सिंधिया के इस्तीफे के सही माइनों को समझने के लिए यहाँ पढ़ें। इस्तीफा एक मज़बूरी

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Bhopal: इस बार के लोकसभा चुनाव के रिजल्ट आने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी में गरमा गर्मी का दौर जारी हो गया था, जो अब भी जारी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफ़े के बाद अब एक और नया इस्तीफ़ा कांग्रेस की तरफ से आ गया है। मध्यप्रदेश की गुना सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया की करारी हार के वाद अब उनका भी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफ़ा आ गया है।

आपको बता दें की कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया की ‘जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए और ज़िम्मेदारी लेते हुए मैंने महासचिव पद से अपना इस्तीफ़ा राहुल गांधी को सौंप दिया है।’ सिंधिया ने आगे लिखा की ‘इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी निभाने का मौका दिया, उसके लिए राहुल गांधी का धन्यवाद।

इसके पहले चुनावों के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रभार सौंपा गया था, यहाँ पर सिंधिया असफल सावित हुए और पार्टी को बुरी तरह हार का का सामना करना पड़ा। सिंधिया ने न्यूज़ एजेंसी ANI को बताया कि ‘वो अपना इस्तीफ़ा तो दस दिन पहले ही राहुल गांधी को’ भेज चुके थे।


सिंधिया ने ANI को कहा, “मैंने अपना इस्तीफ़ा आज नहीं दिया है, मैंने अपना इस्तीफ़ा तो राहुल गांधी को 10 दिन पहले ही दे दिया था। किन्तु आज मीडिया ख़बरों में यह न्यूज़ आई, तो मैंने सोचा कि मैं खुद ही अपनी तरफ़ से इसे बता दूँ।”

आपको बता दें की मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने भी अपना इस्तीफ़ा दे दिया था और कहा था कि अब वो कांग्रेस पार्टी को संगठित करने के मकसद से राष्ट्रीय स्तर की भूमिका निभाना चाह रहे हैं।

इसका मतलब यह है की अब कांग्रेस पार्टी में बड़े उलट फेर होने शुरू हो गए है और आगे भी ऐसे ही समाचार मिलने की पूरी उम्मीद है। यह भी हो सकता है की कांग्रेस में अंदर ही अंदर कोई खिचड़ी पक रही है किन्तु उस खुचडी की सुगंध और स्वाद मीडिया और सोशल मीडिया को मिलने में कुछ समय और लगेगा।

असल में हमें मिल रही जानकरी के अनुसार, सिंधिया की ज़बरदस्त हार और उनके खराब प्रदर्शन और नेतृत्व में कमी को देखते हुए, राहुल गांधी एंड पार्टी के दवाब में सिंधिया ने 10 दिन पहले ही इस्तीफ़ा दे दिया था या उनसे इस्तीफ़ा दिलवा लिया गया था, किन्तु , इस खबर को मीडिया में देने के लिए सही समय ना होने के करण अब आज इस इस्तीफे का ऐलान किया गया।

आपको याद होगा की राहुल गांधी के अपने इस्तीफे पर हार की जिम्मेदारी लेते हुए, पार्टी के अन्न नेताओ को भी चेताते हुए कहा था की अन्न नेताओ को भी हार की ज़िम्मेदारी लेना चाहिए। मैं अकेला नहीं हूँ, अन्न नेताओं ने ठीक से काम नहीं किया।

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