
File Photo
Delhi: कांग्रेस पार्टी में मुश्किलों का दौर अभी भी ज़ारी है और गाँधी परिवार हाँथरास में उलझा हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता खुशबू सुंदर (Khushboo Sundar) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को इसे लेकर एक पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में पार्टी के बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
खुशबू ने बड़े स्तर पर बैठे लोगों पर उन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाली हैं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘पार्टी के अंदर कुछ तत्व उच्च स्तर पर बैठे हैं, जिनका जमीनी हकीकत या सार्वजनिक मान्यता से कोई जुड़ाव नहीं है, वो आदेश दे रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि मुझ जैसे लोग जो पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं, उनको दबाया जा रहा है।
उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा कि मैंने लंबे समय तक सोच विचार करने के बाद पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए जाने के लिए राहुल गांधी और अन्य नेताओं का धन्यवाद किया है। न्यूज एजेंसी एएनआइ के मुताबिक खुशबू सुंदर जल्द ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाली हैं।
Khushbu Sundar dropped as AICC spokesperson with immediate effect: Congress (file pic) pic.twitter.com/BiXUaVn3WR
— ANI (@ANI) October 12, 2020
आपको बता दे की तमिलनाडु कांग्रेस ने खुशबू सुंदर के इस फैसले को लेकर उन पर ‘वैचारिक प्रतिबद्धता’ की कमी का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि उनके इस फैसले से तमिलनाडु की राजनीति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। खुशबू के भाजपा में शामिल होने की खबरों पर तमिलनाडु में एआइसीसी के प्रभारी दिनेश गुंडु राव ने कहा कि वह एक सप्ताह पहले तक भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहीं थीं।
Tamil Nadu Congress Leader Khushbu Sundar May Join BJP, Leaves For Delhi https://t.co/p3M13KFvmD pic.twitter.com/YCUyMaUlen
— NDTV (@ndtv) October 12, 2020
अब भाजपा में शामिल होना, जिसकी वह आलोचना कर रहीं थीं, यह बताता है कि खुशूब में वैचारिक प्रतिबद्धता नहीं है। बता दें कि राजनीति में आने से पहले खुशबू सुंदर दक्षिण भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री थीं। साल 2014 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी और उससे पहले 2010 में खुशबू सुंदर ने द्रमुक पार्टी का दामन थामा था। उस समय पार्टी तमिलनाडु की सत्ता में थी।



