
Ludhiana: ज्यादातर लोगों को अपने सपने के विपरीत काम करना पड़ता है। कुछ लोग ही है, जो अपने सपने के अनुसार चीजों को पा पाते है। ज्यादातर लोगों का सपना होता है की वे अच्छा रोजगार पा सके और अपना जीवन अच्छे से चला सके।
परंतु कुछ लोगों में ऐसी ताकत होती है, जो अपने सपने को किसी भी कीमत पर पूरा करने के लिए आगे बढ़ते रहते हैं। लॉकडाउन के बाद से देखा गया है कि बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारी स्वयं का रोजगार चालू करने के लिए बड़ी-बड़ी करता है बड़ी बड़ी सैलरी को छोड़कर आए हैं।
यदि नौकरी लोगों को ऐसा देती है, तो व्यापार (Business) ही एक वह साधन है, जो लोगों को आर्थिक आजादी देता है। छोटा-मोटा काम भी एक समय के बाद बड़े स्तर में बदल जाता है। ऐसी ही एक कहानी है एक बैंकर (Banker) की जो के बैंक में कार्यरत थी और उस कार्य को छोड़कर स्पेशल गुण बनाने की राह में बड़ा चली। आइए विस्तार से जाने।
बनना चाहती थी बिजनेस वूमेन बन गई बैंकर
यह मामला है एक बैंकर का जो खुद को एक बिजनेसवुमन (Business Woman) बनाना चाहती थी, परंतु वर्ष 2019 में उन्होंने बैंकर की जॉब ज्वाइन की। उनका जॉब अच्छा चल रहा था पैकेज भी अच्छा था, परंतु उनके मन में खुद का स्टार्टअप (Startup) करने का जुनून था।
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2021 में जॉब के साथ अपने व्यापार की शुरुआत करने की ठानी। उनका व्यापार लोगों के जीवन में मिठास भरना। उन्होंने गुड से बनाए हुए प्रोडक्ट को उस खास तरीके से बनाया कि लोगों को उनके प्रोडक्ट खूब पसंद आए।
वे बताती हैं कि उन्होंने इस व्यापार के लिए अपनी नौकरी से बचाए हुए पैसे का इस्तेमाल किया। उन्होंने कुछ साल तक 24 घंटे में 20 घंटे काम किया है। बैंक से नौकरी करने के बाद भी घर आती और घर में अपने स्टार्टअप के आइडियाज पर काम करती।
उनके पैरंट्स नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी अच्छी खासी नौकरी को छोड़ कर इस काम में लग जाए। परंतु उनको खुद पर विश्वास था कि वे यदि फुल टाइम अपने व्यापार को देंगी, तो उनका व्यापार कुछ ही समय में सेटल हो जाएगा।
लोगों ने उड़ाया मजाक
उन्होंने जब नौकरी को छोड़ गुड़ (Jaggery) से बने उत्पाद बेचने का काम शुरू किया तो लोगों ने उसका खूब मजाक उड़ाया। कई लोग कहते हैं कि अब यह लड़की गली गली घूम कर गुड़ और शक्कर बेचेगी। इसके बाद भी उस लड़की ने अपनी मेहनत जारी रखी और आज की स्थिति है कि वे भारत के 22 जिले के साथ-साथ यूएई, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और कनाडा जैसे कई देशों में उनकी कंपनी काम कर रही है।

वे बताती हैं कि उन्होंने पिछले वर्ष लगभग 20000000 Ru का व्यापार किया था और वे अगले 5 साल में व्यापार को 100 करोड़ के टर्नओवर तक पहुंचाना चाहती है। उन्हें खुद पर भरोसा नहीं है कि वे इस व्यापार को अगले चरण तक बहुत जल्दी पहुंचेंगे। वे अपनी कंपनी जैगरकेन (Jagger Cane) के माध्यम से भारत के 22 जिलों में अपनी मिठास बांट रहे हैं। उनका कहना है कि वे उनके परिवार की पहेली एंटरप्रेन्योर है, जो अपने व्यवसाय को इस लेवल तक ले गई है।
जेगरकेन कंपनी की फाउंडर का संक्षिप्त परिचय
भारत के 22 जिलों में मिठास बांटने वाली कंपनी की फाउंडर नवनूर कौर पंजाब की रहने वाली है। उन्होंने अपनी शिक्षा लुधियाना से कंप्लीट की है। नवनूर के पिता प्रोफेसर हैं और उनकी माता स्कूल की प्रिंसिपल और उनकी दादी भी टीचर के पद पर कार्य करती रहे हैं।
नवनूर (Navnoor Kaur) ने अपनी शिक्षा में पंजाब यूनिवर्सिटी से बीकॉम ऑन में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने कैट की परीक्षा क्वालीफाई कर के आए एमटी गाजियाबाद में एडमिशन लिया और एमबीए किया।
एमबीए (MBA) के बाद उनका केंपस सिलेक्शन हो गया और उन्हें गुडगांव में बैंक में जॉब मिल गई। उन्हें अच्छे पैकेज पर काम मिला, परंतु वह बचपन से ही फूड बिजनेस करना चाहती थी। वे समय बचने पर अपने आइडियाज एक डायरी में नोट डाउन करते जाती थी।
डायबिटीज के खतरे ने दिया आईडिया
वे बताती हैं कि उनके घर में कुछ लोगों को शक्कर की बीमारी हो गई, जिसके बाद उनके जीवन से मिठास लगभग खत्म हो गई थी। घर में रिफाइंड शुगर आना बंद हो गई। यहां से उन्हें आईडी आया की शुगर पेशेंट के लिए कुछ प्रोडक्ट बनाया जाए जो उनके जीवन में मिठास भर सकें।
बस यहां से उन्होंने कुछ प्रोडक्ट से एक्सपेरिमेंट करना शुरू किया। उन्होंने घर पर गुड़ से बनी ढेर सारी रेसिपीज बनाई और लोगों को गिफ्ट में बाटी। लोगों को नवनूर की रेसिपी काफी ज्यादा पसंद आती थी। धीरे-धीरे उनका यह आईडिया (Business Idea) काम करने लगा।
अब उनके पास एक चैलेंज था अपने प्रोडक्ट बनाने के लिए प्लांट ढूंढना। प्लांट होने के दौरान उन्हें इस बिजनेस के को फाउंडर मिले जिनका नाम कोशल है। कौशल गन्ने गाते थे और सरकारी दाम पर बेचा करते थे परंतु कुछ परेशानियों के चलते वे अपने खेत में उगाए हुए गन्नों से गुण बना रहे थे। ऐसे में नवनूर को मैन्युफैक्चरर मिल गए थे। दोनों ने मिलकर इस व्यापार को आगे बढ़ाया।



