किसानों के फायदे की खबर आई, यहाँ बायोगैस प्लांट लगाने पर 4 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है

0
1548
Biogass Plant
Biogass Plant demo file photo.

Gurugram: आजकल हम देखते है कि खेती किसानी में लोग रासायनों का उपयोग ज्‍यादा करते है। जिससे फसल तो प्रभावित होती ही है साथ ही मिट्टी और फसल पर निर्भर दूसरे जीव भी प्रभावित होते है। हम देख रहे है दिन प्रतिदिन ये रासायनिक उर्वरक जमीन कि उत्‍पादकता कम करते जा रहे है।

इसके दूसरे ऑप्‍शन के लिये किसानों को नये तरीके से जेविक खेती (Organic Farming) करने कि सलाह प्रदान की जा रही है। जेविक खेती को बढ़ाने के लिये राज्‍य और केंन्‍द्र सरकार किसानों को कई तरह कि आर्थिक मदद देती है। उसी में एक और मदद सरकार अब किसानों को देने जा रही है। खबर है कि हरियाणा सरकार अब किसानों को बायोगैस प्‍लांट लगाने पर 4 लाख का अनुदान प्रदान करेगी।

हरियाणा सरकार अब देगी बायोगैस प्‍लांट लगाने पर सब्सिडी

जैविक खेती अगर किसानो को करना हो तो हम जानते है कि जेविक उर्वरक उसमें सबसे अहम भूमिका निभाते है। जिसे तैयार करने के लिये हम सभी जानते है कि बायोगैस प्‍लांट या फिर वर्मी कम्‍पोस्‍ट यूनिट लगाई जाती है। बहुत सी सरकारे ऐसी है जो जैविग खाद बनाने के लिये सब्सिडी प्रदान करती है। उन्‍ही में अब हरियाणा राज्‍य सरकार का नाम भी जुड़ने वाला है।

खबर है कि हरियाणा राज्‍य सरकार अब ऊर्जा तथा खाद के प्रोडक्‍शन के लिये बायोगैस प्‍लांट लगवाएंगी। इस प्‍लांट को लगाने के लिये हरियाणा सरकार किसानों को 4 लाख यानि कि 40 प्रतिशत का अनुदान भी प्रदान करेगी।

क्‍यूबिक के अनुसार मिलेगा अनुदान

हरियाणा सरकार ने जो ट्वीट कर जानकारी दी है। उसके अनुसार बायोगैस प्‍लांट (Biogas Plant) लगाने पर किसानो को क्‍यूबिक के अनुसार अनुदान राशि दी जायेगी। यह राशि क्‍यूबिक के अनुसार अलग होगी।

दी गई जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार 27 क्‍यूबिक प्‍लांट के लिये 127200 रूपये, वही 35 क्‍यूबिक के प्‍लांट के लिये 202000 रूपये, 45 क्‍यूबिक के लिये 238800 रूपये, 60 क्‍यूबिक प्‍लांट के लिये 302400 तथा 80 क्‍यूबिक प्‍लांट के लिये 395600 रूपये अनुदान के तौर पर प्रदान करेंगी।

खेती ओर पशु दोनों एक दूसरे के होते है पूरक

हरियाणा (Haryana) राज्‍य सरकार कि गिनती शुरू से ही कृषि प्रधान स्‍टेट्स में होती है। हरियाणा हो या फिर दूसरे कृषि प्रधान स्‍टेट हम जानते है कि यहॉं पर पशुपालन और खेती दोनो ही एक दूसरे के पूरक होते है। खेती जब किसान करता है तो फसल से पशुओ के लिये चारे का उत्‍पादन होता है।

वही गाय जो गोबर देती है, उससे खेती के लिये जैविक खाद तैयार होती है। जिससे खेती कि उपज बढ़ती है। इसलिये कहा जाता है कि पशु और खेती दोनो ही एक दूसरे के पूरक है। दोनों ही एक दूसरे से बंधे हुये है। एक दूसरे पर आश्रित है।

नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा विभाग कि बेवसाइट पर मिलेगी जानकारी

ऐसे में किसानों के लिये इस स्‍कीम को चालू करना। हरियाणा सरकार का बहुत ही अच्‍छा और बड़ा कदम है। वह किसान जो‍कि किसानी के साथ-साथ व्‍यवसाय पर भी ध्‍यान देते है। उनके लिये यह स्‍कीम बहुत ही फायदे कि होने वाली है।

इस स्‍कीम को हर स्‍टेट में जारी करना चाहिए। क्‍योंकि हम जानते है कि आजकल हर स्‍टेट में रासायनिक उर्वरक का इस्‍तेमाल हो रहा है। ऐसे में अगर किसानो को इस तरह का अनुदान दिया जायेगा। तो किसान प्रोत्‍साहित होकर बायोगैस प्‍लांट लगाएंगे और जैविक खाद के उपयोग को बढावा मिलेगा।

वह किसान जो कि हरियाणा राज्‍य से बीलोंग करते है और चाहते है कि वह भी इस योजना के लिय अप्‍लाई करे तो वह नवीन ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग कि वेबसाइट पर जाकर अधिक जानकारी ले सकते है। इसके अलावा हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास कि बेबसाइट पर जाकर भी जानकारी ले सकते है व इस स्‍कीम का फायदा उठाने के लिये अप्‍लाई कर सकते है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here