
Nainital: हर व्यक्ति को अपना जीवन यापन करने के लिए मेहनत तो करनी ही पड़ती है। चाहे यह कड़ी मेहनत पुरूष करे या कोई महिला इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि आजकल दोनों समान माने जाते हैं। कहा जाता कि यदि महिलाएं कभी अपने जीवन के संघर्षों के लिए मेहनत करती है, तो वह इतने आगे बढ़ जाती है कि पुरूषों को भी पीछे छोड़ देती हैं। हम जानते है की मेहनत एवं कठिन परिश्रम ही एक दिन हमारे जीवन मे रंग लाता है।
पंचर बनाने वाली कमला नेगी बनी मिसाल
आज के इस युग में कठिन काम सिर्फ आदमी ही नहीं महिलाए भी करती है। चाहे वह काम कितना भी कठिन क्यों ना हो अगर महिलाओं में लगन हो तो वह हर असम्भव काम भी कर लेती है। हम सभी ने अपने आसपास बहुत ही कम ऐसी महिलाएं देखी है, जो टायर पंचर बनाती हैं। परन्तु नैनीताल में रहने वाली एक महिला हैं। जो टायर पंचर (Tyre Puncture) का सारा काम कर लेती हैं।
हम आपको बता रहें कमला नेगी (Kamla Negi) के विषय में। कमला नेगी जिनकी उम्र अभी 54 वर्ष की है। वह बड़े से लेकर छोटे वाहनों के टायर पंचर बना लेती है। पिछ्ले 15 सालो से यह काम करके वह मिसाल बनी हुई हैं। उनके इस काम की वजह से ही लोग कमला जी को ‘आयरन लेड’ (Iron Lady) के नाम से बुलाने लगे हैं।
पंचर और साथ में सर्विसिंग का काम भी करती है कमला
कमला नैगी जी राज्य उत्तराखंड (Uttrakhand) के ज़िले नैनीताल के रामगढ़ के ओडाखन के ब्लाक में रहकर टायर के पंचर बनाती है। टायर पंचरो के साथ साथ वह कार व मोटरसाइकिल की भी सर्विसिंग (Motorcycle Service) करती है। इस काम से कमला महिलाओ को काम के प्रति उत्तेजित कर यह बता रही हैं कि हम महिलाए पुरूषों से कम नहीं हैं।
कमला नेगी की दुकान रामगढ़ से मुक्तेश्वर रास्ते पर ही है। जिससे उनकी दुकान पर वहां के लोगो के अलावा उस रास्ते से आने जाने वाले राहगीर भी अपने वाहनों के पंचर उनसे बनवाते हैं। क्योंकि उनकी पंचर दुकान (Punchar Shop) के 25 किलोमीटर के आस पास के रास्ते में एक भी दुकान पंचर की नहीं है।
पहले लोग कसते थे ताने आज वहीं लोग तारीफ करते नहीं थकते
हम सभी जानते हैं जो लोग कुछ नहीं कर सकते। फिर भी वह किसी को नीचा दिखाने में एक भी कसर नहीं छोड़ते हैं। कमला नेगी के काम के शुरुआत के दिनों में लोग तरह तरह की बातें बनाकर उनपर कमेन्ट करते थे। एवं उनके बारे बारे में अनेकों चुगलिया करके उनकी हंसी उड़ाया करते थे।
वह लोगों की बातों पर ध्यान दिए बिना अपने काम पर पूरा मन लगाती थी। उनका घर एवं दुकान दोनों पास था। जिससे वह सप्ताह के पूरे दिन काम करती थी, तथा आने जाने वाले लोगो की आश्यकता पड़ने पर तुरंत ही मदद कर देती थी।
लोग टायर डॉक्टर के नाम से बुलाने लगे
कमला नेगी जी बाइक के साथ साथ बस, जेसीबी और, ट्रक के भी पंचर का काम बड़ी जल्दी और अच्छे तरीके से कर लेती हैं। जिससे अब गांव के सभी व्यक्ति उनकी तारीफ करते करते थकते नहीं हैं। उनको अब लोग काम कि फुर्ती और लगन को देखकर “टायर डाक्टर” के नाम से बुलाने लगे हैं।
Nainital woman Kamla Negi can repair Bike to JCB tyre. She runs tyre puncture shop. pic.twitter.com/byNkI4TgbC
— sanatanpath (@sanatanpath) August 23, 2022
हम आपको बता दे की कमला ने पंचर बनाने का काम 2004 में प्रारंभ किया था। सबसे पहले पंचर का काम उन्होंने साईकिल के टायर पर किया था। उनको उसमे सफलता मिली, फिर उन्होने सभी बडे वाहनों के पंचर भी धीरे धीरे बनाना शुरु कर दिया।
कई संगठनों से हो चुकी के सम्मानित
कमला नेगी एक ऐसी संस्था से भी जुड़ी हैं, जो कि महिलाओ के लिए काम करने के साथ साथ कृषि क्षेत्र में भी योगदान करती है। जिस कारण उन्हे कई जगहों पर सामाजिक संगठन वालो ने सम्मानित भी किया है।
Iron Lady of #Uttarakhand Smt. Kamla Negi, am inspiring story pic.twitter.com/j5h9ZrtSfA
— CSI (@CSI7636102) July 25, 2022
उनके परिवार की बात करे तो कमला के पति और दो बच्चे हैं। कमला के पति का भी उनके इस काम में बहुत बड़ा सहयोग रहा है। उनका एक लडका है, जो देश की रक्षा के लिए बॉर्डर पर है और एक लडकी जिनकी शादी हो चुकी हैं।
वहीं कमला की बात कि जाए तो वह आज समाज और अन्य महिलाओ के लिए अपने काम की वज़ह से मिसाल बन गई हैं। देश की दूसरी महिलाओ के लिए यह बहुत ही गर्व की बात है।



