
Purnia: देश के हर कोने में विभिन्न प्रकार की प्रतिभाएं है, जो खुद को साबित करने के लिए प्लेटफॉर्म तलाश करती हैं। हम कह सकते हैं कि भारत देश के हर छात्रों में एक कला छुपी हुई है, जो मंच मिलने पर खुद को निखार लेती है।
कहते हैं आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। इसी प्रकार 9 वीं कक्षा के छात्र ने आसमान में ड्रोन (Drone) को उड़ते देखा तब उसे समझ में आया कि इस चीज का उपयोग किसानों और प्रशासन दोनों को होगा इसीलिए उसने ड्रोन बनाने का फैसला किया। 9 महीने की मेहनत से उसने एक ड्रोन बनाया। आइए आगे के लेख में हम जानेंगे इस लड़के ने किस तरह इस ड्रोन को तैयार किया।
अभिराज की कहानी
बिहार (Bihar) राज्य के अंतर्गत आने वाला पूर्णिया (Purnia) जिला का एक नौवीं कक्षा का एक छात्र (9th Class Student) जिसका नाम अभिराज (Abhiraj) है। यह छात्र काफी होशियार है, इसके शिक्षक अजय सिन्हा बताते हैं कि अभिराज किसी भी चीज को बहुत जल्दी सीख लेते है।
उन्होंने आगे बताया कि जब इस बालक ने हवा में ड्रोन को उड़ते हुए देखा, तो उसके अंदर ड्रोन बनाने की जिज्ञासा जागृत हुई। तब इस नौवी कक्षा के बालक ने 250 मीटर ऊंचाई पर उड़ने वाला एक ड्रोन तैयार किया जिसके साथ उसके सपने भी आसमान में उड़ते हुए नजर आए या ड्रोन किसानों के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी मददगार है, क्योंकि यह ड्रोन स्मार्ट फीचर्स से बनाया गया है।
18000 RS की लागत से तैयार किया ड्रोन
बिहार के काबिल बेटे Abhi Raj ने जो अभी कक्षा नौवीं के ही छात्र हैं, उन्होंने इस ड्रोन को बनाकर यह साबित किया है कि बिहार टेक्नोलॉजी के मामले में काफी ज्यादा आगे हैं। अभिराज बताते हैं कि जब उन्होंने पहली बार आसमान में ड्रोन को उड़ते हुए देखा, तो उनके दिमाग में उसे बनाने का ख्याल आया और यह ख्याल उनका सपना बन गया।
वे पूरी मेहनत से इस ड्रोन को बनाने के लिए जुट गए और उन्होंने अपने सपने को वास्तविकता में बदल कर रख दिया उन्होंने इस ड्रोन को बनाने में इंटरनेट और शिक्षक की मदद ली और 9 महीने की मेहनत में इस ड्रोन को बनाकर तैयार कर लिया।
अभिराज का कहना है कि यह ड्रोन ना केवल किसान के, बल्कि पुलिस को उनकी इन्वेस्टिगेशन के लिए भी काफी ज्यादा मदद करेगा, क्योंकि उनका यह ड्रोन एडवांस फीचर (Advance Features) से बना है।
250 प्रति घंटा की स्पीड से चलता है ड्रोन
अभिराज बताते हैं कि यह ड्रोन 250 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलता है और इसमें स्मार्ट फीचर्स है जिसके माध्यम से किसान खेत के बीच की खराब फसलों का निरीक्षण आसानी से कर सकते हैं। यह फीचर किसानों के लिए काफी ज्यादा मददगार साबित होगा।
इसके साथ ही पुलिस डिपार्टमेंट के लिए भी यह ड्रोन काफी यूज़फुल है क्योंकि अक्सर पुलिस अधिकारियों को इन्वेस्टिगेशन के लिए ऐसी जगहों पर जाना पड़ता है, जहां जाना असंभव है, परंतु यह ड्रोन उन जगहों की निगरानी काफी ऊपर से और आसानी से कर सकता है।
5 किलोमीटर के दायरे में यह काफी आराम से अपना काम करता है और इसकी स्पीड भी 250 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिस हिसाब से इसकी स्पीड है। उस हिसाब से यह घंटों के काम को मिनटों में कर देगा।
अभिराज है एक होनहार विद्यार्थी
अभिराज के इस कारनामे से उनके स्कूल के सभी टीचर काफी ज्यादा खुश है, क्योंकि उनका मानना है कि नौवीं कक्षा के छात्र के हिसाब से अभिराज काफी तेज है। अभिराज के टीचरों का मानना है की एक स्कूली छात्र के लिए इतना बड़ा काम करना कोई आसान बात नहीं है।
अभिराज ने इस ड्रोन को इस तरह से डिजाइन किया है कि यह किसान और पुलिस डिपार्टमेंट के लिए काफी ज्यादा उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। अभिराज को उनके कामयाबी के लिए और उनके उज्जवल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।



