RSS ने CM योगी का जन्मदिन इस अंदाज़ में मनाया, सन्यासी से अच्छा राजा कोई और नहीं, जानें

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Yogi Adityanth Latest News
RSS and Yogi Fans Celebrating Yogi Adityanath Birthday As Hindu Swabhiman Diwas At Today 5 June. CM Yogi Adityanath Supporters are very happy to Celebrate Yogi Janmdiwas as Hindu Swabhiman Diwas. Rashtriya Swayamsevak Sangh is With Yogi Adityanath.

Delhi: आज भारत सबसे लोकप्रिय माने जाने वाले राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी (Yogi Adityanath) का जन्मदिन (Birthday) है। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर अन्न नेताओ और बड़ी हस्तियों ने योगी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। योगी आदित्यनाथ का इस बार का जन्मदिन कुछ खास है। क्योंकि योगी के राज में अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है और अन्न कार्य समंजव हो पा रहे है।

आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ कोरोना महामारी संकट में उस समय काफी चर्चा में थे, जब उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट का स्वर्गवास हो गया था, परन्तु उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस समय अपने प्रदेश के अफसरों के साथ कोरोना संकट से प्रदेश को निजात दिलाने बैठक कर रहे थे। इस कारण वे अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं जा पाए थे।

Yogi Adityanath UP CM
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ऐसे में DD के धयावाहिक रामायण के राम अर्थात अभिनेता अरुण गोविक नें भी अपने SM योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की बधाई दी है। अरुण गोविक नें मुख्यमंत्री योगी को रामायण की एक पंगति “सन्यासी से अच्छा राजा कोई और नहीं हो सकता” से तुलना कर दी है। अरुण गोविक नें कहा कि सन्यासी से अच्छा राजा कोई और नहीं हो सकता, रामायण के इस कथन को योगी जी सत्य साबित कर देते है।

आगे अभिनेता ने CM योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाये देते हुए कहा कि यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिवस की आत्मीय शुभकामनाएं। सन्यासी और राजा के संबंध के बारे में रामायण में तब उल्लेख होता है, जब सुग्रीव का राज्याभिषेक होना होता है। उस समय बाली के वध का कारण मानकर सुग्रीव बहुत दुखी हुए और राजा ना बनकर तपस्या करके अपने पाप का प्रायश्चित करने की इच्छा जताते हैं।

Yogi Birthday Hindu Swabhiman Diwas
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ऐसे में भगवन राम उन्हें कहते हैं की मित्र ये प्रायश्चित की भावना इस बात की निशानी है कि तुम्हारा हृदय एक सज्जन पुरुष का हृदय है। राम जी के समझाने के बाद भी सुग्रीव राजा बनने को तैयार नहीं होते और कहते हैं कि प्रभु सन्यासी बनने की इच्छा रखने वाले को आप सत्ता संभालने के लिए कह रहे हैं।

इस पर राम कहते है की सन्यासी से अच्छा राजा और कौन हो सकता है। जिसे सिंहासन और सत्ता का लालच ना हो, वही सच्चा न्याय कर सकता है। जिसे निजी विलास और काम में दिलचस्पी ना हो, वही एक तपस्वी की तरह हमेशा जन सेवा के कार्य में लीं रह सकता है। सन्यासी की तरह, जिसका ना कोई अपना होगा ना ही पराया होगा, वही मोह ममता को त्याग कर ईश्वर जैसे अपनी प्रजा एयर राज्य की जनता से एक सामान बर्ताव करेगा। अतः राजा को भगवान् स्वरुप माना गया है।

Yogi Adityanath Ek Number News
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आज योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस पर योगी के समर्थको और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के लोगी ने योगी को बधाई और शुभकामनाये दी। ट्विटर पर एक ट्रेंड है, जिस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग और समर्थक योगी आगित्यानाथ को उनके जन्मदिवस की बधाई दे रहे है। इससे पहले खबर आई थी की योगी का जन्मदिन इस बार खास तौर पे मनाया जायेगा।

आज के समय में उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि भारत की जनता में योगी आदित्यनाथ को लेकर ख़ासा उत्साह बना हुआ है। योगी उत्तर प्रदेश में एक सफल मुख्यमंत्री साबित हो रहे है। इस बार योगी के समर्थक और फैंस योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस (Yogi Adityanath Birthday) पर कुछ खास करने का मन बना लिए था। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर आज ट्विटर पर यूजर उत्साहित है।

इस बार RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) और विश्व हिंदू महासंघ ने सीएम योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन “हिंदू स्वाभिमान दिवस” (Hindu Swabhiman Diwas) के रूप में मनाने का का फैसला किया था। मुख्यमंत्री योगी स्वयं तो अपना जन्मदिन नहीं मनाते है, परन्तु जनता, भाजपा, हिंदूवादी संगठन और उनके समर्थक उनका बर्थडे मनाते है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक गांव पंचुर में हुआ था। योगी के पिता आनन्द सिंह बिष्ट फॉरेस्ट रेंजर के तौर पर नौकरी करते थे, अभी अभी कुछ दिन पहले ही उनका देहांत हुआ है। योगी जी की माता का नाम सावित्री देवी है। योगी आदित्यनाथ की तीन बड़ी बहने, एक बड़े भाई और छोटे दो भाई हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहले असली नाम अजय सिंह बिष्ट (Ajay Singh Bisht) था, फिर संन्यास लेने और महंत बनने के बाद वो योगी आदित्यनाथ नाम से जाने गए। गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में BSC करने वाले योगी आदित्यनाथ सबसे कम उम्र के सांसद बनने वाली सूचि में नामित हैं। गोरखपुर के गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी चुना था। योगी आदित्यनाथ प्रथम बार साल 1998 में चुनाव मैदान में उतरे और सांसद बने थे। उस समय उनकी उम्र केवल 26 साल थी।

इसके पश्यात योगी आदित्यनाथ लगातार गोरखपुर (Gorakhpur) से सांसद बनते रहे। फिर सितंबर 2014 में उनके गुरु महंत अवेद्यनाथ के समाधि लेने के बाद योगी गोरखपुर मंदिर (Gorakhnath Mandir) के मुख्य महंत बनाये गए। योगी आदित्यनाथ ने एक संघठन हिंदू युवा वाहिनी (Hindu Yuwa Vahini) की स्थापना भी की, जो एक सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी संगठन है। इस संघठन का पूरे गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में खासा दबदबा है।

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