
लखनऊ पूरे देश को अयोध्या भूमि विवाद केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बेसब्री से प्रतीक्षा है। मामले में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ सुनवाई समाप्त कर चुकी है। आशा की जा रही है कि 17 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के रिटायरमेंट से पहले इस मामले का निर्णय भी सामने आ जाएगा। इस निर्णय को लेकर उत्तर प्रदेश में सुर्खियों का माहौल बन गया हैं।
सभी के मन मे राम मंदिर के फैसले को लेकर इंतजार है। एक तरफ प्रदेश सरकार ने निर्णय के बाद किसी भी अनोपचारिक हालात से निपटने के लिए प्लांनिग शुरू कर दी है। वहीं राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे RSS ने भी अपने कई खास ईवेंट रद्द कर दिये है। इनमें प्रदेश लेवल के कई प्रोग्राम सम्लित हैं।
अब या तो वो वह अयोध्या में दुर्गा वाहिनी का शिविर या लखनऊ में होने वाला एकल कुंभ हो सभी रद्द कर दिए गए हैं। वहीं कार्यकर्ताओं को अपने निर्धारित केंद्रों पर ही रहने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक प्रचारकों को निर्देश हैं कि वे अपने संबंधित केंद्र पर ही रहें। वहीं रहकर ही वे अपने संबंधित इलाको में संगठन के कार्यो का पर्यवेक्षण और विस्तार काम देखें।
Members of the #RSS assembled on Wednesday to deliberate on the possibilities after the #SupremeCourt announces its verdict on the #Ayodhya land dispute case in the coming days. Several RSS leaders including #BhaiyajiJoshi and chief #MohanBhagwat are attending the meet. pic.twitter.com/leaea6FI1n
— IANS (@ians_india) October 30, 2019
वैसे दिल्ली के छतरपुर में RSS और विश्व हिंदू परिषद VHP कोर ग्रुप की मीटिंग से पहले भी RSS ने अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडल में पोस्ट किया है कि, “श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के मुकदमे पर शीर्ष न्यायालय का फैसला जल्द आने की उम्मीद है। फैसला जो भी आए उसे सभी खुले मन से स्वीकार करें। यह सबका दायित्व है कि फैसले के बाद पूरे देश का माहौल सौहार्द्रपूर्ण बना रहे।”
जानकारी के मुताबिक लखनऊ में 17 नवंबर से RSS का एकल कुंभ आयोजित होना है, लेकिन इसे रद्द किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। दूसरे ओर अयोध्या में 4 नवंबर से दुर्गा वाहिनी के शिविर लगना था, उसे भी रद्द कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त विश्व हिंदू परिषद द्वारा प्रदेश में आयोजित होने वाले त्रिशूल दीक्षा प्रोग्राम को भी रद्द कर दिया गया है।



