हिमाचल में गज़ब नियम: नशे में धुत्त हो सड़कों पर घूमने वाला व्यक्ति BPL सूची से बाहर होगा

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Ek Number News
Himachal Government Framed New Rules For Bpl Families. News on fake BPL beneficiaries in Kangra district Himachal. Liquor and wine persons may not take BPL beneficiaries in Himachal, Said by Panchayat Pradhan Punam Thakur.

Kangra, Himachal: मामला कांगड़ा जिला के उपमंडल देहरा अंतर्गत डोहग पलोटी पंचायत का है। निर्णय पंचायत की प्रधान पूनम ठाकुर ने लिया है। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों ने यह निर्णय ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए लिया है, जो वैसे तो बीपीएल (BPL) में शामिल होने के लिए गरीब बने रहते हैं और रोजाना शराब का सेवन करते हैं। पंचायत ने चेतावनी दी है कि खुद को जानबूझकर गरीब दर्शाकर सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों को भी सूची से बाहर कर दिया जाएगा।

जिनके बच्चे प्राइवेट स्कूल है, उनका नाम भी BPL कटेगा

उन्होंने कहा कि रोजाना 300 रुपए की शराब खरीदने वाला व्यक्ति गरीब कैसे हो सकता है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जिनके बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं उनका नाम भी बीपीएल लिस्ट से काट दिया जाएगा। गौरतलब है कि डोहग पलोटी पंचायत की पहली ग्राम सभा हुई है। जिसमें प्रधान पूनम ठाकुर ने कहा कि उनकी पंचायत विकास कार्यों के लिए वचनबद्ध है तथा उनके कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव के कार्य किया जाएगा।

हर को समान रखा जायेगा। जो भी व्यक्ति उनके पास किसी समस्या को लेकर आएगा पंचायत उसका भरपूर सहयोग करेगी। उनकी समस्याओं को जल्द ठीक करने की कोशिश करेगी। उपद्रवियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर प्रधान पूनम ठाकुर, पंचायत सचिव विजय कुमार, उप प्रधान यशपाल व समस्त वार्ड सदस्य उपस्थित रहे।

पंचायत ने चेतावनी दी है कि खुद को जानबूझकर गरीब दर्शाकर लोग गलत फायदा उठा रहे है। जिसको सच मे जरूरत है उस तक फायदा पहुच ही नही पता है। गलत फायदा उठाकर सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों को भी सूची से बाहर कर दिया जाएगा। सरकाघाट क्षेत्र में इस बार चुनी गईं पंचायतें जन सुधार एवं भ्रष्टा-चार को समाप्त करने के लिए नए-नए फरमान जारी कर रही हैं। हर व्यक्ति के हिट में रहकर काम किया जायेगा।

कोई भी व्यक्ति गलत फायदा ना उठाये। नही तो उस पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। भांबला पंचायत प्रधान सुनीता शर्मा ने कहा कि वैसे तो सभी स्थानों पर ऐसा देखा जाता है, लेकिन वह अपनी पंचायत में ऐसा नहीं होने देंगी। जो भी व्यक्ति नशे में धुत होकर ऐसा पाया जाता है तो उसे बीपीएल सूची से बाहर कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वह व्यक्ति कहां का गरीब है, जो रोजाना 300 रुपये की शराब की बोतल खरीदता है। उन्होंने कहा कि उनकी पंचायत ने इस फरमान को पूरी तरह से लागू करने का फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की भांबला पंचायत में नशे में धुत होकर सड़कों पर घूमने या कहीं भी पड़े मिलने पर उसका नाम बीपीएल सूची से बाहर कर दिया जाएगा। प्रधान के इस निर्णय पर अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भी सहमति जताई है।

बीपीएल में शामिल होने के लिए गरीब बने रहते हैं

पंचायत प्रतिनिधियों ने यह फैसला ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिया है, जो वैसे तो बीपीएल में शामिल होने के लिए गरीब बने रहते हैं और रोजाना शराब का सेवन करते हैं। नशे में धुत होकर सड़कों, गलियों और इधर-उधर पड़े रहते हैं। शराब पीने के लिए पैसा तो रहता है लेकिन परिवार चलाने के लिए नही।

यह निर्णय उन लोगों को सबक सिखाने के लिए लिया है, जो रोजाना शराब के नशे में धुत रहते हैं और बीपीएल की सूची में शामिल होने के लिए गरीब बने हुए है। गरीबी का दिखावा करके सरकार के लाभों के गलत फायदा उठाते है। प्रधान लोगो की बातों से निष्कर्ष निकलता है कि जो लोग रोजाना 200-300 रुपये की शराब पी जाते हैैं, वे गरीब कैसे हो सकते हैं। वे गरीबी का ढोंग करके सही में जो इस लाभ के हकदार है, उन लोगों के अधिकार छीन रहे हैैं।

पंचायत प्रधान ज्योति देवी और उपप्रधान दलीप वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत चौली को विकासशील, स्वच्छ और पारदर्शिता से समस्त कार्यों को करवाना ही उनका एक मात्र लक्ष्य है। साथ में उन्होंने क्षेत्र की समस्त जनता से इस आपदा में मास्क का प्रयोग करने का आग्रह करते हुए नियमों के पालना का करने का निर्देश जारी किया है। सभी सख्ता से पालन करे।

हिमाचल की पंचायतों ने भी नशे के खिलाफ अभियान शुरू किया

कई पंचायतों ने अपने अधिकार क्षेत्र में शराब के ठेके खोलने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कई पंचायतों ने नशा करने वालों को जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। हिमाचल की इन पंचायतों के फैसलों की हर ओर तारीफ हो रही है। ऐसा ही एक फैसला जिला मंडी की पंचायत ने लिया है। पंचायत ने फैसला लिया है कि कोई नशे में धुत मिलता है, तो उसे बीपीएल सूची से बाहर कर दिया जाएगा।

प्रधान के इस निर्णय पर अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भी सहमति जताई है। पंचायत प्रतिनिधियों ने यह निर्णय ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिया है। इससे जहां समाज का नाम धूमिल हो रहा है तो वहीं फर्जी गरीब बनकर योजनाओं का लाभ भी लिया जा रहा है।

300 रुपये की शराब खरीदने वाला गरीब कैसे

भांबला पंचायत प्रधान सुनीता शर्मा ने कहा कि वैसे तो सभी स्थानों पर ऐसा देखा जाता है, लेकिन वह अपनी पंचायत में ऐसा नहीं होने देंगी। जो भी व्यक्ति नशे में धुत होकर ऐसा पाया जाता है तो उसे बीपीएल सूची से बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह व्यक्ति कहां का गरीब है, जो रोजाना 300 रुपये की शराब की बोतल खरीदता है। उन्होंने कहा कि उनकी पंचायत ने इस फरमान को पूरी तरह से लागू करने का फैसला लिया है। इस फैसले जा सभी सख्ता से पालन करेंगे। जो व्यक्ति 300 रुपये शराब में बहा सख्ता है वो परिवार का पेट क्यो नही भर सकता।

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