Jabalpur: जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते है, उनका दायरा बढ़ता जाता है। जब वह अपने घर की चार दीवारों से निकलकर बाहर जाते है। तो माता पिता इस समय उन्हें लेकर बहुत ही ज्यादा चिंतित हो जाते है। माता पिता को इस बात कि टेंशन हो जाती है, कि कहीं उनका बेटा या बेटी अगर गलत दोस्त बना लेगा तो उसमें भी गलत स्वभाव आ जायेंगें।
माता पिता को यह टेंशन होती है कि कहीं उनका बच्चा गलत लोगों के साथ रहना ना शुरू कर दे। उसके स्कूल, कॉलेज में पता नहीं किस तरह के लोग होंगे। इस तरह की ना जाने कितनी चिंताए माता पिता लेकर जीते है। अगर आप भी उन पेरंन्ट्स में से है, जो इस तरह की चिंता लेकर अपने बच्चो के लिए परेशान रहते है।
तो यकीन मानिए आप कोई पहले ऐसे पेरंन्ट्स नहीं है। अक्सर हर माता पिता इसी प्रकार की चिताऍं लिए रहता है। यह चिंता होना भी लाजमी है, क्योंकि बच्चों के विकास में उनके दोस्त उनकी संगति एक बहुत ही बड़ा रोल निभाती है।

बच्चों की अनहेल्दी फ्रेंडशिप हो जाना बहुत ही चिंता का विषय होता है। इस समय माता पिता का सचेत हो जाना बहुत ही आवश्यक होता है। इसी को ध्यान में रखकर आज हम कुछ ऐसे संकेत आपको बताएंगे जिससे आप यह जान पाएंगे कि आपका बच्चा कही गलत संगत में तो नहीं पड़ गया है।
अगर इस तरह के स्वभाव अपने बच्चों में आपको देखने मिले तो आपको अपने बच्चें के प्रति सचेत हो जाना ही उचित होगा। आज की यह जानकारी आपके बच्चे के नकारात्मक संगति के विषय में जानकारी देने के लिए बताई जा रही है। आइये बच्चे के स्वभाव से उसकी संगति को समझने का प्रयास करते है।
बच्चें की जिद और चिडचिड़ा स्वभाव
अगर आप अपने बच्चो को बहुत ही चिड़चिडे स्वभाव में देख रहे है। अगर आपका बच्चा इतना ज्यादा जिद करने लगा है कि आप उसे हेंडल नहीं कर पा रहे। वह हर बात पर गुस्सा हो रहा है, उसका स्वभाव पहले से पूरी तरह बदल गया है।

यकीन मानिए यह अनहेल्दी फ्रेंडशिप के लक्षण है। अगर आपका बच्चा इस प्रकार से बीहेव कर रहा है तो आपको देर ना करते हुए उससे बात करना चाहिए। बात करने से समस्याऍं सुलझती है। यह बात हम बहुत अच्छे से जानते है।
माता पिता तथा भाई बहन से दूरी
बच्चों का अपने माता पिता से और अपने भाई बहन से अलग लगाव होता है। वह उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सें होते है। लेकिन अगर आप देखें कि आपका बच्चा अब पहले कि तरह आपके पास नहीं रहता।
आपके साथ टाइम स्पेंड नहीं कर रहा या फिर अपने भाई बहन के साथ नहीं खेल रहा, उनके साथ ज्यादा समय नहीं बिता रहा। तो आपको समझ जाना चाहिए कि आपका बच्चा एक नकारात्मक फ्रेडशिप की और अपना कदम बढ़ा चुका है।
भाषा का परिवर्तित होना
बच्चें भाषा अपने परिवार के लोगो सबसे पहले सीखते है। लेकिन जैसे जैसे बच्चे बड़े होते जाते है। अलग अलग लोगो से मिलने कि वजह से उसकी भाषा भी परिवर्तित होने लगती है। अगर आप यह देखे कि आपका बच्चा अपनी भाषा में गलत शब्दों का प्रयोग करने लगा है।

तो आप समझ जाये कि आपके बच्चे ने जिन लोगों से दोस्ती की है उन लोगो कि भाषा सही नहीं है। जिसका असर उस पर भी पड़ रहा है। ऐसे में आपको अपने बच्चे पर ध्यान देना चाहिए उससे बात करनी चाहिए।
बच्चे का दोस्त बने फिर समझाए
अगर इन सब स्वभाव को आप अपने बच्चें में नोटिस करते है। तो आपको देर ना करते हुए इन समस्या से निपटने का रास्ता खोजना चाहिए। इस स्थिति में आपको अपने बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताते हुए उसे उसके दोस्तों से दूर रखने का प्रयास करना चाहिए।
आपको सबसे पहले अपने बच्चे का दोस्त बनना होगा। उसके बाद ही उसे अच्छी और बुरी संगति के विषय में बताए। क्योंकि अगर आप पेंरेन्ट्स बनकर अपने बच्चों को उनके दोस्तों के खिलाफ गलत बाते कहेंगे उन्हें लेक्चर देंगे। तो स्थिति सुधरने कि जगह और बिगड़ जायेगी।
बच्चों के दोस्तो से भी मिलते रहे
इसके अलावा आप अपने बच्चों के दोस्तों से भी मिलते रहे। क्योंकि दोस्तो से मिलने के बाद ही आपको अपने बच्चे कि संगति के विषय में सही जानकारी लग पाएगी। अपने बच्चों के दोस्तो से मिलने के लिए आप खुद ही अपने बच्चें से कहे।
अगर बच्चें में कोई गलत आदत आ गई है, तो उसे अच्छे ओर बुरे स्वभाव का फर्क करना सिखाए। उसे गलत व्यवहार के नुकसान के विषय में जानकारी दे। बच्चें में अगर गलत व्यवहार बहुत ही ज्यादा आ गया है। तो सीधे तोर पर अपने बच्चे को यह बताऍ कि आपको भी उसके इस व्यवहार से तकलीफ हो रही है। इसलिए वह अपने स्वभाव को बदलने का प्रयास करें।




