
File Photo
Bulandshahr: नौकरी करते-करते कई बार आपके मन में भी अपना बिजनेस (Business) करने का विचार आता होगा। लेकिन कई लोग उसे ख्वाह ही समझते है और कई लोग उसे अपना लक्ष्य समझ कर उसके पीछे पड़ जाते है। जब तक उसमे सफलता नही मिलती। क्योंकि आज हम आपको 2 ऐसे दोस्तों की सफलता की स्टोरी (Success Story) बता रहे हैं।
जिन्होंने पढ़ाई साथ की में 1 साल तक नौकरी की और उसके बाद अपना बिजनेस भी स्टार्ट कर लिया। इन दोनों सफल दोस्त का नाम है, दया आर्या और उपेंद्र यादव। दया आर्या (Daya Arya) और उपेंद्र यादव (Upendra Yadav) वो दो मित्र हैं।
जिन्होंने एक साथ शिक्षा प्राप्त की और फिर आगे चलकर अपना एक छोटा-सा कारोबार प्रारंभ किया। जहां दया बुलंदशहर (Bulandshahr) के निवासी हैं, तो उपेंद्र अलीगढ़ (Aligarh) के रहने वाले हैं। दोनों ने वर्ष 2012 में MBA की पढ़ाई खत्म करी और नौकरी करने लगे।
दोनों (Daya Arya and Upendra Yadav) ने लगभग एक वर्ष तक नौकरी की और फिर अपना कारोबार शुरू करने का मन बनाया। अफसोस, प्रारंभ अच्छा नहीं रहा दोनों ने साथ मिलकर कई कार्य में हाथ आजमाया, लेकिन उन्हें किसी में भी सफलता नहीं मिली।
कई बार ठोकर खाने के बाद दोनों एक बार फिर उठे और दूसरा काम शुरू करने का मन बनाया। इस बार दोनों ने सबसे पहले अपना बजट देखा और फिर बाजर के मूड के विषय में जानने का प्रयास किया।
10-20 हजार रुपये की मामूली लागत में शुरू किया बिजनेस
दया और उपेंद्र ने देखा कि आज का वक़्त डिजिटल मार्केटिंग का है। काफी सोच विचार कर दोनों ने डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) के क्षेत्र में ही अपना कार्य प्रारंभ किया और ऑनलाइन टी-शर्ट (Online T-Shirt) बेचने लगे।
दया आर्या ने टीवी9 भारतवर्ष के साथ साक्षात्कार के दौरान बताया कि उन्होंने केवल 10-20 हजार रुपये में ही ये स्टार्ट-अप (Start-Up) शुरू किया और इसका नाम रखा Trim Trim Store। टी-शर्ट विक्रय के लिए उन्होंने दूसरे कारोबारियों से बनी-बनाई टी-शर्ट क्रय की और ग्राहकों की मांग पर प्रिंटिंग भी दूसरों से कराई।
मार्च 2019 में शुरू किया था स्टार्ट-अप
मार्च 2019 में प्रारंभ हुए इस स्टार्ट-अप के जरिए दया और उपेंद्र विभिन्न प्रकार के कपड़े विक्रय करते हैं, जिस पर ग्राहकों की इच्छा अनुसार प्रिंटिंग की जाती है। हालांकि, इस कारोबार में जो वास्तु सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हुई, वो है टी-शर्ट।
दया ने बताया कि हमारे कपड़ों में टी-शर्ट सबसे आवश्यक वास्तु है, जिसे हम गर्मियों में पहनते ही हैं, सर्दियों में भी स्वेटर या जैकेट के अंदर पहनते हैं। इसके सिवाय भारत में ऐसे कई प्रदेश नही हैं, जहां सर्दियां पड़ती ही नहीं है। ऐसे में वहां के लोग पूरे वर्ष टी-शर्ट ही पहनकर रहते हैं।
पहले वर्ष 95 लाख रुपये का कारोबार
दया के अनुसार उनकी टी-शर्ट 100 प्रतिशत सूती कपड़ों से बनाई जाती है। पहले जहां सब लोग बनी-बनाई टी-शर्ट विक्रय कर लाते थे और दूसरों के पास ले जाकर ही प्रिंट भी कराते थे। लेकिन अब दया और उपेंद्र कपड़े से लेकर प्रिंट का कार्य स्वम ही करते हैं। दया ने बताया कि साल 2020/21 में इनके स्टार्ट-अप का कारोबार 95 लाख रुपये का रहा, जो अगले वर्ष 1.5 से 2 करोड़ होने की संभावना है।
दया ने बताया कि उनका व्यापार अब वक़्त के साथ बढ़ रहा है। लिहाजा, अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए उन्होंने एक बहुत ही बेहतरीन तरीका अपनाया। कारोबार को बढ़ाने के लिए दया और उपेंद्र ने कई लोगों के साथ टाई-अप किया, जो उनसे उत्पाद विक्रय कर अपने नाम पर बेच रहे हैं। इस प्रकार se उनका उत्पाद अब धीरे-धीरे पूरे देश में बिक रहा है।



