उत्तरप्रदेश में हुए नागरिकता कानून विरोध से जो हानि हुई है उसकी जांच की जा रही है कि ये विरोध इतना अधिक कैसे बढ गया, दंगाइयों को भड़काने का काम किसने किया, जनता को मूर्ख बनाने में किसका हाथ है, इन सभी बातों को लेकर जांच की जा रही है। एक रिपोर्ट से सामने आया है कि ये काम बहुत दिनों से चल रहा था, बहुत दिनों से लोग इस काम को करने की तैयारी कर रहे थे, जनता को गुमराह करने का काम बहुत दिन से चल रहा था।
मीडिया में आई खबर के मुताबिक़ कई स्लीपर सेल बेकनगंज, चमनगंज, ग्वालटोली, बाबूपुरवा, यतीमखाना, बगाही जैसे इलाको में चाय की दुकानों पर नवयुवक को बच्चों को भड़का काम चल रहा था। CAA के विरोध में उत्तरप्रदेश के अधिकतर जिलों में उपद्रव के पीछे केरल के कट्टरपंथी समूह पॉपुलर फ्रंट इंडिया PFI का नाम अंजाम देने के लिए सामने आया है।
पुलिस ने की कारवाही में कुछ लोग पकड़े गए
पुलिस ने जिसकी जाँच में नदीम, वसीम, अश्फाक नामक तीन लड़को को पुलिस हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक प्रदेश के जिन जिलों से दंगाइयों को हिरासत में लिया है, उनका हाथ भी इसी संगठन से है। SIMI से रिश्ता रखने वालों को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ में लगी हुई है।
Is this democracy ?
Burning down Police stations, Attacking Policemen, Vandalizing public properties…Well the question is, who gave bombs to the protestors ??? A pre-planned Riot by Left wings.#lucknowprotest pic.twitter.com/ttZTYiakVC
— 😎🇮🇳 (@dtdubey200) December 19, 2019
उत्तरप्रदेश के कानपुर में जो उपद्रह दंगाइयों के द्वारा किया गया है उसमें AIMIM और सिमी से जुड़े नेताओं का नाम जुड़े होने की बात पहले ही सामने आ चुकी थी। PFI के कई नामो का उजागर हुआ, जो सिमी का ही लघु संगठन माना जाता था, जिसके कई लोग पहले सिमी के साथ ही थे, लेकिन फिर उससे अलग होकर नया संगठन बना लिया।
इस मामले में SIMI or PFI का हाँथ होना पाया गया
प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुआ खुलासा किया कि जिन लोगो ने उपद्रह किया था, वो लोग सिमी से जुड़े पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के हैं। जिन्हें पश्चिम के मालदा से हिरासत में लिया गया है। इस काम को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही पूरी प्लांनिग कर ली गई थी। लोगो का विश्वास जितने के लिए भड़काऊ पोस्ट को सोशल मीडिया पर फैलाने का काम तेजी से चल रहा था।
https://twitter.com/caustic_kanya/status/1207622972707495938
इसीलिए दोनों दिन हुए प्रदर्शनों में अधिकतर लोगों के हाथ मे छपे हुए पोस्टर्स थे। कानपुर के ही एक स्थानीय संगठन ने लोगो को समूह एकत्रित करने के लिए पोस्टर लगाकर उनसे शामिल होने की अपील की थी। लेकिन आक्रोश से भरे लोगो का आधिकारिक बाहरी नागरिकों ने किया था। जब वंहा के लोगो से इन दंगाइयों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उनको पहचाने से साफ इंकार कर दिया। अधिकतर दंगाई को वंहा के लोग जानते ही नही।
#lucknowprotest My city , which was peaceful even in 1947 ,is now suffering from this hooliganism in the name of protest
What kind of protest is this and who are these students?
Is this hatred really against the #CitizenshipAmmendmentAct or the result of Ram Mandir verdict? pic.twitter.com/dLhLEuEVR7— Atul Tripathi (@tripathi_619) December 19, 2019
Uttar Pradesh में CAA को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उपद्रह को लेकर अब तक 160 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमे 880 लोगो को पुलिस हिरासत में लिया गया है। 5200 से अधिक युवकों को गिरफ्त में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों से पुलिस दंगाई युवक की तलाश में जुटी है। पुलिस ने फुटेज में कैद दंगाई के पोस्टर हर चोराहे पर लगा दिये है, पहचान बताने वालों को इनाम की घोषणा भी की गई है।



