किसान का बेटा, आर्मी में अफसर, नीरज चोपड़ा जिन्‍होंने रचा ओलंपिक में इतिहास: Neeraj Chopra Olympics

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Neeraj Chopra Story
Neeraj Chopra storms into the javelin throw final with a monstrous attempt. With a throw of 86.65m Neeraj Chopra has directly qualified for the Javelin Throw Finals. Only medal hope for India in track and field Neeraj Chopra.

File Photo Credits: Twitter

Delhi: टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) की जैवलिन थ्रो (Javelin Throw) यानी भाला फेंक के क्वालिफिकेशन राउंड में भारत के नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) पहले नंबर पर रहे हैं। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 86.65 मीटर का थ्रो किया। नीरज अब 7 अगस्त को फाइनल खेलेंगे। नीरज को शुरू से ही टोक्यो ओलंपिक में मेडल का दावेदार माना जा रहा था और फाइनल में पहुंचकर उन्होंने भारत के लिए मेडल की उम्मीद भी जगा दी है।

नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) का फाइनल में पहुंच जाना भारत के लिए इसलिए भी बड़ी जीत है, क्योंकि उन्होंने 2017 के वर्ल्ड चैम्पियन जोहानेस वेटर को भी पछाड़ दिया। जर्मनी के जोहानेस वेटर नीरज के बाद दूसरे नंबर पर रहे। जोहानेस ने पहले ही कहा था कि ओलंपिक (Olympics) में नीरज को हराना बहुत कठिन काम होगा।

कौन है हरियाणा के नीरज चोपड़ा

नीरज चोपड़ा हरियाणा (Neeraj Chopra Haryana) की एक गरीब परिवार से हैं, उनके पास जरूरत का सामान खरीदने के लिए पैसे भी नहीं थे, इसीलिए वह 6000 से 7000 रुपये पानीपत में प्रैक्टिस किया करते थे। भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा का जन्म सन 1997 में 24 दिसंबर को भारत देश के हरियाणा (Haryana) राज्य के पानीपत (Panipat) शहर में हुआ था।

नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) के पिता का नाम सतीश कुमार है और इनकी माता का नाम सरोज देवी है। नीरज चोपड़ा की दो बहने भी हैं। भाला फेंक (Bhala Fenk) एथलीट नीरज चोपड़ा के पिता जी हरियाणा राज्य के पानीपत जिले के एक छोटे से गांव खंडरा के किसान हैं, नीरज चोपड़ा के कुल 5 भाई बहन हैं, जिनमें से यह सबसे बड़े हैं।

एक भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट प्रतिस्पर्धा में भाला फेंकने वाले खिलाड़ी हैं। अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद किसी विश्व चैम्पियनशिप स्तर पर एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक को जीतने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। बायडगोसज्च्ज़, पोलैंड में आयोजित 2016 आइएएएफ U20 विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। इस पदक के साथ साथ उन्होंने एक विश्व जूनियर रिकॉर्ड भी स्थापित किया है।

नीरज ने अपनी पढ़ाई चंडीगढ़ से की। नीरज ने 2016 में पोलैंड में हुए IAAF वर्ल्ड U-20 चैम्पियनशिप में 86.48 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड जीता था, जिसके बाद उन्हें आर्मी में जूनियर कमिशन्ड ऑफिसर के तौर पर नियुक्ति मिली थी। आर्मी से जॉब मिलने के बाद नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था, मेरे पिता एक किसान हैं और मां ग्रहणी हैं और मैं एक संयुक्त परिवार में रहता हूं। मेरे परिवार में किसी की सरकारी नौकरी नहीं है। इसलिए सब मेरे लिए खुश हैं।

उन्होंने आगे कहा था, अब मैं अपनी ट्रेनिंग जारी रखने के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक हेल्प भी कर सकता हूं। भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई हरियाणा से ही की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन्होंने ग्रेजुएशन तक की डिग्री प्राप्त की है। अपनी प्रारंभिक पढ़ाई को पूरा करने के बाद नीरज चोपड़ा ने बीबीए कॉलेज ज्वाइन किया था और वहीं से उन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी।

नीरज चोपड़ा ने टोक्यो में मेडल की उम्मीदें बढ़ा दी हैं

2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में नीरज ने 88.06 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था। नीरज पहले भारतीय हैं जिन्होंने एशियन गेम्स में गोल्ड जीता है। एशियन गेम्स के इतिहास में जैवलिन थ्रो में अब तक भारत को सिर्फ दो मेडल ही मिले हैं। नीरज से पहले 1982 में गुरतेज सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

2018 में एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने के बाद नीरज कंधे की चोट का शिकार हो गए। इस वजह से वो काफी समय तक खेल से दूर रहे। उन्होंने कुछ समय के लिए अपने आपको खेल से दूर कर लिया था। इसके बाद वापसी करते हुए इसी साल मार्च में हुई इंडियन ग्रांड प्रिक्स में नीरज ने 88.07 मीटर का थ्रो कर अपना ही नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया था। नीरज का ये अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन था।

बचपन से ही जीत का जुनून

23 साल के नीरज अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद किसी वर्ल्ड लेवल एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गोल्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। उन्होंने IAAF वर्ल्ड U-20 में गोल्ड जीता था। साल 2016 में उन्होंने साउथ एशियन गेम्स में 82.23 मीटर का थ्रो कर गोल्ड जीता। इसके बाद 2017 में उन्होंने 85.23 मीटर का थ्रो कर एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

टोक्यो में गोल्ड मेडल के दावेदार

नीरज ने पिछले साल साउथ अफ्रीका में हुई सेंट्रल नॉर्थ ईस्ट मीटिंग एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 87.86 मीटर का थ्रो कर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। ओलंपिक में क्वालिफाई करने के लिए 85 मीटर का थ्रो करना जरूरी था। नीरज को टोक्यो में मेडल का दावेदार इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि 2016 के रियो ओलंपिक में त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोरन वाल्कॉट ने 85.38 मीटर जैवलिन थ्रो के साथ ब्रॉन्ज जीता था। ऐसे में नीरज चोपड़ा अगर अपने वर्तमान बेस्ट थ्रो (88.07 मीटर) को ही दोहरा दें तो उनका मेडल लाना तय हो जायेगा है।

पुरुष भाला फेंक भारत के प्रत्याशीविश्व जूनियर चैम्पियनशिप स्वर्ण2016, बायडगोसज्च्ज़ भाला फेंक दक्षिण एशियाई खेलस्वर्ण2016, गुवाहाटी/शिलॉंग भाला फेंकराष्ट्रमण्डल खेल स्वर्ण2018 गोल्ड कोस्ट भाला फेंक जीत अपने नाम दर्ज की। 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 82.23 मीटर तक भाला फेंक कर स्वर्ण पदक जीता था।

ऐसे प्रदर्शन के बावजूद भी वे 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में स्थान पाने में वह सफल नही हुये क्योंकि दाखिला प्राप्त करने के लिए अंतिम तिथि 11 जुलाई थी। नीरज ने 85.23 मीटर का भाला फेंककर 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में सम्पन्न हुए 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों में उन्होंने 86.47 मीटर भाला फेंककर स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

कोच के साथ ने बदल दी किस्मत

भाला फेक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने सिर्फ 11 साल की उम्र में ही भाला फेंकना प्रारंभ कर दिया था। नीरज चोपड़ा ने अपनी ट्रेनिंग को और भी ज्यादा मजबूत बनाने के लिए साल 2016 में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो इनके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ। नीरज चोपड़ा ने साल 2014 में अपने लिए एक भाला खरीदा था, जो 7000 का था। इसके बाद नीरज चोपड़ा ने इंटरनेशनल लेवल पर खेलने के लिए 1,00000 का भाला खरीदा था।

नीरज चोपड़ा ने साल 2017 में एशियाई चैंपियनशिप में 50.23 मीटर की दूरी तक भाला फेंक कर मैच को जीता था। इसी साल उन्होंने आईएएएफ डायमंड लीग इवेंट में भी हिस्सा लिया था, जिसमें वह सातवें स्थान पर रहे थे। नीरज चोपड़ा के कोच का नाम उवे होन हैं, जो कि जर्मनी देश के पेशेवर जैवलिन एथलीट रह चुके हैं। इनसे ट्रेनिंग लेने के बाद ही नीरज चोपड़ा इतना अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसके बाद नीरज चोपड़ा ने अपने कोच के साथ काफी कठिन ट्रेनिंग चालू की और उसके बाद इन्होंने नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए। नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले पहले इंडियन जैवलिन थ्रोअर हैं। इसके अलावा एक ही साल में एशियन गेम और कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले नीरज चोपड़ा दूसरे खिलाड़ी हैं।

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