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Delhi: हमारे देश में जब कोई बच्चा पैदा होता है, तो उसे कैरियर के नाम पे दो शब्दों का सबसे अधिक प्रयोग होता है, या तो यह डॉक्टर बनेगा या इंजीनियर बनेगा। हर पेरेंट्स का सपना होता है, बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाना पर कुछ स्टूडेंट या पेरेंट्स इससे भी बहुत ऊपर कर सोचते हैं और वह सपना रखते हैं, यूपीएससी और आईपीएस जैसे कठिन और बड़े एग्जाम्स को क्वालीफाई करना।
ये एग्जाम इतने टॉप होते हैं कि लाखों लोग अपीयर होने के बाद कुछ 100 लोगों का ही सिलेक्शन हो पाता है, दिल्ली जैसे महानगर में लाखों स्टूडेंट दिन रात सिर्फ यूपीएससी की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन जब रिजल्ट आता है, तो पता चलता है कि 99 प्रतिशत लोगों का सिलेक्शन नहीं हो पाया।
आज जिनकी हम आपसे स्टोरी शेयर करने वाले हैं, उन्होंने ना केवल सेल्फ स्टडी (Self Study) करके यह एग्जाम निकाला, बल्कि वापस गांव में ही उन्होंने आखरी तैयारी की, सर्जना यादव आज यूपीएससी स्टूडेंट्स के लिए एक मिसाल बन गई है और खास तौर पर उन लड़कियों के लिए जो बड़ी कोचिंग लेने के लिए दिल्ली-मुंबई नहीं जा पाती।
दसवीं बारहवीं तक तो गांव में ही शिक्षा हासिल हुई
जानकारी के अनुसार दोस्तों सर्जना (Sarjana Yadav) ने अपनी शुरुआत की पढ़ाई अपने गांव में ही पूरी की 10वीं 12वीं तक की पढ़ाई के लिए उन्होंने किसी बड़े स्कूल का साथ नहीं पकड़ा, बल्कि अपने ही छोटे से गांव की स्कूल से 12वीं की।
आगे की पढ़ाई हायर स्टूडियो के लिए दिल्ली आ गई और दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इस दौरान भी संजना के दिमाग में उनका मुख्य गोल क्लियर था कि आज भले ही वह पढ़ाई के रूप में कोई भी डिग्री या जॉब हासिल करें पर आखिरी में उन्हें यूपीएससी ही करना है।
दिल्ली में जॉब के साथ-साथ की तैयारी यूपीएससी के लिए छोड़ी नौकरी
सर्जना को हमेशा से अपना अल्टीमेट गोल अर्थात यूपीएससी हासिल करने की जिद थी। परंतु उन्हें यह भी पता था कि यूपीएससी को क्वालीफाई करने में काफी समय लग सकता है, इसलिए उन्होंने तत्काल में TRAI के अंतर्गत एक रिसर्च ऑफिसर (Research Officer) के तौर पर जॉब ज्वाइन कर ली।
जॉब के दौरान उनका रहना दिल्ली में ही होता था और जॉब के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी में भी लगी हुई थी, पर जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, जॉब के प्रेशर के चलते यूपीएससी की तैयारी करने में होने अड़चन आने लगी तो यहां पर उन्होंने एक बड़ा डिसीजन लिया जहां लोग एक नौकरी के लिए इतना कुछ कुर्बान करने तैयार होते हैं।
वही सर्जना ने इतनी बढ़िया ऑफिसर वाली पोस्ट को अपने सपने के लिए छोड़ दिया अर्थात उन्होंने बिना संकोच करते हुए ट्राई की नौकरी को अलविदा कहा ताकि अपने अल्टीमेट गोल यूपीएससी को हासिल कर सके।
सेल्फ स्टडीज के लिए गांव की ओर वापसी
दिल्ली में जॉब छोड़ने के सजना के पास दो ऑप्शन थे या तो वो दिल्ली में ही रुक कर के किसी बड़े कोचिंग संस्थान से तैयारी करें लेकिन उन्होंने ऐसा ना करते हुए वापस अपने गांव की तरफ रुख किया और घर आकर के जुट गई वो तैयारी में, सेल्फ स्टडी करते हुए ही उन्होंने 2019 UPSC एग्जाम को क्वालीफाई करके 126वीं रैंक हासिल किया।
SARJANA Yadav ji ( IAS)#IAS #Yadav pic.twitter.com/YVf9UFGwhA
— Yadav sarkar official (@Yadavsarkar1111) September 19, 2022
आज उन्हें आईएएस (IAS Officer) के तौर पे अपनी सेवाएं सरकार को दे रही हैं। अभी हाल ही में उन्होंने अपने कलीग हिमांशु जैन जिन्होंने आईएएस में चौथी रैंक हासिल की थी, के साथ अपनी शादी का अनाउंसमेंट किया है और यह जल्दी शादी के बंधन में बनने वाले हैं।
सर्जना के कुछ सुझाव यूपीएससी स्टूडेंट्स के लिए
सर्जना (IAS Sarjana Yadav) से पूछे जाने वाले सवाल में कि आने वाले विद्यार्थियों को आप क्या मैसेज देना चाहेंगे, तो उन्होंने बताया कि यदि आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह जरूरी नहीं कि बहुत बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों का ही सहारा लें।
Meet IAS officer Sarjana Yadav, who secured AIR 126 in UPSC exam without coaching🙌🏻#prepaud
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— Prep-Aud (@prep_aud) December 18, 2022
कुछ सीमित किताबें चुनिए जो यूपीएससी (UPSC Exam) को क्वालीफाई करने में जरूरी है। उन्हें ही बार-बार लगातार पढ़ें, जरूरत से ज्यादा किताबें बदलना अधिक से अधिक राइटर्स को पढ़ना आपको डिस्ट्रेक्ट भी कर सकता है और वही एग्जाम के दौरान कन्फ्यूजन पैदा करता है। साथ ही बेहतर ट्रिक्स एवं लेटेस्ट अपडेट के लिए इंटरनेट का सहारा लें और रोज अखबार जरूर पढ़ें, जिससे आप करंट अफेयर्स के मामले में भी अपडेटेड रहे।



