समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को घोषणा कर दी है कि समाजवादी पार्टी उत्तरप्रदेश में वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव किसी के साथ नही लड़ेगी। किसी भी दल से चुनावी गठबंधन को स्वीकृति नहीं मिलेगी। समाजवादी पार्टी अपने काम और लोगो के लिए किए जा रहे विकास की नींव के बल पर चुनाव मैदान में उतरेगी और जनता का समर्थन प्राप्त कर अगली सरकार बनाएगी।
बीजेपी को जनता 2022 में सत्ता से सरकार पद से अलग करने का विचार बना चुकी है। वे पार्टी मुख्यालय में विभिन्न जिलों से आए सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो गई है। नोटबंदी-जीएसटी जैसे निर्णय से जनता और व्यापारी परेशान हो गए हैं।
इसका सीधा असर उद्योग-धंधे पर पड़ा है, बाजार में मंदी छाई हुई है। हर दिन युवा रोटी-रोजगार से वंचित किए जा रहे हैं। रुपये की साख लगातार नीचे स्तर पर आती जा रही है। प्रदेश सरकार कर्ज लेकर अपने झूठे कामों को दिखा कर ढोल बजा रही है।
बीजेपी की गलत नीतियों से उत्तरप्रदेश विकास की दौड़ में पिछड़ता ही जा रहा है। किसानों की आय दोगुनी तो हुई नही, वे अब भी कर्ज की समस्या से परेशान होकर अपनी जान दे रहे हैं। शिक्षित युवा बेरोजगारी के चलते जान दे रहे हैं।
अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की नीतियों से देश में लोकतंत्र पर संकट मंडरा रहा है। प्रदेश सरकार गरीबों, पिछड़ों और SC/ST के साथ इंसाफ नही कर रही है। सरकार अपराधियों को सजा देने से पीछे हट रही है क्योकि वह खुद उनके समर्थन में है। जनता लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रही हैं।
आज बसपा, कांग्रेस और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते हुए 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सपा सरकार बनाने का संकल्प लिया. pic.twitter.com/2ttBBr6J06
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 6, 2019
देश के स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों और आदर्शों की समस्या से आजादी खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है। जनता ही इस लड़ाई को जीत में परिवर्तित कर सकती है। समाजवादी पार्टी और जनता का परस्पर विश्वास है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि शांति व्यवस्था के खराब हालत के चलते प्रदेश में न तो उद्योग लग रहे हैं और न ही निवेश आ रहा है।
पुलिस वेबजह निर्दोषों का एनकाउंटर कर रही है। गरीब लोगो की कहीं सुनवाई नहीं है। दुष्कर्म के मामलों में उत्तरप्रदेश शीर्ष स्थान पर है। बीजेपी प्रदेश में आतंकवाद का माहौल बनाकर सुकून से सो रही है। असहमति उसे मंजूर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का भी मानना है कि उत्तरप्रदेश में अराजकता फैल चुकी है। शिक्षा और स्वास्थ्य में भी राष्ट्रीय औसत से उत्तरप्रदेश की ग्रोथ निचले स्तर पर है।



