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Kanpur/Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गाँव की घटना के बाद अब UP पुलिस विकास दुबे को खोजने की कोशिश कर रही है। आठ पुलिसवालों के साथ घटना को अंजाम देने के बाद से ही विकास दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर है और अब पुलिस ने उसकी पड़ताल भी तेज़ कर दी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने उसके घर को भी JCB से घराशाही कर दिया है, इसके अलावा उसकी गाड़ी को JCB की मदत से पापड़ बना दिया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर जिले के चौबेपुर गांव की घटना में अपने प्राण गवाने वाले पुलिसकर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने रीजेंसी अस्पताल का भी दौरा किया, जहां कुछ अन्न पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है। CM योगी ने वीरगति को प्राप्त पुलिसवालों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की और कहा कि कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विकास दुबे की सारी प्रॉपर्टी की जांच
अब सूत्रों से खबर मिल रही है की प्रदेश सरकार ने विकास दुबे की पूरी प्रापर्टी को जप्त करने की तैयारी कर ली है। उसके सारे बैंक अकाउंट्स सीज किए जा रहे हैं। UP प्रशासन विकास दुबे की सारी प्रॉपर्टी की जांच कर रहा है की कितनी वैध और अवैध हैं। इसके अलावा मिली जानकारी के मुताबिक जाँच टीम इस मामले में कुछ पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि ये पता चल सके कि विकास दुबे को पुलिस के आने की खबर कैसे हासिल हुई थी। जिससे वो पहले से ही चौकन्ना हो गया था।
कानपुर मुठभेड़ में UP Police के वीर शहीदों का बदला लेती UP की योगी सरकार। योगी सरकार में टूटा विकास दुबे का गुरुर। घर हुआ जमीदोंज, गाड़ी को फुटबॉल बनाया। pic.twitter.com/OllZ8u4Stx
— sanatanpath (@sanatanpath) July 4, 2020
अब सूत्रों से खबर मिल रही है की प्रदेश सरकार ने विकास दुबे की पूरी प्रापर्टी को जप्त करने की तैयारी कर ली है। उसके सारे बैंक अकाउंट्स सीज किए जा रहे हैं। UP प्रशासन विकास दुबे की सारी प्रॉपर्टी की जांच कर रहा है की कितनी वैध और अवैध हैं। इसके अलावा मिली जानकारी के मुताबिक जाँच टीम इस मामले में कुछ पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि ये पता चल सके कि विकास दुबे को पुलिस के आने की खबर कैसे हासिल हुई थी। जिससे वो पहले से ही चौकन्ना हो गया था।
जानकारी देने वाले के लिए 50 हजार का ईनाम
साथ ही जाँच टीम लगभग 500 मोबाइल फोन पर नजर बनाए हुए है, ताकि विकास दुबे के बारे में जानकरी मिल सके। इसके अलावा आईजी ने विकास दुबे के बारे में जानकारी देने वाले के लिए 50 हजार का ईनाम रखा है। आपको बता दे की विकास की जानकारी देने वाली की पहचान गुप्त रखने की बात भी कही है। इसके अलावा इस मामले में अभी तक 12 लोगो से पूछताछ जारी है।
विकास दुबे के कॉल रिकॉर्ड खंगालने के बाद कानपुर एसएचओ विनय तिवारी को ड्यूटी पर लापरवाही बरतने के आरोप में शनिवार को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अफसर विनय तिवारी पर आरोप हैं कि उसने ही विकास दुबे को पुलिस के आने की सूचना दी थी। विनय तिवारी को विकास दुबे का का करीबी और खसम खास बताया जा रहा है।
एसएचओ विनय तिवारी का नाम भी सामने आया
आपको बता दे की ओस घटना के बाद जांच में जुटी टीम ने जब विकास दुबे की कॉल डिटेल्स जांची, तो उसमें कुछ पुलिसकर्मियों से बातचीत का मामला सामने आया, इसमें कानुपर के एसएचओ विनय तिवारी का नाम भी सामने आया। जिसके बाद उसको सस्पेंड कर दिया गया। जब कानपुर के बिकारू गांव में पुलिस की टीम विकास दुबे के घर पर पहुंची थी, तो इस विकास दुबे ने अपने समर्थकों के साथ आठ पुलिसकर्मियों की पर घटना को अंजाम दिया था।



