रायगढ़ जिले के सभी 9 जनपदों में ऐसे तकरीबन 792 नागरिक हैं, जिन्हें प्रथम किस्त की राशि 3 करोड़ 80 लाख रुपए 792 लोगो को मिलने पर भी उन्होंने मकान की जगह ख़रीद लिए TV और गाड़ी और नहीं बनाया अपना मकान है। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बर्ष 2022 तक देश में सभी लोगो को रहने के लिए घर मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकार मकान बनाने के लिए गरीबों के एकाउंट में पैसे भिजवा रही है, लेकिन लोग को मकान की जगह कुछ और ही लेना है जो पैसे मिले लोगो को उसे वो अपने मे खर्च कर रहे हैं। लोगो ने उस रुपयों से गाड़ी खरीद ली तो कोई TV, फ्रिज और कूलर खरीदकर ले आया।मकान का तो कोई अतापता नही है, जिसके लिए सरकार ने पैसे दिए उसका लोग सही तरह से उपयोग नही कर रहे है।
उस पैसे से वो अपने जरूरत की चीजें ले रहे है। गरीब लोगों के मकान के नाम पर कहीं पत्थरों का टीला है तो कहीं झोपड़ियां बनी हुईं हैं। इन लोगो से तंग आकर जिला पंचायत ने ऐसे लोगों से राशि वापिस करने के लिए SDM को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
रायगढ़ जिले के सभी 9 जनपदों में ऐसे करीब गरीब 792 लोग हैं, जिन्हें प्रथम किस्त की राशि 3 करोड़ 80 लाख रुपए मिलने पर भी उसका सही जगह उपयोग नही किया।पैसे मिलने के बाद भी मकान का कोई नामोनिशान नहीं बनाया गया है।
खवरो के मुताविक जिला पंचायत की तरफ से PM आवास योजना के अंतर्गत गांव के लोगो को तीन किस्त में राशि जारी की जाती है, जो उनके बैंक एकाउंट में डाली जाती है।
सूत्रों से मिली खबरो के मुताबिक वर्ष 2011 सर्वे की सूची में नाम मौजूद होने पर प्रथम किस्त की राशि 48 हजार रुपए मकान का निर्माण करने के लिए दि जाता है। इसके बाद दूसरी किस्त के अंतर्गत 48 हजार पुनः से दी जाती है। इसके बाद अंतिम और तीसरी किस्त के अंतर्गत 24 हजार रुपए दिए जाते हैं। वहीं मकान पूरा बनने के बाद मनरेगा से मजदूरी के लिए 15 हजार रुपए दिलवाए जाते हैं।



