पहला स्टील फाइबर वाला अत्‍याधुनिक पुल बिहार में यहाँ बनने जा रहा, 100 साल से ज्यादा होगी उम्र

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Vikramshila Setu Bridge Bihar

Photo Credits: Twitter

Bhagalpur: पुल (Bridge) एक राष्ट्र और राज्य दोनों के बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिससे कच्चे माल और तैयार माल को कारखानों, गोदामों, विक्रेताओं, दुकानों और अंतिम-उपभोक्ताओं को भेजना सुविधाजनक हो जाता है। पुल से आवागमन की सुविधा भी प्राप्त होती हैं, जब कहीं कोई पुल ना हो या बंद हो जाता है, तो आर्थिक गतिविधि धीमी हो जाती है या पूरी तरह से ठप्प पड जाती है।

सेतु निर्माण से नकदी प्रवाह (Cash Flow) में वृद्धि लाने मे सहयता प्राप्त होती हैं जब वे दो स्थानों से जुड़ते हैं, जो आर्थिक तौर पर एक दूसरे के पूरक होते हैं। इसका एक शक्तिशाली प्रभाव हो सकता है, जब एक बड़ा धन आपूर्ति वाला क्षेत्र उस क्षेत्र से जुड़ा होता है, जिसके पास बेचने के लिए उत्पाद या सेवाएं होती हैं या जिन्हें कार्य की आवश्यकता होती है।

पुल का निर्माण अक्‍टूबर से प्रारंभ

यही बात तब सच होती है, जब एक समुदाय जिसके पास कच्चा माल होता है, दूसरे तक आसान पहुँच प्राप्त करता है, जिसके पास कारखाने हैं, जो उन्हें बिक्री योग्य माल में बदलने में सक्षम हैं। भागलपुर (Bhagalpur) में विक्रमशिला के समानांतर (Parallel) पुल का निर्माण अक्‍टूबर से प्रारंभ हो रहा है।

पुल को ज़ोरदार बनाने के लिए ताकि लगभग सौ वर्षो से अधिक की इसकी आयु हो, पुल को स्टील फाइबर कंक्रीट प्रौद्योगिकी को सुदृढ़ करें (Reinforce Concrete Technology) व अतिरिक्त डोज़ का उपयोग करके निर्मित किया जाएगा। इस तकनीक से ना सिर्फ पुल ज़ोरदार बनेगा, बल्कि इससे सेतु की कीमत भी कम हो जाएगी। उसके रखरखाव में भी परेशानी कम होगी।

अत्याधुनिक तकनीक और फोर लेन सेतु बनेगा

गौरतलब है कि इस तकनीक से निर्माण हो रहा राज्य का यह प्रथम सेतु होगा। पुल की रचना का कार्य रोडिक कंसल्टेंट को सौपा गया है। इस डिजाइन के निर्माण हेतु अमेरिका की कंपनियों से सहायता लेने पर चर्चा हो रही थी। भागलपुर (संजय) विक्रमशिला के समानांतर (Parallel to the Existing Vikramshila Setu) फोर लेन सेतु (Four Lane Setu) का निर्माण का कार्य अत्याधुनिक तकनीक से होगा।

सेतु की आयु सौ वर्ष से अधिक हो इसलिए सेतु (Vikramshila Setu) को स्टील फाइबर (रिइंफोर्सड कंक्रीट टेक्नोलॉजी) व एक्सट्रा डोज का उपयोग कर निर्मित किया जा रहा है। ताकि सेतु की आयु सौ वर्षों से अधिक हो। इस तकनीक से सेतु की लागत भी कम होगी। उसके रखरखाव में दिक्कतें कम होगी। यह इस तकनीक से निर्मित होने वाला पुल सूबे का प्रथम होगा। पुल की रचना का कार्य रोडिक कंसल्टेंट को मिला।

कुछ समय पूर्व में ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विक्रमशिला सेतु (Vikramshila Setu) के समानांतर प्रस्तावित फोरलेन सेतु को बनाने के लिए और अत्याधुनिक तकनीक की रचना को लेकर बैठक की थी। बैठक में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और रोडिक कंसल्टेंट के इंजीनियर भी सम्मिलित थे।

बैठक के पश्चात अत्याधुनिक तकनीक की रचना के निर्माण में गति आई है। विक्रमशिला सेतु को पार करते वक़्त भयभीत हो जाते हैं लोग, पाया में पड़ने लगी है दरार, रेलिंग भी टूटा, सेतु का मार्ग जर्जर गंगा नदी पर विक्रमशीला पुल के समानांतर 4.367 किलोमीटर लंबे नए फोर लेन सेतु (Four Lane Setu) को अगले चार वर्षों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिस प्रकार की रचना बनाइ जा रही है, उसमें 4.367 किलोमीटर लंबे पुल के साथ नवगछिया की ओर 875 मीटर और भागलपुर की ओर 987 मीटर पहुंच पथ भी शामिल है। सेतु का निर्माण कार्य पूरा होने के पश्चात , भागलपुर शहर में यातायात सुगम हो जाएगा और वाहन झारखंड से प्रवेश कर सकेंगे।

बिहार और झारखण्ड को मिलेगी नई सौगात

इस नए फोरलेन पुल के निर्माण होने से नवगछिया से भागलपुर होते हुए, झारखंड (Jharkhand) की सीमा तक पहुंचने का मार्ग सरल हो जाएगा। यह सेतु बिहार और झारखंड के मध्य (Between Bihar and Jharkhand) यातायात को और आरामदायक बनाएगा। इस पुल का निर्माण पूर्ण हो जाने से कोसी-सीमांचल और पूर्व बिहार के जिलों को फायदा मिलेगा।

यही नहीं पश्चिम के जिलों और अन्य कई पुलओं पर भार भी काफी कम होगा। राज्य के सीमांचल का झारखंड के साथ मार्ग संपर्क तो शानदार होगा ही, पश्चिम बंगाल के साथ भी कनेक्टिविटी मे बढ़ोतरी तथा पूर्वोत्तर के लिए एक नवीनतम वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा।

रोडिक कंसल्टेंट के निदेशक मनोज कुमार का कहना है, इस परियोजना के लिए भारत में नई तकनीक को लेकर सभी बेहद उत्साहित हैं। यह पुल कार्गो और अन्य महत्वपूर्ण सामानों की निर्बाध आवाजाही को तय करेगा। यह योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर कई गुणा गुन असर डालने की दिशा में एक सशक्त कदम होगा।

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