माता-पिता को महामारी में खोने वाली वनिशा पाठक बनीं देश की टॉपर, CBSE में 99.8 अंक हासिल किये

0
890
Vanisha Pathak Bhopal
Story of Vanisha Pathak who is MP CBSE Topper. Meet the Bhopal girl Vanisha Pathak, who fought all odds to become CBSE Class 10 topper from MP.

Bhopal: बीते साल वायरस की महामारी में जहां अब तक लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई वहीं कई बच्चों से मा-बाप का साया तक छीन लिया है। वायरस की महामारी में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों में एक वनिशा पाठक भी है, जिसने जिंदगी के इतने कठिन सफर में भी सीबीएसई (CBSE) के कठिन परीक्षा में 10वीं के रिजल्‍ट में 99.8 फीसदी अंक हासिल किए।

इस कठिन परिस्थिति में कितनी दिक्कतें आई होंगी इस बिन माता पिता की बच्ची पर, फिर भी मुश्किलों से जूझते हुए सफलता हासिल करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। जिस बच्चे के सर से 10th क्लास में ही मान बाप का छाया उठ जाए, तो वह बधाई ही छोड़ देते है और निराशा का जीवन जीने लगते है। इसके विपरीत इस बच्ची ने हिम्मत और जस्बे की मिसाल पेश की है।

मैं एक मजबूत लड़की बनूंगी डैडी

वनिशा (Vanisha Pathak) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) शहर के अन्‍य दो बच्‍चों के साथ टेबल टॉप (Top) भी किया है। वहीं कोरोना ने वनिशा के माता-पिता को छीना, तो वनिशा ने एक कविता में लिखा कि ‘मैं एक मजबूत लड़की बनूंगी डैडी, तुम्हारे बिना।’ आज वनिशा की यह कविता लोगो को प्रेरणा देने का काम कर रही है और लोग इस मासूम बच्ची की तारीफ करते नहीं थक रहे है।

एक हफ्ते के अंतराल में पापा और मां को खो दिया बहरहाल, कार्मेल कॉन्वेंट (भेल) की 16 वर्षीय छात्रा वनिशा बेहद नाजुक पलों से गुजर रही थी। वनिशा पाठक ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि मैंने एक हफ्ते के भीतर पापा और मां को खो दिया, मेरे सामने काला साया था और मुझे लगा कि मैंने अपने जीवन में सब खो दिया है, इसके साथ उसने कहा कि जब मैंने छोटे भाई को देखा तो मुझे अहसास हुआ कि 16 साल की उम्र में मुझे इसके लिए माता-पिता की जिम्‍मेदारी उठानी होगी ओर मुझे मजबूत रहने के साथ अपने जीवन और पढ़ाई फोकस करना होगा।

मेरे पिता का सपना था कि , मैं आईआईटी क्रेक (IIT Crack) करके देश की सेवा करूं वनिशा ने कहा कि मेरे पिता कहते थे कि, मैं आईआईटी या फिर यूपीएससी क्रेक (UPSC Crack) करके देश की सेवा करूं। अब पापा का सपना ही मेरा सपना है बन चुका है। बता दें कि वन‍िशा ने 10वीं में इंग्लिश, संस्‍कृत, साइंस और सोशल साइंस में परफेक्‍ट 100 का स्‍कोर किया है साथ ही मैथ में 97 फीसदी अंक हासिल किए हैं।

हम आपको ये बतां दें कि वनिशा के पिता जितेद्र कुमार एक कंपनी में फाइनेंशियल एडवाइजर थे, जबकि मां डॉक्‍टर सीमा पाठक पेश से सरकारी स्‍कूल टीचर थीं। वानिशा ने माता और पिता को आखिरी बार अस्‍पताल जाते हुए देखा। वनिशा से बात करते हुए हमने जाना उन्होने वनिशा ने कहा कि उसने अपने माता और पिता को आखिरी बार अस्‍पताल जाते हुए देखा, उस वक्‍त उन्‍होंने कहा था कि जल्‍दी मिलेंगे।

दुर्भाग्य है की वो कभी नहीं आए, इसके साथ उसने कहा कि मेरी मां से 2 मई को बात भी हुई थी, लेकिन उनकी 4 मई को अचानक मृत्यु हो गई, जबकि पापा से 10 मई को बात हुई थी और वह 15 मई को उन्होने उनका भी साथ छोर दिया। इस बार CBSE की 10वीं की परीक्षा में देशभर से करीब 21 लाख छात्र शामिल हुए थे। जिसमे से 99.04 फीसदी सफल रहे हैं, जबकि इस बार मध्‍य प्रदेश के छात्रों का सफल प्रतिशत 99.47 रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here