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Delhi: उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास चौबेपुर से घटना को अंजाम देने के बाद से फरार विकास दुबे फरीदाबाद में 5 जुलाई से रहा था। इस दौरान वह और उसका एक खास साथी कार्तिकेय उर्फ प्रभात एक घर पर और होटल में रहे। कार्तिकेय, अंकुर और श्रवण को आज गिरफ्तार कर लिया गया हैं। परन्तु पुलिस की दबिश से पहले ही विकास दुबे भाग निकला है।
विकाश में साथी श्रवण को पकड़ने से पहले न्यायिक हिरासत में भेजने से पहले कोरोना टेस्ट करवाया गया, जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसका सीधा मतलब यह है की विकास दुबे एक कोरोना संक्रमित के सीधे संपर्क में था। अब उसे कोरोना वायरस से संक्रमित होने की भी पूरी संभावना है। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना संक्रमित पाए गए आरोपी को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एडमिट कर लिया है।
अब इसका परिणाम यह हुआ की विकास के तीनों गुर्गों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के सभी जवानों को कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आने तक क्वारंटीन कर लिया गया है। ओस मामले में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी से लेकर पूछताछ तक पूरी सावधानी बरती गई है। सभी से पर्याप्त दूरी बनाकर ही पूछताछ की गई है। सेनेटाइजर का इस्तेमाल किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फरीदाबाद पुलिस सूत्रों की जानकारी में कार्तिकेय उर्फ प्रभात ने जो बताया है कि विकास दुबे दिल्ली जाने की बात कह रहा था, वह सच है। उसके अलावा वह दिल्ली में सरेंडर करने की योजना बना रहा था। इसको लेकर उसने किसी दूसरे के मोबाइल से बात भी की थी। फिलहाल विकास दुबे के दिल्ली-एनसीआर में ही कहीं छिपे होने की पूरी संभावना बन रही है।
Man who gave shelter to Vikas Dubey tests Corona positive https://t.co/fz94zy6bbZ
— jitendra khatri (@Jitendr1543) July 8, 2020
विकास दुबे चौबेपुर फरार होने के बाद फरादीबाद आ गया और अपनी भाभी की मौसी के घर पर रहा। इसके बाद यहां से भी बाग़ गया। कानपुर केस के विकास दुबे पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। फरीदाबाद की स्पेशल टीम में अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, विकास दुबे के 2 साथियों प्रभात और अंकुर को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। अंकुर ने विकास दुबे की छिपने में हेल्प की थी। कार्तिकेय उर्फ प्रभात विकास दुबे के गांव का रहने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, चौबेपुर पुलिस ने 25 हजार के इनामी बदमाश श्यामू बाजपेयी को गिरफ्तार किया है।
विकास दुबे की तलाश ज़ारी है। उसके CCTV सामने आये है। फरीदाबाद में विकास दुबे पुलिस के हाथ आते-आते बच गया। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि कैसे पुलिस के आने से पहले वह एक ऑटो में सवार होकर भाग गया। मिठाई की एक दुकान के सामने खड़ा विकास करीब पांच मिनट तक वहां इंतजार करता रहा। उसने देख लिया था कि मिठाई की दुकान पर कैमरा लगा है, इसलिए वहां से हट गया मगर तबतक उसकी तस्वीरें कैद हो चुकी थीं।
#Exclusive #Breaking | Watch: CCTV visuals of Vikas Dubey in a sweet shop in Sector 87, Faridabad.
Details by TIMES NOW's Siddhant (from the sweet shop) & Vivek Narayan. pic.twitter.com/fBmdkQ3991
— TIMES NOW (@TimesNow) July 8, 2020
जानकारी के मुताबिक चौबेपुर पुलिस स्टेशन के निलंबित एसओ विनय तिवारी और बीट प्रभारी केके शर्मा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि विनय तिवारी से बुधवार सुबह से ही एसटीएफ की पूछताछ चल रही थी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। हालांकि अब ताजा जानकारी सामने आ रही है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। विनय तिवारी पर घटना वाले दिन पुलिस के बारे मे मुखबिरी करने का शक था। जिस वजह से उनको गिरफ्तार किया गया है।
विकास दुबे को नोएडा में देखने की सूचना हरदोई निवासी सुनील ने दी। सुनील गढ़ी चौखंडी मे रहता है और बिग बास्केट में जॉब करता है। एक मूर्ति चौराहे से गढ़ी चौखंडी अपने दोस्त के साथ आ रहा था। सुनील का कहना है कि विकास दुबे एक मूर्ति चौराहे से बैठा था, उसके पास बैग था। उसने शराब पी रखी थी। सुनील से उसने फोन भी मांगा लेकिन उसने उसे विकास को फोन नही दिया। पर्थला चौक पर उसने ऑटो से उतरने का बाद पुलिस को सूचना दी।



