आत्मनिर्भर भारत पर स्वदेशी को बढ़ावा देने यह अहम् निर्णय लिया गया: अमित शाह हुए सख्त

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Delhi: कोरोना संक्रमण का कहर और चीन से सीमा विवाद के अलावा अन्न कारणों को देखते हुए भारतीय सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान चलाने का निर्णय किया और उसके तहत स्वदेशी वस्तुओं की सरकारी खपत और उपयोग बढ़ाने का फैसला लिया। इसे 1 जून से लागू करना था, परन्तु यह एक जून से पूर्णता लागू नहीं हो पाया है। सरकार ने 1000 से ज़ादा वस्तुओं की सूचि का नोटिफिकेशन निकाला गया था।, जिनको सुरक्षा बलों की कैंटीन में नहीं बेचना था।

कुछ कारण से इस नोटिफिकेशन को रोक दिया गया था। उस वक़्त तो स्वदेशी सामन को बढ़ावा देने वाली योजना लागू नहीं हो पाई थी। ऐसे में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कैंटीन के सीईओ आरएम मीणा को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ा है। उन्हें सीईओ पद से हटा दिया गया है। इस फैसले को लागू नहीं करने पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कैंटीन के सीईओ आरएम मीणा को उनके पैरंट कैडर केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) वापस शिफ्ट कर दिया गया है।

अब मीडिया में खबर आई है की उन्होंने हाल ही मेंअभी अभी उत्पादों की एक सूची जारी की थी, जिसमें 1000 से अधिक वस्तुओं को गैर-स्वदेशी बताते हुए उन्हें कैंटीन में बेचे जाने वाले उत्पादों की लिस्ट से हटा दिया गया था। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी एक आदेश में कहा गया है की डीआईजी मीणा को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा वापस बुलाया गया है। CRPF के एक अन्य DIG राजीव रंजन कुमार अब बोर्ड के नये मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) होंगे। राजीव रंजन कुमार का कार्यकाल अभी 3 माह का होगा।

आपको बता दे की पहले 1026 विदेशी उत्पादों के फ़ोर्स की कैंटीन में बेचे जाने पर पाबंदी रोक लगाने का निर्णय लिया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने आदेश जारी पर गैर-स्वदेशी उत्पादों की सूचि पर रोक लगाने को कहा था। इससे पहले सीएपीएफ की कैंटीनों ने नेस्ले इंडिया, डाबर, VIP इंडस्ट्रीज, यूरेका फोर्ब्स, जकुआर, एचयूएल (फूड्स) जैसी कंपनियों के 1000 से भी अधिक उत्पादों को नहीं बेचे जाने का निर्णय लिया था। निर्णय में इन सभी उत्पादों की 1 जून से बिक्री पर रोक थी, कारण था की ये सामन स्वदेशी नहीं हैं।

गृह मंत्रालय ने इसके लिए तीन कैटेगरी बनाई थी। सबसे ज्यादा प्राथमिकता उन प्रोडक्टस को दिया जाना था, जो पूरी तरह से भारत में तैयार हुए हैं और भारतीय कंपनी के होंगे। दूसरी कैटेगरी में उन्हें शामिल किया गया, जिनका कच्चा माल आयात होता हैं, लेकिन उत्पादन भारत में होता है। केवल इन्हीं दोनों कैटेगरी के उत्पादों की बिक्री की मंजूरी थी। तीसरी कैटैगरी में पूरी तरह से विदेशी उत्पाद को रखा गया है, जिस पर पाबंदी लगाई गई थी। जिसे अब वापस ले लिया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मई में कहा था कि देश की 1700 सेंट्रल पुलिस और CRPF कैंटीन में केवल स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री रहेगी। इसके बाद कई गैर स्वदेशी सामन पर रोक लगक दी गई थी। देश के जवानों को भी कहा गया था कि वे विदेशी सामान का उपयोग ना करें। ऐसा करने से देश में स्वदेशी सामान के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और देश अधिक मज़बूत और आत्मनिर्भर बनेगा।

आपको बता दे की CRPF, BSF, ITBP, CISF, SSB, NSG के दस लाख से अधिक जवान हैं, जिन्हे स्वदेशी सामान इस्तेमाल करने कहा गया था। इन्हे कैंटीन से जो उत्पाद और सामान मिलता है, वह इसका परिवार भी इस्तेमाल करता है। ऐसे में इनके परिवार के लोगो को जोड़कर 50 लाख से अधिक लोग कैंटीन से सामन लेते हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अब ये जवान स्वदेशी उत्पादों को भी कैंटीन से खरीदेंगे।

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