इंजीनियरिंग और मास्टर डिग्री कर इन तीन भाइयों ने नौकरी नहीं की, यह बिज़नेस करके सफल हो रहे

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Herbal Tea Business
Pithoragarh 3 brothers started Herbal tea business. This tea brand demand increased in country and abroad. Tea business give success.

Photo Source: Social Media

Pithoragarh: रोजगार हर राज्‍य की बहुत ही गंभीर समस्‍या बन चुकी है। क्‍योंकि किसी भी राज्‍य के लिये अपने राज्‍य के सभी युवाओ को रोजगार दे पाना संभव नही हो पा रहा है। अगर हम उतराखंड (Uttarakhand) राज्‍य की बात करे, तो इस राज्‍य मे भी हर राज्‍य की तरह युवाओ ने शहरो की ओर रोजगार की तलाश में रूख करना प्रारंभ कर दिया है।

वही बहुत से युवा ऐसे भी है जिन्‍होंने रोजगार की जगह स्‍वरोजगार को अपनाना शुरू कर दिया है। आज के समय में कुछ युवा वर्ग ऐसे भी है, जो स्‍वरोजगार (Self-employment) के क्षेत्र में भी प्राकृतिक संसाधनो की सेहत का ध्‍यान रखते है।

उत्‍तराखंड के 3 भाइयो ने स्‍वरोजगार से अपने साथ साथ कई युवाओ की सवारी जिंदगी

इसके साथ साथ आज का युवा रोजगार मुहैया कराने के भी अवसर को बढ़ावा दे रहा है। आज हम इस पोस्‍ट में आपको ऐसे ही युवाओ के विषय में रूबरू कराने वाले है। यह युवा वह युवा है, जिन्‍होंने स्‍वरोजगार को काफी बढ़ावा दिया है।

आज की हमारी कहानी राज्‍य उत्‍तराखंड के पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जिले की में रहने वाले वाले भाइयो की है। यहाँ के तीन भाईयो ने स्‍वरोजगार का ऐसा अवसर ढूँढा है। जिसने सिर्फ इन तीन भाइयो की ही नही नही बल्‍कि अन्‍य बेराजगार युवको की भी जिंदगी सवार दी है।

चाय के क्षेत्र में बिजनेस कर तीन भाइयो ने बनाया अपना करियर

उत्‍तराखंड के इन 3 भाइयो की अगर हम बात करे, तो इन्‍होंने साथ में मिलकर चाय का बिजनेस किया है। हम जानते है कि चाय की डिमांड हर देश में कितनी ज्‍यादा है। भारत की तो चाय की डिमांड में बात ही अलग है। इसके बिना भारतीयो का दिन नहीं गुजरता। लेकिन विदेशो में भी चाय को एक महत्‍वपूर्ण पेय माना जाता है।

उत्‍त्‍राखंड के जिन भाईयो की हम बात कर रहे है उनका नाम सुमित, देवेश तथा अमित (Brothers Sumit, Dewesh, Amit) है। यह तीनो जोशी सगे भाई है। इन भाइयो ने इंजीनियरिंग, बीबीए तथा एमटेक जैसे बड़े बड़े कोर्स किये है। इन भाईयो ने यह सभी प्रोफेशनल एजुकेशन हासिल करने के बाद में नौकरी में अपना करियर बनाने की जगह स्‍वयं का बिजनेस करना सही समझा।

मिस्‍टर हब्‍ज नाम से शुरू किया चाय का बिजनेस

इन तीनो भाईयो ने मिलकर पिथोरागढ़ में हर्बल चाय का अपना बिजनेस (Herbal Tea Business) प्रारंभ किया। इन तीनो भाइयो में जो सुमित है, वह बायोटेक्‍नोलॉजी के छात्र रह चुके है, उनहोनें इस सब्‍जेक्‍ट से एमटेक किया है।

जिस कारण इन्‍हें हर्बल चाय के बारे में काफी ज्‍यादा जानकारी भी है। इन भाईयो ने मिलकर मिस्‍टर हब्‍ज नाम से चाय का बिजनेस शुरू किया। जिसकी डिमांड केवल हमारे देश में ही नही है, बल्‍कि इसकी डिमांड विदेशो में भी काफी ज्‍यादा है।

चाय में पूरी तरह हर्बल प्रोडक्‍ट को इस्‍तेमाल किया

इन भाइयो ने पहाड़ी उत्‍पाद में 7 तरह की ग्रीन चाय व 3 प्रकार की कही जाने वाली कैमोमाइल टी व मसाला टी बनाई है। इस चाय को बनाने के लिये उन्‍होंने पूरी तरह पहाड़ के हर्बल प्रोडक्‍ट यूज किये है।

उन्‍होंने हल्‍दी, शंखपुष्‍पी, त्रिफला, स्‍टार, ऐनीज, तुलसी, ब्‍लूबेरी, सिल्‍वेस्‍टर, जिमनेमा इन सभी स्‍थानीय प्रोडक्‍ट को अपनी चाय तैयार करने में उपयोग किया है। इन चायो की विेशेषताओ की बात अगर हम करे, तो यह प्राकृतिक चाय है। इसके साथ ही यह बहुत सी बीमारियो के लिये एक रामबाण ईलाज की तरह है।

युवाओ को भी दिया रोजगार

इस चाय का बिजनेस करके इन तीन भाइयो ने अपने लिये स्‍वरोजगार तो ढूँढा ही, साथ ही अपने क्षेत्र के बहुत से युवाओ को रोजगार भी दिया। यह भाई नौकरी के पीछे नही भागे। इन्‍होंने अपना बिजनेस करना सही समझा। यही कारण है कि यह भाई आज करोड़ो में कमाई करते है। वही इनकी पहचान भी भारत के साथ साथ विदेशो में है।

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