अब इस राज्य में चीन का षड्यंत्र शुरू, ड्रैगन के हर कदम पर मोदी-शाह की नज़रें टिकी, जानें भौकाल

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Delhi: गलवान घाटी में टेंट लगाने और पूर्वी लद्दाख में भारत को सड़कें बनाने से रोकने की बात करने वाला चीन अभी भी अपनी नापाक हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है और भारत की सम्प्रभुता के खिलाफ ही हर कदम उठा रहा है। अभी हाल ही में लद्दाख से लगी गलवान घाटी पर विवाद शांत हुआ ही है की अब चीन की हरकतें भारत के एक दूसरे राज्य के पास होने लगी है। इस राज्य की सीमा भी चीन से लगती है।

खबर मिल रही है की चीन अब अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की सीमा के पास से सटकर बहुत ही तेज गति से सड़कें बनाने में लग गया है। इसके लिए चीन सभी इलाकों में काम करने में सक्षम एक्स्कवेटर का उपयोग कर रहा है। इन मशीनों को स्‍पाइडर एक्स्कवेटर के नाम से जाना जाता है। PLA चीनी सैनिक यह सड़क ब्रह्मपुत्र नदी के पास बना रहे हैं, जिस स्थान पर ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करती है। चीन में ब्रह्मपुत्र नदी को यारलुंग नदी कहा जाता है।

आपको बता दे की विदेशी मीडिया ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट’ की रिपोर्ट के अनुसार चीनी सेना के अंग तिब्‍बत मिलिट्री डिस्ट्रिक की तरफ से जारी एक वीडियो में क्लियर दिखाई दे रहा है कि चीनी सैनिक ब्रह्मपुत्र नदी के पास बहुत तेजी से सड़क बना रहे हैं। इस दौरान स्‍पाइडर एक्‍स्‍कवेटर का उपयोग किया जा रहा है। इसके जरिए पहाड़ी क्षेत्रों में आसानी से सड़क का बनाई जा सकती है। चीनी सेना बड़े स्तर पर इन एक्‍स्‍कवेटर का उपयोग कर रही है।

ऐसी खबरें आई है की चीनी सेना ने भारत से लगती सीमा पर विकास कात्या में बहुत तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। भारत भी इसके जवाब में लद्दाख और चीन से लगती सीमा पर सड़कें और आधारभूत सुविधाओं को बढ़ने में ध्यान दे रहा है। जिसके कारण दोनों ही देशों के बीच तनाव की स्थिति बन रही है। चीन ने आरोप लगाया था कि भारत पूर्वी लद्दाख में सड़कें बना रहा है, इसकी वजह से उन्‍हें हस्‍तक्षेप करना पड़ा है। लद्दाख से पहले डोकलाम में भी इस तरह का विवाद हो चुका है।

वहीँ दूसरी तरफ लद्दाख की घटना के बाद भारतीय सेना ने जरुरी कदम उठाते हुए पूरे LAC सहित अरुणाचल प्रदेश की सीमा में भी तैनाती बढ़ाई है। अरुणाचल प्रदेश में LAC का सीमा वाला हिस्सा पहले से ही संवेदनशील रहा है। पहले भी चीनी सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में भारतीय पैट्रोलिंग पार्टी को पॉइंट किया था। जिसके बाद से यहाँ सेना और सरकार की पैनी नज़र है।

इस बात के भी आसार है की लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में गच्चा खाने के बाद अपना मुँह फुला कर बैठा चीन अरुणाचल प्रदेश में कोई हरकत कर सकता है, क्योंकि यह इलाका पहले से संवेदनशील रहा है और यहां पहले भी चीन के सैनिकों से कई बार झड़पें हो चुकी हैं। चीन इस इलाके पर अपना दावा करता है। तनाव बढ़ने के बाद एलएसी में हर जगह भारतीय सेना अलर्ट है। यहाँ भी सेना की सुरक्षा तैनाती बढ़ाई गई है और संवेदनशील इलाकों में पैट्रोलिंग भी बढ़ाई गई है। सीमा के हर कोने पर सेना के जवान अपनी नज़रें ज़माएँ हुए है।

इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भारत चीन सीमा विवाद को लेकर चीन को जमकर अड़े हांथो लिया था। उन्होंने कहा था कि चीन का कोई भी पड़ोसी देश ऐसा नहीं है, जिसके साथ उसका सीमा विवाद न हो। हाल में ही चीन ने भूटान के साथ भी अपने सीमा विवाद का जिक्र किया है। उन्होंने लद्दाख में चीनी घुसपैठ को लेकर भारत की जवाबी कार्रवाई की भी जमकर प्रशंसा की थी।

भारत-चीन सीमा तनाव पर पोम्पियो ने कहा था कि मैंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस बारे में बात की। चीन ने बिना किसी उकसावे के कार्रवाई की थी और भारत ने इसका सॉलिड जवाब दिया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने हाल में ही भूटान के साथ सीमा विवाद का जिक्र किया था। हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं से लेकर समुद्र में वियतनाम के सेनकाकू द्वीपों तक चीन का सीमा विवाद है।

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