
Delhi: लोगों ने अपने मन में काफी गलत अवधारणा बना रखी थी कि महिलाएं कमजोर होती हैं परंतु एक महिला ने इस बात को साबित किया कि महिला शक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं है। इस बात का उदाहरण बनी भारतीय पायलट महिला जोया अग्रवाल (Zoya Agarwal)।
एयर इंडिया की महिला पायलट (Indian Woman Pilot) जोया अग्रवाल ने उत्तरी ध्रुव के सबसे ऊपरी भाग में अपना प्लेन उड़ा कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। यह घड़ी भारत के लिए काफी गौरवशाली है इस रिकॉर्ड के बाद जॉय अग्रवाल को फ्रांसिस्को के विमान संग्रहालय (SFO Aviation Museum) में एक सम्माननीय स्थान प्राप्त हुआ है। महिला पायलट जोया अग्रवाल ने काफी ऊंचाइयों पर करीब 16 किलोमीटर की दूरी तय करके यह रिकॉर्ड बनाया है।
इस रिकॉर्ड (Record) से भारत के साथ-साथ एक महिला होने के नाते सभी महिलाओं को और पायलट को काफी गौरवान्वित किया है। कहते हैं यदि एक नारी किसी भी चीज को एक बार ठान ले, तो वह उसे पूरा करके ही रहती है क्योंकि नारी शक्ति सबसे श्रेष्ठ है। तो आइए हम जोया अग्रवाल के इस कारनामे के बारे में विस्तारपूर्वक।
अमेरिका के विमानन संग्रहालय में मिली पहचान
कैप्टन जॉय अग्रवाल को भारतीय महिला पायलट और इस उपलब्धि पर उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका का एवियशन म्यूजियम (Aviation Museum) में स्थान मिला। उनकी इस उपलब्धि ने अमेरिका के विमानन संग्रहालय को भी काफी प्रभावित किया। इसके साथ ही जोया अग्रवाल भारत की सभी महिला पायलट के लिए भी एक उदाहरण बनी।
अमेरिका के एवियशन म्यूजियम मे जोया अग्रवाल को स्थान देने के लिए स्वयं ही आ गया है। वर्ष 2021 में एयर इंडिया की एक महिला पायलट टीम ने उत्तरी ध्रुव के ऊपर से अमेरिका में सैन्य फ्रांसिस्को से लेकर भारत के बेंगलुरु शहर तक विश्व का सबसे लंबा हवाई मार्ग की यात्रा तय किया। भारतीय महिला पायलट जोया अग्रवाल ने इस काम के लिए एक लीडर का रोल प्ले किया।
जोया अग्रवाल का इंटरव्यू
भारतीय महिला पायलट कैप्टन जॉय अग्रवाल ने अपने इंटरव्यू में कहा कि वे इस बात से काफी हैरान है कि उस ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी आज वे जीवित हैं। उन्होंने अमेरिका के एवियशन म्यूजियम का आभार जताते हुए कहा कि “मुझे इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा कि आज में विश्व के इतने प्रतिष्ठित म्यूजियम का हिस्सा बन चुकी हूं” आज उनकी जो उपलब्धि है इस बात पर जोया अग्रवाल स्वयं ही भरोसा नहीं कर पा रही।
#FirstWomen#Delhi की कैप्टन जोया अग्रवाल ने उत्तरी ध्रुव के ऊपर से हवाई मार्ग का सफर पूरा करके रिकॉर्ड बनाया
उन्हें एसएफओ एविएशन म्यूजियम में शामिल किया गयानॉर्थ पोल के ऊपर से उड़ान भर के इन्होने 16000 किलोमीटर की रिकॉर्ड दूरी तय की इसके साथ ही वो पहली भारतीय महिला पायलट बन गई pic.twitter.com/L2tgEsWdmh— भारत की बेटी (@_bharatkibeti_) August 25, 2022
जोया अग्रवाल भारत की पहली महिला पायलट हैं जिन्होंने अमेरिका के एवियशन म्यूजियम में अपना स्थान स्वयं बनाया और इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि यह महिला पायलट जिंदा है, वरना उत्तरी ध्रुव जितनी ऊंचाई से गुजर ना कोई आसान बात नहीं है। अमेरिका के द्वारा भारतीय महिला पायलट को स्थान दिया जो कि भारत देश के लिए काफी गौरव की बात है।
यादगार क्षणों को किया याद
जोया अग्रवाल की यह सफलता भरी कहानी वर्ष 2021 की है। इस सफलता को एस एफ ओ संग्रहालय द्वारा उनके असाधारण उड़ान की काफी सारी तारीफ की। इसके साथ ही जोया अग्रवाल ने स्वयं बताया कि उन्होंने इस सफलता के लिए काफी परिश्रम किया और अपने समर्पण से देश की महिलाओं को अपने अच्छे भविष्य के लिए मोटिवेट किया।
एयर इंडिया विमान बोइंग-777 की वरिष्ठ पायलट कैप्टन जोया अग्रवाल के एसएफओ विमानन संग्रहालय (SFO aviation museum) में अपनी जगह बनाने वाली विश्व की प्रथम पायलट बनने का गौरव हासिल करने पर बधाई …@ZoyaCaptain#girlpower #flying @airindiain@SFOMuseum@RNTata2000 @JM_Scindia pic.twitter.com/JpF9FusQj2
— Deepti Kiran Maheshwari (@kiransnm) August 21, 2022
सैन फ्रांसिस्को एवियशन म्यूजियम के एक सीनियर ऑफिसर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि जोया अग्रवाल भारत की पहली महिला पायलट है, जो उनके प्रोग्राम में शरीक हुई। उनकी उपलब्धता के साथ वर्ष 2021 की एक महिला टीम के साथ सैन फ्रांसिस्को से भारत के बेंगलुरु तक उड़ान भरी और एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया।
कैप्टन अग्रवाल के कारनामे से प्रेरित हुई अन्य महिलाएं
कैप्टन अग्रवाल की इस उपलब्धता ने दुनिया भर की महिलाओं और बेटियों के लिए एक सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न की है। अब महिलाएं और बेटियां अपने सपने को हासिल करने के लिए सारी जंजीरों को तोड़ते हुए मेहनत करने के लिए तैयार है। कैप्टन अग्रवाल के रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी ने भारत को बेहद सम्मानित किया है। उनके उपलब्धता से हमे आने वाली पीढ़ी को शिक्षित और प्रेरित करने के लिए एक उदाहरण मिल गए हैं।



