मोदी सरकार ने लॉन्च की बांस की बोतल, जानिए कीमत और खासियत के बारे में

0
767
bans ki bottles
Nitin Gadkari launches cow dung soaps and bamboo bottles. bans ki bottles news. Visited and inaugurated range of Khadi products at Khadi India outlet, New Delhi.

Delhi: 2 अक्टूबर से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने की प्लानिंग में है। इसीलिए सरकार एक नया विकल्प लेकर लाई है। इसके विकल्प के तौर पर एमएसएमई मंत्रालय MSME के नेतत्व में कार्यरत खादी ग्रामोद्योग आयोग ने बांस की बोतल का को निर्मित किया है, जो प्लास्टिक बोतल की जगह उपयोग की जाएगी।

केंद्रीय MSME मंत्री नितिन गडकरी ने बांस की इस बोतल को एक प्रोग्राम के दौरान लॉन्च कर दिया है। इस बांस की बोतल की स्टोरज क्षमता कम से कम 750 Ml की होगी और इसका मूल्य 300 रुपये से Start होगा। यह बोतलें पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ मजबूत और टिकाऊ भी हैं। 2 अक्तूबर से खादी स्टोर में इस बोतल का बिकना प्रारंभ हो जायेगा।

बांस की बोतलें मार्किट में लाने ला मुख्य कारण

2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सरकार पूरी तरह से पाबंदी लगा रही है। हालांकि KVIC द्वारा पहले ही प्लास्टिक के गिलास के स्थान पर मिट्टी के कुल्हड़ बनाने की प्रकिया का शुभारंभ हो चुका है। इस प्रक्रिया के चलते अभी तक मिट्टी के एक करोड़ कुल्हड़ का निर्माण किया जा चुका हैं।


KVIC ने वित्त साल के आखिरी तक एक करोड़ की क्षमता को तीन करोड़ तक ले जाने का टारगेट रखा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कहा जा रहा है कि इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। नितिन गडकरी बांस की बोतल के अतिरिक्त खादी के अन्य Product भी लॉन्च किये है। नितिन गडकरी ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर 2 अक्टूबर से खादी ग्रामोद्योग उत्पादों पर विशेष छूट दिए जाने का ऐलान किया और कई नए उत्पादों का शुभारंभ किया।

KVIC के चैयरमैन वी के सक्सेना की मीडिया से बात

केवीआईसी के चैयरमैन वी के सक्सेना ने मीडिया में बताया की एक अक्तूबर को बांस की बोतल के साथ MSME मंत्री कच्ची घानी सरसों का तेल की ब्रिकी को भी लांच करेंगे। इस काम के शुरू होने से भारी संख्या में रोजगार और लघु उद्योग उत्पन्न होंगे।

उन्होंने बताया कि पूरे विश्व में भारत बांस का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश हैं, किन्तु हम इसका उपयोग अपने उत्पादों में 5 फीसदी भी नहीं कर पाते हैं। दूसरी ओर चीन अपने फर्नीचर के निर्माण में 90 फीसदी तक बांस का उपयोग करता है। आगे बताया कि बांस की बोतल की कीमत उनके आकार और छमता पर निर्भर करेगी। इसके साथ सोलर कपड़े सोलर चरखा से बना, शैम्पू, गोबर से बना साबुन और कच्ची घानी सरसो तेल सहित कई उत्पाद को शुभारंभ किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here