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Delhi: हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा हमेशा से ही देश को डिजिटल बनाने और आगे बढ़ाने के लिए कई तरह की नई योजना को बढावा देते हुए देखा गया है। उनका मक्सद हमारे देश भारत को दूसरे देशों के बराबर लाकर खड़े करने का है।
जिसके लिए वह हमेशा से ही प्रयासरत है। लेकिन कभी कभी उनके कुछ अभियान के बारे में लोग अलग तरह की बातें करके उनका विरोध करते हुए पाए गये है। लेकिन आज उनके द्वारा किया गया एक वादा सच साबित होता दिखाई दे रहा है। उनके बुलेट ट्रेन (Bullet Train) बनाने का अभियान सही सिद्ध हो रहा है।
आपको बता दे कि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अलस्टॉम कंपनी (Alstom Company) ने 82.5 किलो मीटर की लंबी दिल्ली से गाजियाबाद और मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की जो परियोजना है। उसके लिए एन.सी.आर.टी.सी. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को हमारे देश की पहली सेमी हाई-स्पीड ट्रेन को सफलता के साथ वितरित कर दिया है।
बुलेट ट्रेन से कुछ समय में ही होगा सफर
आपको बता दे कि 7 मई को गुजरात राज्य के सावली में एल्सटॉम कंपनी के निर्माण स्थल पर आयोजित एक समारोह जिसे रोल आउट नाम दिया गया था। उसे संपन्न किया गया था। उस समारोह में यात्रियों को अधिेक स्पीड में ले जाने के लिए तैयार की गई ट्रैन का अनावरण कर दिया गया है।
माना जा रहा है कि यह बुलेट ट्रेन अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलेगी और कहा जा रहा है कि यह ट्रेन की मदद से यात्री दिल्ली से मेरठ के मध्य की यात्रा को सिर्फ 55 मिनट के थोड़े से समय में ही तय कर पाएंगे।
आपको बता दे कि दिल्ली में फैमस जो लोटस टेम्पल है, वहा से प्रेरित होकर देश की पहली बुलेट ट्रेन की डिजाइन सितंबर 2020 में ही अनावरित कर दी गई थी और इस ट्रेन को जुलाई 2021 में बनाना प्रारंभ किया गया था।
अलस्टॉम कंपनी का कहना है कि यह ट्रेन सेमी हाई-स्पीड वाली एरो डायनामिक ट्रेन एनर्जी से परिपूर्ण हैं। जिसे यात्रियों के प्रीमियम अनुभव के लिए आराम और सुरक्षा के लिए सुविधा के आधार पर डिज़ाइन किया गया है। कंपनी का कहना है कि इसमें दिव्यांगजनों को भी शामिल किया गया हैं। ताकि उन्हें भी किसी तरह कि परेशानी ना हो और वह भी इसका लुफ्त उठा सके।
पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन है यह
कंपनी अलस्टॉम का जो हैदराबाद में इंजीनियरिंग सेंटर है। वहॉं पर इस ट्रेन को डिज़ाइन किया गया है और गुजरात राज्य के सावली में इसका निर्माण किया गया है। हमारे देश के प्रधानमंत्री शुरू से ही मेक इन इंडिया के लक्ष्य पर कार्य कर रहे है और केंद्र सरकार के इसी मेक इन इंडिया (Make In India) कार्यक्रम के अनुरूप ही इसका निर्माण किया गया है।
यह ट्रेन सौ प्रतिशत देश में निर्मित की गई है। इसे स्वदेशी ट्रेन कहना ही उचित हैं। बात की जाये इस ट्रेन के प्रणोदन प्रणाली और इलेक्ट्रिकल्स की तो इसका निर्माण भी कंपनी के गुजरात में स्थित मानेजा के कारखाने से हुआ है। इस बुलेट ट्रेन में कई तरह की सुविधाए भी है।
आधुनिक सुविधाओ से परिपूर्ण है यह ट्रेन
बात की जाये इसकी सभी सुविधाओं कि तो आपको बता दे कि सावली साइट बोगियों जो कि कार निकाय का निर्माण करती है। वह ट्रेन ट्रायल भी करती है। जानकारी के लिए बता दे कि इसी सावली के अलस्टॉम प्लांट ने ही दिल्ली मेट्रो और क्वींसलैंड रेल ट्रेनों का भी सफलता के साथ वितरण किया था। साथ ही अभी प्रजेंट में कानपुर और आगरा शहरों के लिए जो मेट्रो ट्रेनों का प्रोडक्शन हो रहा है। वह भी इसी के द्वारा किया जा रहा है।
आपको बता दे कि इस ट्रेन में पूर्णत: एयरकंडीशनर सेमी हाई-स्पीड में मुसाफिरों कि सुरक्षा और उनके आराम कि सुविधाओं के लिए एर्गोनॉमिक रूप से बनाए गये 2×2 ट्रांसवर्स सीटिंग के साथ साथ आराम से खड़े होने वाली जगह के लिए चौड़े गैंगवे है और साथ ही ओवरहेड लगेज के लिए रैक, सीसीटीवी कैमरा, फायर और स्मोक डिटेक्टर, इंटरकॉम, फायर इत्यादि भी शामिल हैं।
इसके अलावा इस बुलेट ट्रेन में एक्सटिंगुइशर, एक्सटीरियर कैमरा, डोर स्टेटस इंडिकेटर्स, ग्रैब हैंडल, वाई फाई, लैपटॉप, मोबाइल, यूएसबी, चार्जिंग स्टेशन, डायनेमिक रूट डिस्प्ले मैप्स, ऑटो नियंत्रित एम्बिएंट लाइट सिस्टम और इसके साथ ही पैनोरमिक दृश्य को देखने के लिए बड़ी विंडो और दिव्यांगजन लोगों का सपोर्ट करने के लिए एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन करके बनाए गए क्षेत्र और इसके साथ ही इमरजेंसी की कंडीशन के लिए भी बहुत सी सुविधाऍं दी गई है।
इसके अलावा आपको बता दे कि दिल्ली से मेरठ कि आर आर टी एस लाइन यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम के हाइब्रिड लेवल 2 सिग्नल सिस्टम को फॉलो करने वाली भारत में पहली लाइन है। यह बुलेट ट्रेन जो कि पूरी तरह से स्वदेशी है। यह ना केवल देश के मुसाफिरों को उनकी सही जगह पर सही समय पर पहुँचाएगी, इसके साथ ही यह हमारे देश भारत के विकास यात्रा में पंख भी लगा देंगी।
इससे केवल हमारे देश का सफर करने का तरीका ही नही ठीक होगा, बल्कि इसकी बजह से भारत का सर्वागीण डेवलपमेंट भी होगा। भारत में बुलेट ट्रेन का जो सपना हमने देखा था। वह पूरा करने के लिए हम इस टीम को बधाई देते है और उम्मीद करते है कि वह इसी तरह के और भी ट्रेन का निर्माण करके हमारे देश को आगे बढ़ाएंगे और मेक इन इंडिया कि मुहिम को आगे लेकर जाएंगे।



