
Chennai: कई गांव आज भी तरक्की से बहुत पीछे है। भारत के कई गांव में बिजली से लेकर बस, सड़क आदि नही है। वँहा के लोग इन सब के अभाव में ही अपना जीवन व्यतीत करते है। सरकार से कई बार गुहार लगाते है, लेकिन उनकी शिकायत केवल कागजो में सिमट कर राह जाती है। गांव को कृषि का देश कहा जाता है। कई गांव में शिक्षा के भी संसाधन नही है।
गांव के बच्चे सभी बच्चों की तरह पढ़ाना तो चाहते, लेकिन उनकी मजबूरी होती है कि वो पढ़ नही पाते है। जिससे गांव का विकास भी वही रुक जाता है। हर गांव का बच्चा आज अफसर बनना चाहता है। इसके लिए वो कई मिल दूर रास्ता तय करके शिक्षा ग्रहण करने आते है। शिक्षा को लेकर उनके अंदर जुनून होता है। वो हर परिस्थिति को झेलकर आगे बढ़ते है।
तमिलनाडु (Tamilnadu) का एक गांव करुप्पमपलयम (Karuppanpalayam) में पिछले 30 साल से कोई बस नहीं आ रही थी। लोग लम्बी दूरी पैदल ही तय करते थे। लेकिन अब इस गांव में स्टेट ट्रांसपोर्टर कॉरपोरेशन ने बस सर्विस की शुरुआत कर दी है। गांव वाले पिछले 30 साल से इसे लेकर संघर्ष कर रहे थे। इसकी शिकायत उन्होंने हर जगह की लेकिन इसके लिए सुनवाई नही हुई।
किसी ने उनकी बात नही सुनी। लेकिन गांव वालों (Villagers) ने हिम्मत नही हारी। बस नहीं होने की वजह से उन्हें रोज 2-3 किमी पैदल चलना पड़ता था। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, जिला कलेक्टर टी प्रभूशंकर ने इस परेशानियों पर ध्यान दिया। उनको हर बात रखने का मौका दिया। वह गांव वालों से मिलने गए। गांव वालों की परेशानी सुनी और जल्द से जल्द उनको समस्या का समाधान देने की बात कही।
The little joys of being in IAS. A short story
15.7.21-Visited Karuppanpalayam village for an inspection.Villagers stopped my vehicle & demanded bus service, a 30 y demand.
19.7.21-Bus service launched for the village
A small step by Administration, a giant leap for the village. pic.twitter.com/cHo2JEtjtH— Prabhushankar T Gunalan (@prabhusean7) July 20, 2021
इसके चलते 5 दिनों बाद ही गांव में बस सेवा शुरू कर दी गई। गांव वालों की यह मांग जिला कलेक्टर टी प्रभूशंकर कारण पूरी हो पाई। गुरुवार को वो इस गांव में गांववालों से मिलने आए थे। उन्होंने गांववालों की हर बात पर गौर किया। जो समस्या 30 वर्षो से थी उसको पहले पूरी करने की बात कही। पांच दिनों के बाद ही गांव में बस सेवा शुरू हो गई।
प्रतिदिन आएंगी दो बसें
कलेक्टर ने बताया, ‘इस गांव में कभी भी बस नहीं आई थी। लोगो को दूसरे क्षेत्रों में जाने के लिए मिलो पैदल ही रास्ता तय करना पड़ता था। फिर मैंने इस बात को TNSTC करूर डिवीजन में रखी। जनरल मैनेजर ने इस मसले को सही से समझा इस पर ध्यान दिया। सोमवार से उन्होंने यहां बस सर्विस शुरू कर दी।’ अब गांव में दो बसें प्रतिदिन आया करेंगी। धीरे-धीरे ज्यादा से ज्यादा बस सर्विस गांववालों को मुहैया करवाएंगे।
गांव वालो कि प्रतिक्रिया
एस संपूर्णम की उम्र 60 बरस है। वो मजदूरी करके अपने घर का भरण पोषण करती हैं। उनका कहना है की हम लोग इस कलेक्टर साहब को कभी भी नहीं भूल सकते। उन्होंने वो काम कर दिखाया जो आजतक किसी ने नही किया। उन्होंने आगे बताया कि इससे पहले कई अधिकारी आते तो थे, लेकिन बस कागजी तौर पर समस्या लिखकर ले जाते थे। बस के वादा तो करते थे, लेकिन बस सर्विस मुहैया नहीं करवाते थे।
इस गांव में 220 परिवार रहते हैं। ज्यादातर लोग करूर शहर काम करने जाते हैं। ऐसे में बस आ जाने से उन्हें सुविधा हुई है। 25 वर्षीय एन मीना टेक्सटाइल यूनिट में कार्य करती हैं। उनका कहना है कि बस सर्विस से उनको बहुत खुशी मिली अब जो उनके पैसे खर्च होते थे अब वो बहुत गुना काम हो जाएंगे।
लोगों ने भी की उनकी तारीफ
लोगों ने ट्विटर पर आईएएस अधिकारी (IAS Officer) के इस काम की प्रशंसा की। कलेक्टर साहब (Collector Saahab) के इस अच्छे काम की अब सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है हाल ही में ट्वीटर पर भी आईएएस अधिकारी के इस काम की सराहना हो रही है।



