
Vidisha: माता पिता गरीब हो चाहे अमीर वह हमेशा से चाहते हैं कि उनके बच्चों को दुनिया की हर अच्छे से अच्छी चीज दें जिससे उनका भविष्य संवर जाए। अक्सर माता-पिता के मन में यह होता है कि जो उन्होंने झेला है उनके बच्चे कभी ना झेले। गरीबी समाज का एक कटु सत्य है जो हर किसी को झेलना ही पड़ता है।
हर व्यक्ति के जीवन में विषम परिस्थितियां आती हैं, उन परिस्थितियों से लड़कर ही इंसान सफल बनता है। देश में लाखों युवा ऐसे हैं जिनके अंदर प्रतिभा है, परंतु आर्थिक स्थितियों के चलते अपनी प्रतिभा को लोगों को दिखाने में असमर्थ हैं, परंतु यह जरूरी नहीं होता कि प्रतिभा अभाव में आकर छुप जाए उसे तो केवल एक मंच की जरूरत होती है जहां वह खुद को निखार सके।
खबरों के बीच में एक खबर ऐसी चल रही है, जिसमें एक गरीब पिता की बेटी का चयन इसरो में हुआ है। उसके पिता ने उसे अपनी पत्नी का जेवर गिरवी रख पढ़ाया और आज बेटी ने अपने पिता का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। तो आइए इस लेख के माध्यम से उस बेटी के बारे में विस्तार से जाने।
मध्य प्रदेश की सना अली की सफलता की कहानी
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) राज्य के अंतर्गत आने वाला विदिशा (Vidisha) जिला निकासा मोहल्ला के निवासी सना अली (Sana Ali) बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में काफी होनहार रही हैं। सना के पिता पेशे से ड्राइवर है और ड्राइविंग के पैसे से वह अपने परिवार को पालते थे और अपनी बेटी को पढ़ाते थे।
सना के पिता का ख्वाब अपनी बेटी को ऊंचाइयों पर देखना था, जो आज उनकी बेटी ने कड़ी मेहनत के बाद कर दिखाया है। सना के पिता हमेशा से चाहते थे कि उनकी बेटी देश की सेवा के लिए काम करें और आज उनका सपना पूरा हुआ।
आपको बता दें सना अली का सिलेक्शन सतीश धवन स्पेस सेंटर इसरो (ISRO) के लिए हुआ है। उन्हें टेक्निकल असिस्टेंट के पद (Technical Assistant Post) के लिए चुना गया है। इस खबर को सुनते ही उनका पूरा परिवार काफी खुश है और अपनी बेटी को उसकी सफलता के लिए आशीर्वाद के साथ शुभकामनाएं दे रहा है।
बेहद संघर्षों के बाद यह मुकाम हासिल किया सना ने
सना का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है, परंतु सना बचपन से ही पढ़ाई के मामले में होशियार रहे हैं और उन्होंने गंभीरता से अपनी पढ़ाई पूरी की है। उन्हें सफलता के लिए ढेर सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, उसके बाद ही वह यहां तक पहुंच पाई हैं।
उन्होंने विदिशा के सीटीआई कॉलेज से ही अपनी शिक्षा पूरी की है। सना को उनके परिवार से काफी ज्यादा सपोर्ट मिला है भले उनके पिता के पास अच्छा जीवन बिताने के लिए पैसा ना हो परंतु उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए कभी कमी नहीं की उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।
A driver’s daughter, Sana Ali, has now become a scientist at the prestigious Indian Space Research Organisations (ISRO), the national space agency. Sana, who hails from Madhya Pradesh’s Vidisha district#womenempowerment pic.twitter.com/D6oUZjpOam
— MIR ASHFAQ (@AshuMir6) January 17, 2023
एक समय ऐसा भी आया था जब सना के माता-पिता को उसकी पढ़ाई के लिए उसकी मां के गहने गिरवी रखने के जरूरत पड़ गई थी। सना के माता-पिता की इस समर्पण ने उन्हें उनकी बेटी की सफलता के रूप में बहुत ही अच्छा फल दिया है।
पिता ने अपनी बेटी की सफलता के लिए खूब मेहनत की
सना के पिता साजिद अली एसबीआई में ड्राइविंग करते थे। उन्होंने लैब असिस्टेंट का भी काम किया है। साजिद अली ने अपनी बेटी सना को पढ़ाने के लिए दिन रात मेहनत की उसे कभी यह एहसास नहीं होने दिया कि परिवार में उसकी पढ़ाई के लिए पैसे नहीं है।
सना के पिता ने लोन लेकर भी सना की पढ़ाई करवाई उनका परिवार काफी ज्यादा आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था एक समय ऐसा भी रहा जब आर्थिक तंगी के चलते सना की माता ने अपने जेवर को गिरवी रख उन पैसों का इस्तेमाल बेटी की पढ़ाई के लिए किया।
#VidishaNews: #Vidisha की सना बनी #ISRO में साइंटिस्ट, पिता है ड्राइवर ! | MP Tak@isro @vidishadm @ChouhanShivraj pic.twitter.com/Hrp2p1xyIo
— MP Tak (@MPTakOfficial) January 13, 2023
सना की सफलता पर उसे चारों तरफ से बधाइयां मिल रही है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ट्विटर के माध्यम से उन्हें बधाई दी है।
बेटी भी खुद का खर्च निकालने के लिए करती थी काम
एक रिपोर्ट के अनुसार सना अपने स्वयं के खर्चे निकालने के लिए बच्चों को ट्यूशन देती थी, साथ ही अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देती थी। पढ़ाई पूरी करते ही सना के परिवार ने उसकी शादी करने का फैसला लिया और उसकी शादी ग्वालियर के अकरम के साथ कर दी गई सना का पति अकरम भी पेशे से इंजीनियर है और उन्होंने अपनी पत्नी का उनकी सफलता में पूरा साथ दिया।
Sana Ali ,, Daughter of the bus driver became an ISRO scientist. Listen to what she has to say. pic.twitter.com/mmTzMotIex
— Syed Z🇮🇳INC (@syed_zakir_1947) January 17, 2023
सना को अपने ससुराल की तरफ से भी पूरा सपोर्ट मिला। सना की इस शानदार सफलता पर मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर ट्वीट कर कहा कि, “विदिशा की बेटी, सना अली को इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर में टेक्निकल असिस्टेंट के पद के लिए चयन हेतु ढेर सारी शुभकामना।



