
Hisar/Haryana: बेटियां अपने माता पिता का गुरुर होती है। कई ऐसे गांव देखने को मिलेंगे जंहा आज भी बेटियों को बोझ समझा जाता है, उनको पढ़ने नही दिया जाता है। उनको अच्छी शिक्षा नही दी जाती। लेकिन हरियाणा में एक परिवार ऐसा है जो इन सब बातों से दूर है। उनकी बेटी उनकी शान है।
आज हर क्षेत्र में बेटियां बेटो से कम नही है। बेटियों ने भी हर क्षेत्र में अपने नाम का परचम लहरा दिया है। आज माता पिता गर्व से कहते है हमारी बेटियां देश की शान है। बेटी के हौसले को बढ़ाने के प्रधानमंत्री ने भी कई योजनाओं को सफल बनाया है। जिसमे बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ ने देश की बेटीयो को जीने की एक नई दिशा प्रदान की है।
देशवाल परिवार की बेटियों ने कमाल किया
भारत की बेटियां किसी से कम नहीं होती है। ये हरियाणा के एक परिवार ने साबित कर दिया है। हरियाणा के एक ही परिवार की तीन बेटियों ने देश की सेना में जाकर यह साबित कर दिया है कि बेटियां भी भारत माता की रक्षा करने के लिए तैयार है। हरियाणा के किसान प्रताप सिंह देशवाल हैं। देशवाल परिवार की बेटियों जा सपना था कि वो देश की सेवा के लिए सेना में शामिल हो उनके इस सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने उनको कभी रोका नही हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उनका हर पल साथ दिया देशवाल परिवार ने।
देशवाल के परिवार से कभी को कोई सेना में नही गया, लेकिन बेटियों के इस विचार से परिवार बहुत खुश था, लेकिन गांव के लोगो को ये बात समझ नही आ रही थी कि तीनों बेटियां का एक साथ सेना में शामिल होना। लेकिन पिता ने अपनी बेटियों का मनोबल कभी कम नही होने दिया। हमेशा देशवाल परिवार अपनी बेटियों के साथ खड़ा रहा।
तीनों बहनें पढाई में रही अव्वल
ये तीनों बहनें प्रीति, ममता, दीप्ति हैं, जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर लेने के बाद 2012 में सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया। उन्हें अलग-अलग कैंपस में ट्रेनिंग दी गई। दीप्ति को मुंबई में, प्रीति को कोलकाता में, ममता को पुणे में ट्रेनिंग मिली।
रोहतक के किसान प्रताप सिंह देशवाल की दो बेटियां प्रीति (23) और दीप्ति (22) और भतीजी ममता (24) ने एक साथ आर्मी ज्वॉइन की। @MPNaveenJindal pic.twitter.com/vwVmLb3IRi
— Abhishek Garg{Ankit}🇮🇳 (@ankitgarg_inc) January 3, 2017
हरियाणा के रोहतक के किसान प्रताप सिंह देशवाल की दो बेटियां प्रीति और दीप्ति है। उनकी भतीजी ममता तीनो ने मिलकर ये कामयाबी हासिल की। जिससे अपने परिवार के साथ अपने गांव का नाम भी रोशन किया। देशवाल परिवार को अपनी बेटियों पर गर्व है।
परिवार ने अपनी बेटियों के हौसले को कम नही होने दिया
गॉव के लोगो ने जब इस खबर को सुना, तो बहुत बात करने लगे कि सेना में लड़कियां जाकर क्या करेंगी, इन सब बातों को बिना सुने देशवाल परिवार ने अपनी बेटियों के हौसले को कम नही होने दिया। इस मुकाम को हासिल करने के लिए उनके जीवन मे बहुत चुनोतियो सामने आई लेखों उन्होंने मिलकर हर चुनोतियो का मुंहतोड़ जवाब दिया।
प्रीति और दीप्ति के साथ उनकी चाचा की बेटी ममता ने सेना की मेडिकल कौर में लेफ़्टिनेंट के पद पर सफलता हासिल की। अगर किसी काम को करने की ठान लो तो कठीन परिस्थिति भी उनके सामने झुक जाती है। यही बात साबित की देशवाल परिवार की बेटियों ने।
आर्मी मेडिकल कोर में भर्ती होने के बाद उनको अलग-अलग राज्य में पोस्टिंग मिली। तीनों बहनें सैन्य हॉस्पिटल में काम कर रही हैं, जो अलग-अलग स्थनों पर हैं। दीप्ति आगरा में नियुक्त की गई, ममता सैन्य अस्पताल रानीखेत में, जबकि प्रीति तमिलनाडु के वेलिंगटन में नियुक्त की गई। तीनो बहनों ने अपने हौसले से अपने सपनो को पूरा कर दिखाया।



