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कैंसर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए एक घातक बिमारी और मुसीबत है। कैंसर मरीजों के इलाज अपनी रिसर्च की वजह से दुनिया भर में विख्यात भारतीय मूल के 2 अमेरिकी डॉक्टरों ने भारत को लेकर चेतावनी जारी की है। भारतीय मूल के डॉक्टर दत्तात्रेयुडू नोरी और डॉक्टर रेखा भंडारी ने चेतावनी दो है कि अगर तत्काल और जरुरी कदम नहीं उठाए गए, तो भारत बहुत जल्द ‘कैंसर की सुनामी’ की चपेट में होगा।
आपको बता दें की विश्व विख्यात कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दत्तात्रेयुडू नोरी ने इस घातक बीमारी कैंसर से पीड़ित कई बड़े भारतीय नेताओं का इलाज किया हैं, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत नीलम संजीव रेड्डी भी शामिल हैं। डॉक्टर रेखा भंडारी दर्द निवारक दवाओं के क्षेत्र में अपने रिसर्च के लिए जानी जाती हैं। इन दोनों ने बताया कि हेल्थ एजुकेशन और रोग की शुरुआती चरण में ही पहचानने की जबरदस्त कोशिशों के जरिए ही भारत को ‘कैंसर की सुनामी’ की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है।
भारतीय मूल के दो डॉक्टरों ने आगाह किया
मीडिया में आई खबर के अनुसार भारतीय मूल के दोनों डॉक्टरों ने आगाह किया कि तत्काल जरुरी नहीं उठाए गए, तो उनका देश भारत आने वाले समय में इस भीषण बीमारी कैंसर की सुनामी की चपेट में आ सकता है। डॉ नोरी ने पीटीआई को बताया, ‘भारत में हर दिन कैंसर से 1,300 लोगों के प्राण जा रहे है। भारत में हर साल कैंसर के लगभग 12 लाख नए केस दर्ज हो रहे हैं।
2 Indian-American doctors seek to arrest tsunami of cancer in India https://t.co/C5YLkj3qoX
— Sagar Influence (@SagarInfluence) March 7, 2020
अमरीका के सर्वश्रेष्ठ भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर नोरी ने कई बड़े भारतीय नेताओं का सफलतापूर्वक इलाज किया है, किन्तु वह खुद को लो-प्रोफाइल रखना पसंद करते हैं। वह मीडिया से बातचीत से बचते हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर से भारत के लोगों को सामाजिक और आर्थिक तौर पर अनेकों बड़ी समस्याओं से सामना करना पड़ता है। यह बीमारी पीड़ित परिवार को गरीबी के दलदल फंसा देती है और सामाजिक असमानता को बढ़ावा देती है।
इंटरनैशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की भविष्यवाणी
विदेशी मीडिया में मुताबिक़ इंटरनैशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की भविष्यवाणी है कि भारत में 2030 तक हर साल कैंसर के लगभग 17 लाख नए केस सामने आएंगे। डॉ नोरी ने कहा, अगर हम जरूरी कदम नहीं उठाएंगे, तो भारत में कैंसर सुनामी की तरह हो जाएगी। महंगे इलाज की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में अगर किसी परिवार के किसी सदस्य में कैंसर की पुष्टि होती है तो अक्सर पूरा परिवार ही गरीबी रेखा के नीचे चला जाता है। उन्होंने इसे भारत में पब्लिक हेल्थ केयर की एक बड़ी चुनौती करार दिया है।
The medicine for cancer is available for Rs 6,500 in any market. At a Jan Ausadhi Kendra, it is available for Rs. 850 only.
Thus, the cost of healthcare has reduced significantly.
Crores of poor and middle-class people have benefited from this: PM #JanJanTakJanAushadhi pic.twitter.com/GE9pjg27Cr
— BJP (@BJP4India) March 7, 2020
आपको बता दें की 2015 में पद्म श्री से सम्मानित हुए डॉक्टर नोरी प्रधानमंत्री मोदी के ‘आयुष्मान भारत प्रॉजेक्ट’ और नैशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम बनाने के फैसले से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने इसे सही दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया था। डॉ नोरी और भंडारी दोनों ने कहा कि कैंसर के खतरे से निपटने के लिए अर्ली डिटेक्शन और हेल्थ एजुकेशन का तेजी से प्रसार बहुत जरूरी है।



