Indore, Madhya Pradesh: अब भारत में भी कोरोना का भयावह रूप देखने को मिल सकता है। मध्यप्रदेश के इंदौर (Indore) शहर में कोरोना का प्रकोप जारी है। इंदौर शहर में कोरोना की चपेट में आए एक और व्यक्ति ने अपने प्राण गवा दिए है। जानकारी के अनुसार नूरानी नगर बांक में रहने वाले 41 वर्षीय साजिद (Sajid) की कोरोना वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई है। बताया गया है कि उसका इलाज सीएचएल अस्पताल में चल रहा था।
इंदौर में साजिद की मृत्यु के बाद उसकी कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब इंदौर शहर में कोरोना वायरस की चपेट में आने से ये दूसरी और मध्यप्रदेश की चौथी मौत है। कोरोना पॉजिटिव के आकड़े हर दिन बढ़ते ही जा रहे हैं, जिसके चलते इंदौर शहर को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है।
पिछले दिन पहले इंदौर के एमआरटीबी अस्पताल में भर्ती कोरोना के दो मरीज भाग निकले थे। उन दोनों को पकड़ लिया गया और उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इंदौर की सड़कों पर कोई भी वाहन नहीं चलेगा। दोपहिया चार पहिया वाहन किसी भी स्थिति में सड़क पर दिखाई नहीं देंगे। जिन घरों में कोरोना के मरीज़ मिले हैं, उनके आस पास रहने वालों को Quarintine सेंटर में रखा जाएगा।
मध्यप्रदेश में कोरोना (Corona In Madhya Pradesh) से अपने प्राण गवाने वाले लोगों की संख्या 4 है। जबकि कोरोना संक्रमणों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही। आज भी 8 पॉजिटिव मरीज़ मिले हैं। जिसमें 7 इंदौर और 1 उज्जैन से हैं। 1 मरीज़ बॉम्बे अस्पताल इंदौर, 6 मरीज MRTB अस्पताल, 1 मरीज़ माधव नगर अस्पताल उज्जैन में भर्ती है। 3 मरीज़ों में कांटेक्ट हिस्ट्री पायी गयी हैं। इंदौर के पॉजिटिव 7 मरीज़ में अहिल्या पलटन से 1, आज़ाद नगर से 1, रवि नगर से 1, नार्थ हाथीपला से 1, MR 9 रोड पर स्थित साईराम कॉलोनी से 3, माधव नगर अस्पताल उज्जैन से 1 पॉजिटिव मरीज़ हैं।
आपको बता दें की विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में साफ तौर पर कहा गया है कि सामान्य लोग पीड़ितों से दूर रहें और किसी भी ऐसी वस्तु को ना छुएं, जिससे कोराना वायरस फैलने की आशंका हो। साथ ही लॉक डाउन का पालन करें।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने COVID19 के प्रभाव को देखते हुए मानवीय आधार पर जेल में बंद लगभग 5000 दोषियों को 60 दिन के पैरोल पर रिहा करने का निर्णय लिया है। अगले 2 दिनों में करीब 3 हज़ार विचाराधीन कैदी भी 45 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा किये जायेंगे।
COVID-19 crisis: We will control situation in Indore soon, says Chief Minister Shivraj Singh Chouhan
— Press Trust of India (@PTI_News) March 30, 2020
मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण में हो रही लगातार वृद्धि के बाद सरकार ने तीन दिन का पूर्ण लॉकडाउन करने का निर्णय लिया है। इन तीन दिनों तक इंदौरवासियों को हर हाल में अपने घर के अंदर ही रहना होगा। यहां तक की दूध, सब्जी और किराना जैसा आवश्यक सामग्रियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इंदौर में कोरोना संक्रमण में हो रही लगातार वृद्धि के बाद सरकार ने तीन दिन का पूर्ण लॉकडाउन करने का निर्णय लिया है। इन तीन दिनों तक इंदौरवासियों को हर हाल में अपने घर के अंदर ही रहना होगा। यहां तक की दूध, सब्जी और किराना जैसा आवश्यक सामग्रियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आने वाले 8-10 दिनों में अगर हम नहीं संभले को तो इंदौर में हालात काबू से बाहर हो जाएंगे। अभी तो रानीपुरा में ही कोरोना वायरस फैला है, लोगों ने अगर लॉकडाउन का सख्ती से पालन नहीं किया तो हर मोहल्ला रानीपुरा बन जाएगा। कलेक्टर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घरों के बाहर बिल्कुल ना निकलें।
तीन दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को अस्थायी जेल में डाला जाएगा। कलेक्टर ने कहा, मैरिज गार्डन को अस्थायी जेल के रूप में तब्दील किया जाएगा। इसलिए लोगों से अपील है कि लॉकडाउन में किसी भी तरह से घरों से बाहर नहीं आएं। देश में लॉकडाउन लागू है। किन्तु इस दौरान भी वहां दूध-सब्जी समेत जरूरी चीजों के लिए प्रशासन ने पूरी तरह से छूट दे रखी है। पेट्रोल पंप, एटीएम जैसी सेवाएं जारी रखी है।
Indore Coronavirus Latest News | Madhya Pradesh Indore (COVID-19) Corona Virus Cases Death Toll Today On Indore Lockdown Day 6th | 1 अप्रैल तक सब बंद: सिर्फ 7 पेट्रोल पंप खुले, पुलिस बोली- लोग बाहर निकले तो केस दर्ज करेंगे https://t.co/AppjMeO9Zx pic.twitter.com/ZhZDTurLOU
— Target is Possible (@TargetPossible) March 30, 2020
इतना ही लोगों को बाहर निकलने और खरीदारी के लिए भी तय समय में छूट दी जा रही है। इंदौर अगले तीन दिन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इंदौर में अचानक से दो दिन में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। संक्रमितों की संख्या 22 पर पहुंच चुकी है। सभी मरीजों का अलग-अलग अस्पताल में इलाज चल रहा है। इंदौर में कई संदिग्ध भी हैं। कोरोना को तीसरे स्टेज में रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।





