छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने कचरा कैफे का किया उद्घाटन, प्लास्टिक के बदले पौष्टिक खाना।

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Ambikapur, CG: देश मे कैफे तो बहुत है और देखे भी होंगे एक से एक मंहगे कैफे में चाय-पानी के साथ खाना पीना भी किया होगा। लेकिन क्या कभी आपने कचरा कैफे का नाम सुना है। यहां भी खाना ही मिलता है लेकिन यहां कुछ अलग ही बात है खाना पैसे देकर नहीं बल्कि प्लास्टिक के बदले दिया जाता है। इस अनोखी पहल को नया रूप प्रदान करने के लिए छत्तिसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने अंबिकापुर जिले में एक “कचरा कैफे” का शुभारंभ किया है।

अंबिकापुर में इस कचरा कैफे वाली पहल के जरिये से भारत के दूसरे सबसे स्वच्छ शहर का खिताब अपने नाम हासिल कर लिया है। ये कचरा कैफे न केवल गरीबों के लिए फ्री खाना देता है बल्कि सभी लोगों को प्लास्टिक के बदले फ्री खाना खिलाया जाता है। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “प्लास्टिक-मुक्त” भारत संकल्प को गति भी प्रदान होगी।

प्लास्टिक कचरे के वजन के अनुसार खाना मिलता है

इस कैफे की खास बात यह है कि प्लास्टिक कचरे के वजन के अनुसार खाना लिया जा सकता है। कैफे की टैगलाइन कहती है, “अधिक अपशिष्ट बेहतर स्वाद”। इस मुहिम का शुभारंभ करने के बाद सिंघदेव ने बताता “मुझे इस अनोखे विचार और पहल पर गर्व है, जो नगर निगम द्वारा लिया गया है।

पूरे देश ने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर एकल इस्तेमाल प्लास्टिक को समाप्त करने के लिए कई तकनीकी अपनाई और कदम उठाए गए हैं। लेकिन AMC ने शहर को प्लास्टिक मुक्त करने के एक ऐसा अभिनव कदम उठाया जिससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। इस मुहिम ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर समर्थन प्राप्त किया है।”

शहर के लोगो में जागरूखता बढ़ रही है

वहा के लोगो से बात की तब उन्होंने बताया की “जब मुझे इस कैफे के बारे में जानकारी मिली, तो मैंने अपने घर से प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करना प्रारम्भ कर दिया। यह शहर को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए लोगो को जागरूक करने के लिए एक बड़ी मुहिम है।

इस पहल के जरिये से हम दो प्रकार के लाभ प्राप्त कर सकते हैं, प्रथम हम अपने आसपास के इलाके को साफ प्लास्टिक मुक्त रख सकते हैं और दूसरा हम प्लास्टिक कचरे के बदले स्वादिष्ट भोजन का आनन्द ले सकते है।” इसी बास्त को आगे बढ़ाते हुए जब दूसरे व्यक्ति से मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि “मैं आधा किलो प्लास्टिक कचरा लाया और यहां स्वादिष्ट भोजन मिला। मुझे लगता है कि यह AMC द्वारा उठाया गया एक बहुत बेहतर कदम है। और खाना भी बहुत स्वादिष्ट है।”

जब हमने कैफे के कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने बताया की बहुत से लोगो ने अपना समर्थन इस मुहिम में दिखाया है और AMC द्वारा की गई मुहिम की तारीफ की है। यहां आने वाले लोगों के द्वारा लाया गया कचरे को एकत्र करके प्लास्टिक कचरे को नगर निगम को भेजा जाता है। कैफे की स्थापना अंबिकापुर नगर निगम द्वारा की गई है। इस पहल से सभी बहुत खुश है।

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