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Delhi: हर साल 20 जून को फादर्स डे पूरे विश्व में मनाया जाता है। ऐसे में फादर्स डे पर एक पिता के लिए इससे बड़ी ख़ुशी क्या होगी कि उनकी बेटी सेना की वर्दी पहने हुए नज़र आये। लेकिन आगरा में एक पिता को फादर्स डे का यह गिफ्ट इस दुनिया से जाने के बाद मिला है। बेटी ने पिता के सपने को पूरा करने का प्रण लिया और अपनी मेहनत और लगन से थल सेना में भर्ती होकर दिखाया।
जब बेटी रिचा अपने पिता की तस्वीर के सामने गयी, तो चेहरे पर सपना पूरा करने की ख़ुशी और आंखों में पिता के दूर होने का दुख दोनों था। कमलानगर निवासी रिचा पाराशर का मई में भारतीय थल सेना में अफसर के पद पर चयन हुआ है। रिचा के पिता का सपना था कि बेटी सेना में अफसर बने। पिता के जाने के बाद रिचा ने उनके सपने को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और उसे प्राप्त भी किया।
आपको बता दे की रिचा के पिता ब्रजेश पाराशर पुलिस विभाग में हैड आपरेटर के पद पर तैनात थे। 2004 में बीमारी के कारण उनका स्वर्गवास हो गया था। उस समय रिचा की उम्र 7-8 साल की थी। बचपन से ही रिचा ने अपने पिता से सुना था कि सेना में अफसर बनकर देश की सेवा करनी है। उनके इसी सपने को पूरा करने के लिए रिचा ने बहुत प्रयास किया।
एक हिंदी अखबार को रिचा के ताऊ राकेश पाराशर बताते हैं कि उनके छोटे भाई के रिचा में जान बसती थी। उसके पैदा होते ही उन्होंने सपना देखा था कि बेटी को सेना में अफसर बनाएंगे। विगत 29 मई को आफीसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में पासिंग आउट परेट में रिचा को दो स्वर्ण पदक व ट्रेनिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए श्रेष्ठता पत्र भी मिला था।
एक बातचीत के दौरान रीता निगम ने बताया कि हर वर्ष एनसीसी विशेष भर्ती के तहत मात्र पांच रिक्तियां भारतीय थल सेना में महिला अधिकारियों के लिए होती हैं। रिचा पाराशर इसमें ऑल इंडिया लेवल पर तीसरे स्थान पर चयनित हुई थीं। लेफ्टिनेंट रीता निगम ने बताया मात्र 10 वर्ष की उम्र में रिचा के पिता इस दुनिया से चले गए थे। वह रिचा को भारतीय सेना में देखना चाहते थे। पिता के सपने को लक्ष्य बनाकर उन्होंने आगरा कॉलेज के एनसीसी गर्ल्स विंग में दाखिला लिया था।
रिचा पाराशर आगरा कॉलेज गर्ल्स विंग की पूर्व एनसीसी कैडेट रह चुकी हैं। रिचा पाराशर का बचपन का सपना था कि सेना में भर्ती हों, क्योंकि उनके स्वर्गीय पिता बृजेश पाराशर भी भारतीय सेना में भर्ती होना चाहते थे। परन्तु वो सफल नहीं हो सके। जिसके बाद वे उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हो गए थे। इस सपने को बृजेश पाराशर ने बेटी से बताया था। तब रिचा पाराशर की उम्र करीब 10 साल थी।
पिता के इस दुनिया से जाने के बाद अपने पापा का सपना पूरा करने के लिए रिचा पाराशर ने आगरा कॉलेज में प्रवेश के समय एनसीसी लिया।इसके बाद उन्होंने आगरा कॉलेज से B.A और इतिहास में M.A की पढ़ाई पूरी की और फिर डॉ. भीम सेंट कानरेड्स इंटर कालेज से 12वीं और आगरा कालेज से एमफिल करने वाली रिचा ने NCC विशेष भर्ती के तहत केवल 5 रिक्तियों में पूरे भारत में 3th स्थान हासिल किया था।



