किसान ने लेमन ग्रास की खेती अपनाई और हर साल लाखों कमा रहे, कम लागत पर बड़ा मुनाफा

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Lemon Grass Farming
Lemon Grass Farming information in Hindi. Lemon Grass Cultivation Guide online. This Man Starts Lemongrass Farming and is Now Earning in Lakhs Money.

File Photo

Jabalpur: अभी समय में सबसभी को पैसे की जरुरत है। हर कोई मोटी कमाई (Earning Money) करना चाहता है। अनेक लोग जॉब करके और घाटे वाले व्यवसाय करके थक चुके हैं और कोई अन्न बिजनेस करना चाहते हैं, उनके लिए एक ज़बरदस्त व्यवसाय (Awesome Business) है। लेमनग्रास खेती की (Lemon Grass Farming) का आपने नाम सुना होगा और अगर नहीं सुना, तो हाँ आपको आज सभी बातें बता रहे है। इसे नींबू घास भी कहते हैं। इस खेती से बहुत मुनाफा कमाया (Earn money) जा सकता है।

आपको बता दें की लेमनग्रास के बिजनेस (Lemongrass Business) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने भी मन की बात इसका उल्लेख किया था। पीएम मोदी ने एक बार मन की बात में बताया था की देश की तरक्की में भी योगदान हैं। आपको उदहारण के तौर पर बताएं तो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ओम प्रकाश जो की केवल 10वीं तक पढ़े हैं। कभी उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी।

खेती की जो जमीन उनके पास थी, उसका काफी हिस्सा बंजर था। इसलिए फसल न के बराबर होती थी। वे मजदूरी करने लगे थे। तीन साल पहले उन्हें यूट्यूब के माध्यम से लेमन ग्रास की खेती (Lemon Grass Farming) के बारे में जानकारी मिली। फिर पालमपुर से बीज लाकर उन्होंने लेमन ग्रास की खेती शुरू की।

लेमन ग्रास से निकलने वाले तेल की बाजार में काफी मांग है। लेमन ग्रास से निकलने वाला तेल (Oil) कॉस्मेटिक्स, साबुन, तेल और दवा बनाने वाली कंपनियां इस्तेमाल करती हैं। यही कारण है कि मार्केट में इसके अच्छे खासे दाम मिल जाते हैं। इस खेती की सबसे खास बात यह है कि इसे सूखा प्रभावित इलाकों में और बंज़र ज़मीन पर किया जा सकता है।

यूट्यूब पर खेती के वीडियो देखकर आईडिया आया

किसान ओम प्रकाश एक हिंदी अखबार को बताते हैं की मैं हमेशा यूट्यूब पर खेती को लेकर वीडियो देखता था। एक दिन मुझे लेमन ग्रास की खेती (Lemon Grass Kheti) के बारे में खबर मिली। वीडियो के माध्यम से पता चला कि इसकी खेती के लिए किसी खास जमीन की जरूरत नहीं है और खर्चा भी कम है। फिर पता चला कि पालमपुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायोरिसोर्स टेक्नोलॉजी (IHBT) में इसकी ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद साल 2018 में मैं IHBT गया। वहां एक दिन की ट्रेनिंग के बाद 10 हजार प्लांट लेकर अपने गांव गया।

वापस अपने गांव आने के बाद उन्होंने बंजर जमीन पर ही इसकी प्लांटिंग की। कुछ ही महीने बाद जंगल ज़मीन पर हरियाली आ गई। साल 2019 तक 2 लाख प्लांट वे अपने खेतों में लगा दिए थे। प्लांट तैयार हो जाने के बाद ओम प्रकाश ने IHBT पालमपुर की सहायता से लेमन ग्रास से ऑयल निकालना सीखा। इसके बाद उन्होंने नीलकंठ इंडिया नाम से एक सोसाइटी बनाई और अपने गांव के किसानों को भी इससे जोड़ लिया। अभी 100 से ज्यादा किसान इनके साथ जुड़कर लेमन ग्रास की खेती कर रहे हैं।

आपको बता दें की ऑयल निकालने के लिए एक मशीन की जरूरत होती है, उनके पास नहीं थी। तब IHBT पालमपुर की हेल्प से एक मशीन की व्यवस्था हुई। इसके बाद वे ऑयल निकालकर इसकी मार्केटिंग करने लगे। फिर कुछ अखबारों में खबर आई और लोग उनके पास ऑयल खरीदने के लिए आने लगे।

लास्ट ईयर इन्होने करीब 6 लाख रुपए की कमाई की है। इस साल और अधिक कमाई की उम्मीद है। इस काम में लागत 20000 के आस पास ही आती है और मुनाफा 5-6 लाख का। ओम प्रकाश एक हिंदी अखबार को बताते है की फिलहाल लोग खुद मेरे पास आकर लेमन ग्रास के ऑयल ले जाते हैं। कई अस्पताल, होटल और बिजनेसमैन मेरे ग्राहक हैं।

लेमन ग्रास से ऑयल बनाने की विधि (How To Get Lemon Grass To Oil)

सबसे अच्छी बात यह है की लेमन ग्रास की खेती (Lemon Grass Cultivation) बहुत आसान है। इसके लिए किसी खास तरह की जमीन की जरूरत नहीं होती है। इस खेती को जंगलों और बंज़र जमीन में भी कियाजा सकती है। बरसात के सीजन में इसकी प्लाटिंग करना सबसे अच्छा है। सिंचाई के लिए बारिश का पानी ही काफी होता है। इसके लिए किसी तरह की खाद की भी कोई खास जरूरत नहीं होती है। एक बार फसल लगने के बाद चार से पांच साल तक इसका लाभ लिया जा सकता है।

लेमन ग्रास से ऑयल तैयार करने के लिए एक बॉयलर की जरूरत होती है। सबसे पहले लेमन ग्रास की पत्तियों को बॉयलर में अच्छी तरह से भर दिया जाता है। फिर उसे टाइट बंद किया जाता है। उसके बाद उसे स्टीम किया जाता है। स्टीम करने के बाद एक सेपरेटर के जरिए ऑयल निकलता है। इसे ठंडा करने के बाद क्वालिटी टेस्टिंग की जाती है। अब यह ऑयल मार्किट (Oil Market) में जाने के लिए तैयार हो जाता है।

लेमन ग्रास की खेती करने का बेहतर समय (Lemon Grass Farming Time) फरवरी से जुलाई के बीच है। एक बार लगाने के बाद इसकी छह से सात बार कटाई होती है। एक साल में तीन से चार बार कटाई होती है। लेमन ग्रास से तेल निकाला जाता है। एक साल में एक कट्ठे जमीन से करीब 3 से 5 लीटर तेल निकलता है। इस तेल के दाम 1000 रुपये से लेकर 1600 रुपये हैं।

लेमन ग्रास की डिमांड की वजह (Lemon Grass Oil Demand Reason)

लेमन ग्रास की पत्तियों और इसके ऑयल का उपयोग दवाइयों के निर्माण में किया जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक होता है। इन दवाइयों से सिर दर्द, अनिद्रा और डिप्रेशन में लाभ मिलता है। यह इम्यूनिटी बूस्टर का भी काम करता है। इसके ऑयल से साबुन, शैम्पू, क्रीम और कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट भी बनते हैं। लेमन ग्रास की पत्तियों से चाय भी बनती है।

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