शादी के डर से खुद को 6 महीने तक कमरे में बंद किया और बिना कोचिंग के UPSC टॉप कर IAS बनी

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Nidhi Siwach IAS
Success Story of IAS Topper Nidhi Siwach. She Passes UPSC Exam Amidst Failure and Marriage Pressures, Know Her Strategy. The story of Nidhi Siwach who cracked the UPSC CSE exam and secured 83rd rank in 2018 without any coaching.

File Photo

Gurugram: हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वाली निधि सिवाच (Nidhi Siwach) ने एक बार फिर यह साबित किया है, छोरियां छोरों से कभी कम नई हैं। निधी ने UPSC की तैयारी के लिए खुद को 6 महीने तक कमरे में बंद कर लिया था।

इसके बाद जब वो IAS बनीं, तो सबसे पहले उनके परिवार वालों की छोटी सोच खत्म गई और हरियाणा (Haryana) की एक और लड़की उनके लोगों के लिए मिसाल बन गई, जिनकी सोच लड़कियो के लिए सीमित थी।

निधि ने यह साबित कर दिया है कि एक बार सफल (Success) होना काफी नहीं है। अगर मन करे, तो फिर से चुनौती ली जा सकती है और फिर से जीत हासिल की जा सकती है। निधि सिवाच में गुरुग्राम में 10वीं पास करने के बाद मैकेनिकल इंजीनरिंग (Mechanical Engineering) करने की बात कही तो सभी को आश्चर्य हुआ, क्योंकि यह तो लड़कों की फील्ड थी ओर वो तो एक लड़की थी। हालांकि निधी ने डिग्री भी हासिल की और नौकरी भी की।

हैदराबाद में दो साल नौकरी करने के बाद उन्हें यह बात समझ आई कि यह फील्ड उनके लिए नहीं है। वो इससे कहीं बेहतर हैं। निधी (IAS Nidhi Siwach) ने नौकरी छोड़ दी और पूरे मन से UPSC की तैयारी करने लगीं। मैकेनिकल इंजीनियर बनने के बाद बेटी का नौकरी को ठुकरा देना घरवालों को बिल्कुल रास नहीं आया और जब निधि दो बार UPSC में फेल हुईं, तो उनका जवाब भी निधि के पास नई था।

अब घरवालों ने साफ कर दिया कि लड़की या तो अपनी मेहनत से IAS बनेगी या हमारी मर्जी से दूल्हन बनेगी। निधि के ऊपर अब शादी (Marriage) का अतिरिक्त दबाव भी आ चुका था, लेकिन दबाव में ही कई लोगों की असली प्रतिभा निखरकर आती है। निधि भी उनमें से एक थीं।

निधी ने घरवालों की धमकी को चुनौती की तरह लिया और खुद को एक कमरे में बंद करके पूरी लगन ओर मेहनत से पढ़ाई करनी कि ठानी। पढ़ने में कुछ ऐसा मन लगा कि घरवालों से बात करने तक की फुरसत नहीं थी। आखिर उन्हें शादी से भी बचना था।

लगभग 6 महीने तक निधि ने इसी तरह मन लगाकर तैयारी की और UPSC की परीक्षा (UPSC Exam) पास कर IAS बनीं। उन्होंने ना ही किसी तरह की कोचिंग ली और ना ही सोशल ग्रुप में शामिल हुईं। इसके बावजूद उन्होंने सिर्फ अपनी मेहनत के दम पर 83वीं रैंक हासिल की। अब उन्हें उनकी मनपसंद इंडियन एडमिनिस्ट्रेशन सर्विस मिल चुकी है और सब कुछ उनके मनपसंद का हो रहा है।

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