दुल्हन को महसूस ना हो शहीद भाई की कमी, शादी में पहुंचे 100 कमांडो, खास अंदाज में हुई विदाई

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Jyoti Prakash Nirala
50 IAF commandos attend wedding of martyred jawan's sister Shashikala Nirala. The colleagues of Garud unit commando Jyoti Prakash Nirala good job.

File Photo Credits: Twitter

Patna: बिहार (Bihar) के एक ऐतिहासिक विवाह के बारे में बताने जा रहे हैं। ऐसा विवाह समारोह (Marriage Event) पहले कभी किसी ने नही देखा। जब भी किसी लड़की की शादी होती है, तो यह उसके लिए खुशी का पल होता है। इस शादी में पूरा परिवार एक साथ होने पर खुशी दोगुनी हो जाती है। विशेष रूप से एक लड़की की शादी में, उसका भाई बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

शादी की तैयारियों से लेकर बहन को भावनात्मक सहयोग देने तक, भाई की इस दौरान कई जिम्मेदारियाँ होती हैं। भाई के बिना बहन की शादी अधूरी सी होती है। दूसरी ओर, उधर लड़की के पिता को भी बेटे के होने पर बेटी की शादी में हेल्प मिल जाती हैं। हालाँकि, यह बिहार के काराकाट में रहने वाले तेजनारायण सिंह के की किस्मत में कुछ और ही लिखा था, उनका भाग्य उनसे रूठ गया हो मानो।

दरअसल, तेजनारायण सिंह की बेटी शशिकला (Shashikala) की शादी (Marriage) थी। तेजनारायण के बेटे और शशिकला के भाई कमांडो ज्योति प्रकाश निराला (Garud Commando Corporal Jyoti Prakash Nirala) ने अपनी बहन की शादी के लिए कई सपने देखे थे। लेकिन दुर्भाग्य से वह अपनी बहन की शादी को देखने के लिए जीवित नहीं रह सके और देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। दुल्हन को शहीद भाई की कमी महसूस ना हो इसलिए शादी में पहुंचे 100 कमांडो, एक अनोखे अन्दाज में दी विदाई।

बिहार में गत 3 जून को एक ऐतिहासिक विवाह समारोह हुआ, ऐसा विवाह समारोह, जो आज से पहले कभी नहीं हुआ, यह ऐसा विवाह समारोह था,
जिसमें दुल्हन को अपने इकलौते शहीद भाई की कमी नहीं महसूस हुई, शहीद के एक, दो नहीं, बल्कि 100 साथी जवान इस विवाह समारोह का हिस्सा बने और उन्होंने ऐसा कारनामा किया, जिसे न केवल बहन की आँखें भर आईं, बल्कि पूरी दुनिया हैरान रह गई।

सोशल मीडिया पर भी शशिकला निराला की शादी (Shashikala Nirala Marriage) के ख़ूब सुर्खियां बटोर रही है इसका वीडियो भी Viral हो गया हैं, जिसमें भारतीय सेना के 100 गरुड़ कमांडो (100 Garud Commando) शामिल थे, इन कमांडो के पहुँचने से शशिकला की शादी शाही शादी बन गई,शशिकला को अपने इकलौते भाई ज्योति प्रकाश निराला (Jyoti Prakash Nirala) की कमी नहीं होने दी। क्योंकि इन 100 गरुड़ कमांडो ने ने नई-नवेली दुल्हन को सगी बहन की तरह विदाई दी। ये देख सबकी आंखे नम हो गई थी।

धूमधाम से कराई शादी

इन कमांडो ने न केवल शशिकला की शादी की पूरी जिम्मेदारी उठाई, बल्कि धूमधाम से उनकी शादी कराई। यहाँ तक कि विदाई की मंगल घड़ी आई, तब इन 100 गरुड़ कमांडो ने दुल्हन को ज़मीन पर पैर नहीं रखने दिए। दुल्हन के हर कदम पर इन 100 गरुड़ कमांडो ने अपने हाथ बिछा दिए।

शहीद ज्योति प्रकाश निराला (Commando Jyoti Prakash Nirala) के साथी 100 गरुड़ कमांडो ने जिस तरह शशिकला के विवाह को उल्लास और उमंग से भर दिया, उससे पिता तेजनारायण सिंह की आंखों से आंसू नही रुक रहे थे, उन्होंने बेटी शशिकला के विवाह को अपने जीवन का सबसे स्मरणीय पल बताया और कहा कि बेटे ज्योति के साथियों ने शशिकला को इकलौते भाई की कमी खलने नही दी।

कमाने वाला का साया परिवार से उठ गया

वायुसेना (Indian Air Force) के शहीद जवान ज्योति प्रकाश निराला अपने घर के इकलौते बेटे थे। साथ ही अपने परिवार में वे इकलौते कमाने वाले भी थे। बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले ज्योति के शहीद होने के बाद परिवार को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा। परिवार ने एकजुट के साथ इस पल को जिया। बहन शशिकला बड़ी हो गई थी उसकी शादी की बात चलने लगी थी। लेकि समस्या ये थी कि परिवार से कमाने वाला का साया परिवार से उठ चुका था। बहन की शादी किसी बड़ी चुनौती से कम नही था।

दोस्तो ने कितने रुपये की दी सहयता

सही समय पर ज्योति प्रकाश निराला के रेजीमेंट के दोस्त शादी के समय पहुंचे और न सिर्फ बहन की शादी का समारोह संपन्न कराया, बल्कि 5 लाख रुपए की आर्थिक सहयता भी की। यही वजह रही कि शशिकला की विदाई के बाद ज्योति प्रकाश के घरवालों की आंखों से आँसू नही रुक रहते थे। ज्योति के माता-पिता ने कहा, हमने एक बेटा खो दिया, लेकिन उस बेटे के बदले आज हमें इतने सरे बेटे मिल गए। इन बेटों ने साबित कर दिया कि सैनिक के शहीद हो जाने के बाद भी उसका परिवार अकेला असहाय नहीं होता, बल्कि पूरा देश उसके साथ खड़ा होता है।

कौन थे गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला

ज्योति प्रकाश निराला भारतीय वायु सेना (IAF) की एक टुकड़ी गरुड़ कमांडो का हिस्सा थे, जम्मू के बांदीपुर जिले के चंदरनगर गाँव में आ-तंकवादियों के छिपे होने की इन्फॉर्मेशन पर निराला 18 नवंबर 2017 को आ-तंकवादियों के साथ मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हो गए थे। कश्मीर राइ-फल्स को ऑपरेशन चलाने के लिए कहा गया था, राष्ट्रीय राइ-फल्स की टुकड़ी में भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो भी मौजूद थे।

आ-तंकवादियों के खिलाफ इस ऑपरेशन का नेतृत्व गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला ने किया था। इसी बीच एक घर को घेरने वाले जवानों पर आ-तंकियों ने गो-लियां चला दीं और निराला अपने प्राण नही बचा पाए। ऑपरेशन के दौरान ज्योति प्रकाश निराला वीर गति को प्राप्त हो गए, जिसमें सरगना मसूद अजहर का भतीजा तलहा रशीद भी ढेर हो गया था।

राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से किया था सम्मानित

सरकार ने शहीद निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र (Ashok Chakra Award) दिया। वीरता पुरस्कार से सम्मानित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी ज्योति प्रकाश निराला की ओर से अशोक चक्र लेने पहुंची मां-पत्नी को यह सम्मान देते हुए भावुक हो गए। आज भी पूरा देश उनकी बहादुरी और वीरगति को याद करता है और दिल से सलूट करता है।

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