भर बनने की कहानी एवं सफलता से मुस्कान को प्रेरणा मिली अपने स्वयं का चाय स्टॉल और ब्रांड (Tea Stall Brand) बिल्ड करने का। हालाकि के लिए अभी उनके लिए एक बड़ा चैलेंज यही भी है कि, वह स्टूडेंट से व्यापारी बन गई है ये बात वह घर पर कैसे बताएं। क्योंकि उनके घर वाले उनसे कुछ अलग ही उम्मीद लगाए बैठे हैं।

अभी तो शुरुआत है झेलने पड़ रहे कुछ चैलेंज

एक कहावत है ना “अभी तो अंगड़ाई है आगे बहुत लड़ाई है” हर सफलता के रास्ते में यह वाक्य अक्सर सुनने को मिलती है। मुस्कान की इस चाय कैरियर में भी यह लाइन लागू होती है। मुस्कान ने अपना यह स्टॉल 7 दिन पहले ही नोएडा के सेक्टर 15 मेट्रो स्टेशन के ठीक बाहर स्थापित किया था।

उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था की चलते-फिरते किसी भी स्थान पर ऐसे दुकान खोलना और उसे चलाना बहुत कितना मुश्किल होगा। क्योंकि सिर्फ 7 दिन में ही वहां की लोकल व्यापारी कमेटी ने उन्हें अपनी दुकान को उस जगह से कहीं और शिफ्ट करने की वार्निंग दे दी। तो फिलहाल वह एक सुरक्षित लोकेशन की तलाश में है, जहां से वह अपने इस काम को स्थाई तौर से आगे बढ़ा सके।

बड़ा बिजनेस करना है तो अपनाना होगा आपको फ्रेंचाइजी मॉडल का सहारा

दोस्तों यदि आत्मनिर्भर बनना है तो चाय बेचने का ये कांसेप्ट काफी आसान है क्योंकि, लागत कम और कमाई तुरंत शुरू। मगर क्या आप जानते हैं कि, ये एक्टिव इनकम है, जो तब तक ही आपको प्राप्त होगी जब तक आप अपना वह चाय का स्टाल चला रहे हैं।

ऐसे में अपने बिजनेस को बहुत ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं, तो आपको फ्रेंचाइजी बिजनेस मॉडल को अपनाना होगा। हर बड़े बिजनेसमैन ने अपने व्यापार को एक ब्रांड की तरह मार्केट किया एवं कई शहरों में फ्रेंचाइजी शॉप्स शुरू करवाई। फ्रेंचाइजी के जरिए बनाए गए नेटवर्क से आप एक सही पैसिव इनकम के हकदार बनते हैं।

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