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Shekhpura/Bihar: बिहार एक वक़्त भारत ही नहीं पूरी दुनिया का सबसे धनी और सम्बृद्ध स्थान हुआ करता था। प्राचीन समय का मगध साम्राज्य आज का बिहार ही है। बिहार की भूमि कितनी पौराणिक कथाओं को अपने अंदर संजोये हुए है, इस बात को तो सारी दुनिया जानती है। पुरात्वविदो और इतिहासकारों को काफी समय से उनके साक्ष्य मिलने की खबर आती रही है। इस सब चीज़ों से यह पता चलता है कि बिहार का इतिहास कितना समृद्ध और प्राचीन रहा है।
अब बिहार की भूमि ने फि से अपने भीतर से यहाँ की प्राचीनता से सबूत दिए है। इस बार बिहार के शेखपुरा जिले में खुदाई के दौरान पाल कालीन मूर्तियां और अवशेष मिले हैं। सबसे अधिक खुदाई में प्राप्त हुई भगवान विष्णु की मूर्ति सभी को हैरान कर रही है। दूर दूर से लोग इस प्राचीन मूर्ति के दर्शन करने आ रहे है। इस मूर्ति में गदा देवी और चक्र पुरुष दर्शाये गए है। इसके अलावा एक शिलालेख भी मिला है, जो 100 Kilo वज़नी है।
दैनिक हिंदी अख़बार की खबर ने मुताबिक पुरातत्व विभाग का कहना है कि भगवान विष्णु की यह मूर्ति पाल कालीन है। यहां आपको बता दें कि पाल काल भारत में लगभग 800 से 1200 ईसवी के बीच रहा। पाल वंश का साम्राज्य मध्य और उत्तर भारत का सबसे सम्बृद्ध और शक्तिशाली साम्राज्य रहा था। पाल राजवंश एक क्षत्रिय राजवंश था। पाल राजवंश के साम्राज्य के राजाओं ने हिन्दू धर्म और वास्तु कला को बहुत महत्त्व दिया और अनेक मंदिर बनवाये।
बिहार में जल जीवन हरियाली के तहत तालाब और पोखर की खुदाई के दौरान फारबिसगंज में अष्टधातु के सामान मिले हैं तो वहीं शेखपुरा में भगवान विष्णु की हज़ार साल से ज्यादा पुरानी मूर्ति मिली है. एक 100 किलो वज़नी शिलालेख भी मिला है। pic.twitter.com/XynjxAD7Ra
— Ek Number News (@EkNumberNews) June 4, 2020
पाल वंस के राजाओं के समय बौद्ध धर्म को भी बहुत समर्थन मिला था। यह पूर्व मध्यकालीन राजवंश था। पाल वंस के राजा हिन्दू थे, परन्तु वे बौद्ध धर्म को भी उतना ही सम्मान देते थे। पाल राजाओं के शासनकाल में बौद्ध धर्म को बहुत समर्थन मिला। पाल राजाओं ने हिन्दू धर्म के मंदिरों का निर्माण कराया और शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों और गुरुकुल का निर्माण भी करवाया था।
अयोध्या में मंदिर के अवशेष मिले तो बिहार में @NitishKumar की जल जीवन हरियाली के तहत तालाब और पोखर की खुदाई के दौरान फारबिसगंज में अष्टधातु के सामान मिले हैं तो वहीं शेखपुरा में भगवान विष्णु की हज़ार साल से ज्यादा पुरानी मूर्ति मिली है. #अयोध्या #मंदिर #अवशेष #बिहार pic.twitter.com/I55SaFU7PY
— Manoj Malayanil (@mmalayanil) May 21, 2020
बिहार के शेखुपुरा में पाल वंस के समय की मूर्ति और अन्य प्राचीन चीज़े मिलने से पुरातत्वविद और राज्य के अधिकारी चकित हैं। अब अधिकारी इस क्षेत्र में और भी खुदाई करने के विचार में हैं। सबसे बड़ी बात यह है की इस खुदाई में भगवान विष्णु की मूर्ति के के अलावा अन्न सामान मिले हैं, जो उस दौर में खेती-किसानी करने में प्रयोग किये जाते थे।
https://twitter.com/Kumar2028/status/1268453616362360833
भारत देश प्राचीन इतिहास और संस्कृति वाला देश है। पूरे विश्व का सबसे प्राचीन धर्म हिन्दू धर्म माना गया है। भारत ही नहीं बल्कि विश्व की अलग अलग जगहों में खुदाई में हिन्दू देवी देवताओ की मुर्तिया नकलती रहती है। कहीं खुदाई में प्राचीन सिक्के, बर्तन, खज़ाना तो मूर्तियां निकलने की खबर आती ही रहती हैं।
Our team has found statue of Lord Vishnu and Sun during excavation of ponds in Sheikhpura district, Bihar while implementing #JalJeevanMission one of the main initiative of Jalshakti ministry.
Surprised to have this treasure!! pic.twitter.com/Ucsl93xQeY— Subodh Yadav, IAS (@subodhyadav111) June 2, 2020
Hindu God sculptures found during Jal Jeevan Hariyali Mission. Earlier it was a statue of Lord Vishnu, and now a statue of Sun God is found during excavation of ponds in Shekhpura district, Bihar. Lord Vishnu Statue may be 800-1000 year old during Pal Dynasty.
अभी हाल ही में बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अयोध्या से भी ऐसे ही खबर आई थी, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 67 एकड़ जमीन पर राण जन्म भूमि पर राम मंदिर का काम शुरू हो गया था। अभी राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन समतल करने का काम चल रहा है। राम जन्मभूमि परिसर में 11 मई से जमीन को समतल करने और बैरीकेडिंग हटाने का काम किया जा रहा है।
इस दौरान खुदाई करने पर यहां काम कर रहे लोग चकित रह गए थे। खुदाई में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पत्थर के पुष्प कलश और नक्काशीदार खंबो के अवशेष मिले थे। यह मंदिर के अवशेष प्रतीत होते है। इससे यह पता चल जाता है की यहाँ पर कभी या हज़ारों साल पहले विशाल मंदिर रहा होगा।



