
Delhi: पेट्रोल की रोजाना बढ़ते दामों के बाद अपने वाहनों में सीएनजी किट लगवाने वाले लोग अब समस्याओं से गुजर रहे हैं। अत्याधुनिक हाईब्रिड इंजन वाले वाहनों में सीएनजी किट (CNG Kit) लगवाने के पश्चात जब ये लोग क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (Regional Transport Office) जा रहे हैं, तब उन्हें मालूम चला कि इसके रजिस्ट्रेशन में पहले ही पेट्रोल और बैटरी का विकल्प दिया गया है।
दरअसल तीसरे विकल्प के तोर पर सीएनजी को रजिस्ट्रेशन कार्ड में जगह नहीं दी जा सकती। ऐसे में लोग परेशान हो आरटीओ और डीलरों के चक्कर काटने के लिये मजबूर हैं। मिली जानकारी के मुताबिक पेट्रोल के दामों के बढ़ने के साथ-साथ वाहनों में सीएनजी किट लगवाने वालों की तादाद भी बहुत तेजी से बढ़ रही है।
लोग सीएनजी किट लगी हुई वाहन ही खरीद रहे हैं या नए वाहनों में ही सीएनजी किट लगवा रहे हैं। किट लगवाने के पश्चात जब वाहन का रजिस्ट्रेशन कार्ड को अपडेट कराने के लिए वे लोग आरटीओ (RTO) कार्यालय पहुंचते हैं तो मालूम चलता है कि उनकी कार को इंजन हाइब्रिड है, जिसके कारण से रजिस्ट्रेशन कार्ड को अपडेट करना कठिन है। इससे लोगों की समस्या बढ़ गई है।
आटोमोबाइल शो रूम के महाप्रबंधक (General Manager) के अनुसार उनके पास प्रती दिन ऐसे बहुत से लोग आ रहे हैं, जिन्होंने अभी कुछ समय पहले ही में अपने वाहनों में सीएनजी किट (CNG Kit In Car) लगवायी है। वह कार के डॉक्युमेंट्स में इसे दर्ज करने की मांग करते हैं लेकिन ये हमारे लिए संभव नहीं है।
असल मे उनकी कारों में पूर्व मे ही पेट्रोल और बैटरी का विकल्प दिया गया है। आरटीओ जितेन्द्र सिंह रघुवंशी (Jitendra Singh Raghuvanshi) ने मीडिया में बताया कि इस परेशानी को लेकर स्मार्ट चिप कंपनी से बात करने के बाद मुख्यालय से भी सलाह मांगी गई है।
आरटीओ कार्यालय पहुंच मालूम चलती है गड़बड़ी
इस विषय में जानकारी के अभाव के कारण से जब वाहन मालिक आरटीओ कार्यालय पहुंचता है, तो उसे मालूम चलता है कि उसकी वाहन में हाइब्रिड इंजन लगा हुआ है। इस कारण से उसे अपडेट नहीं किया जा सकता।
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जानकारी ना होने के कारण लोग सीएनजी किट तो लगवा चुके हैं, लेकिन अब परेशानी हो रहे हैं। परेशान वाहन मालिक आरटीओ से मांग कर रहे हैं कि उन्हें लिखित रूप से दे दिया जाये कि उनकी गाड़ी हाईब्रिड नहीं पेट्रोल से चलने वाली है, परंतु आरटीओ का कहना है कि ये उनके स्तर पर संभव नहीं है।
बीमा कंपनी कह सकती है NO CLAIM
बीमा कंपनी के अधिकारी के हिसाब से अगर वाहन खरीदने के पश्चात आप अपने वाहन में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करवा रहे हैं, तो इसक विषय मे जानकारी आरटीओ कार्यालय में देना जरूरी है और बीमा कंपनी को भी आवश्यक अवगत करवायें। ऐसा न होने पर यदि आप वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर क्लेम के लिए आवेदन करते हैं तो बीमा कंपनी इसे सीधे खारिज कर देगी।



