एकता को लोग बोझ कहते थे, उसी ने पैराओलंपिक एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीता: Inspirational Story

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Ekta Bhyan Story
Inspirational Story of Ekta Bhyan who is Indian Para Athlete and Haryana Civil servant. She is an Asian Champion. Ekta Bhyan wins Sportstar Aces 2020 Sportswoman of the Year.

Photo Credits: Twitter

Delhi: किसी काम को पूरी शिद्दत से करे तो कोई भी कायनात सफल होने से नही रोक सकती। कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो मुश्किलों के सामने घुटने नहीं टेकती। हुनार के आगे मंजिल का रास्‍ता खुद ब खुद बनता चलता है। हिसार की एकता (Ekta Bhyan) ने फिर से इस बात को साबित कर दिखाया है। बंगलुरू में आयोजित 19वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिसार की सहायक रोजगार अधिकारी एकता भ्‍याण ने दो गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीते हैं।

एकता ने क्‍लब थ्रो और डिस्‍कस थ्रो में अपना लोहा मनवाते हुए सोना अपने नाम किया। इन पदकों के साथ ही दोनों ही विधाओं ने एकता ने अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्‍थापित किया है। एकता पिछले पांच सालों से दोनों खेलों में चैंपियन है। आपदा के दौरान वे सही से प्रेक्टिस भी नहीं कर पाई थी, मगर अपने हुनार से 15 महीने बाद हुई इस प्रतियोगिता में उन्‍होंने खुद को एक बार फिर से साबित कर दिखाया है।

हरियाणा की एकमात्र महिला पैरा एथलीट हैं, जिनका पैरालंपिक में सिलेक्शन हुआ है। एकता टोक्यो में क्लब थ्रो गेम की कैटेगरी F-51 में हिस्सा लेंगी। उल्लेखनीय है कि एकता भयान एशियन पैरागेम्स जकार्ता में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा 6 अंतरराष्ट्रीय और 8 राष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। उनका एशिया में पहला रैंक है और अब वो पैरालंपिक टोक्यो में अपनी प्रतिभा दिखाएंगी।

पैरालंपिक गेम्स टोक्यो में 24 अगस्त से 5 सितंबर तक आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें ऐथलेटिकस की टीम में भारत की चार महिला खिलाड़ी भाग लेंगी। एकता भयान अभी हरियाणा रोजगार विभाग में सहायक रोजगार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। एकता भयान हिसार के अर्बन स्टेट में अपने परिवार के साथ रहती हैं। हिसार वासियों के लिए गर्व की बात है कि हिसार की खिलाड़ी का चुनाव पैरालंपिक टोक्यो के लिए हुआ है।

एकता का कमर के नीचे का भाग काम नहीं करने के बावजूद हिसार (Hihar) की एकता भ्याण ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में क्वालीफाई किया। यही कारण है कि हादसे के बाद जिस एकता को लोग खुद पर बोझ कहते थे उसी ने लोगों का नजरिया बदल कर रख दिया। उनका चयन नंवबर में दुबई में आयोजित हुई वर्ल्‍ड क्लब थ्रो चैंपियनशिप में बेस्ट परफोर्मेंस के आधार पर हुआ है।

दुबई में आयोजित इस प्रतियोगिता में हिसार की एकता भ्यान ने बेहतर खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर ओलंपिक की टिकट नवंबर 2019 में अपने नाम की थी। इससे पूर्व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी एकता के हुनार को सराहा और मन की बात में एकता का जिक्र किया था। एकता भ्यान हिसार में बतौर सहायक रोजगार अधिकारी के पद पर अपनी सेवा दे रही है।

करीब 15 पहले एक सड़क दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के कारण एकता के शरीर का कमर के नीचे का हिस्सा पैरालाइज्ड हो गया था। तभी से वह व्हीलचेयर के माध्यम से चल पाती है। मगर एकता भ्याण ने हार नहीं मानी। अपने होसलो को मजबूत बनाये रखा। लोगो के ताने को अपनी सफलता की सीढ़ी बना ली।

दुर्घटना के कई साल बाद एकता की वार्तालाप अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी अमित सरोहा से हुई। इस वार्तालाप के बाद एकता की जिंदगी मानो बदल गई। उसने खेल को चुना और कड़ा परिश्रम करना स्टार्ट कर दिया। यहीं से उसके जीवन ने करवट ली। जिंदगी जीने का नया मोड़ आया। कड़ी मेहनत कर विकट परिस्थितियों को हराते हुए खेल में कामयाबी हासिल करना शुरू किया। ये सिलसिला चलता रहा।

साल 2016 में एकता ने राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स खेल में स्वर्ण पदक जीता। साल 2018 में एकता भ्याण को दिव्यांगजन सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार 2018 का सम्मान मिला। इसके बाद कई पदक जीते और ओलंपिक में जाने का लक्ष्य बनाया। उनका लक्ष्य दुबई में आयोजित चैंपियनशिप में पूरा हुआ। आपदा के दौरान भी एकता घर पर रहकर ही प्रेक्टिस करती रहीं।

एकता का सपना है कि वे ओलंपिक में भारत के लिए गोल्‍ड मेडल जीतें। एकता को लोग बोझ कहते थे उसी ने कड़ी मेहनत कर लोगों का नजरिया बदल हरियाणा से पैराओलंपिक जाने वाले एथलेटिक्स के खिलाड़ियों में अकेली महिला खिलाड़ी बनी। देश और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करती इस बेटी पर हमें गर्व है। मैडल के लिए शुभकामनाएं।

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