खुशखबरी: देश मे बना एशिया का सबसे बड़ा हाई स्पीड टेस्टिंग ट्रैक, जानें खासियत

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Indore High Speed Track
Asia's longest high speed test track opens in Pithampur. Asia's longest high-speed track for automotive testing inaugurated in Indore. NATRAX High Speed Track is Asia’s longest test track.

Photo Credits: Twitter

Indore, Madhya Pradesh: एशिया का सबसे लंबा हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक इस देश में तैयार, 375km की स्पीड में भी हो सकेगा टेस्ट भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मध्य प्रदेश के इंदौर के पीथमपुर में एशिया के सबसे लंबे हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक का उद्घाटन किया।

इंदौर जिले स्थित पीथमपुर Pithampur High Speed Car Testing Track में एशिया का सबसे बड़ा हाई स्पीड टेस्टिंग ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। सोमवार को वर्चुअली केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उसका उद्घाटन किया है। इस ट्रैक पर 250 किमी की रफ्तार से सुपर कार Super Car High Speed Testing Track की टेस्टिंग हो सकेगी।

पीथमपुर में बने ट्रैक की लंबाई 11.30 किलोमीटर है। दुनिया में सबसे लंबे ट्रैक की लंबाई 21 किलोमीटर है, जो जर्मनी में है। पीथमपुर ट्रैक दुनिया में पांचवां सबसे लंबा है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इंदौर के पीथमपुर में बने स्पीड टेस्टिंग ट्रैंक का उद्घाटन कर खुशी जाहिर की। इस ट्रैक पर 250 किमी की रफ्तार से हाई स्पीड कार की टेस्टिंग होगी।

वहीं, कर्व पर 308 किलोमीटर की रफ्तार से टेस्टिंग मुमकिन है। हालांकि स्ट्रेट लाइन पर इसकी कोई स्पीड लिमिट नहीं है। उद्घाटन से पहले लेंबागिनी कार की यहां स्पीड टेस्ट हुई थी। प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि भारत के लिए यह बड़ी कामयाबी है। भारत ऑटो मोबाइल सेक्टर के लिए केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह मेक इन इंडिया की सफलता है।

वाहनों की संपूर्ण डायनामिक्स टेस्टिंग इस ट्रैक पर सम्भव होगी। जैसे अधिकतम गति को आंकना, एक्सीलरेश, तय गति पर ईंधन खपत, रियल रोड ड्राइविंग सिमुलेशन के जरिए उत्सर्जन परीक्षण, लेन बदलने में वाहन की स्थिरता, उच्च गति की निरंतरता परखने आसान होगा है। ट्रैक अंडाकार है, इसलिए घुमाओं पर स्टेयरिंग नियंत्रण 375 किमी की रफ्तार पर भी हो सकेगा।

हाई स्पीड का ट्रैक का उपयोग बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, ऑडी, फेरारी, लेम्बोर्गिनी, टेस्ला आदि जैसी हाई-एंड कारों की अधिकतम हाई स्पीड क्षमता को मापने के लिए किया जाता है। जिसे किसी अन्य भारतीय परीक्षण ट्रैक पर मापना सम्भव नही हो पाता है। मध्यप्रदेश में स्थित होने के कारण, यह अधिकांश ओईएम के लिए हेल्पफुल है।

यह सभी प्रकार के हाई स्पीड परीक्षणों के लिए एक प्रमुख स्थान है, जो दुनिया में सबसे बड़े ट्रैकों में से एक है। यह सभी तरह की श्रेणी वाले वाहनों की आवश्यकता को पूरा कर सकता है। दो पहिया वाहनों से लेकर सबसे भारी ट्रैक्टर ट्रेलरों तक के वाहनों का इस ट्रैक पर परीक्षण करना आसान हो जाएगा।

ट्रैक के घुमावों पर वाहनों की स्टेयरिंग का नियंत्रण 375 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति पर भी किया जा सकता है। इसके लिए ट्रैक को कम अंडाकार बनाया गया है, जो इसे वैश्विक स्तर पर सबसे सुरक्षित परीक्षण ट्रैक में से एक बनाता है।

हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक 16 मीटर चौड़ा और ओवल (अंडाकार) आकार का है। यह फेसिलिटी इंदौर से 50 किलोमीटर दूर स्थित है और इसे लगभग 2,960 एकड़ जमीन पर डेवेलोप किया गया है। इसे 250 किलोमीटर प्रति घंटे तक की न्यूट्रल स्पीड और कर्ब पर 375 किलोमीटर प्रति घंटे तक की अधिकतम स्पीड के लिए तैयार किया गया है।

इस सुविधा से वाहनों को टेस्टिंग के लिए विदेश नहीं भेजना होगा, इनकी टेस्टिंग अब भारत में ही सम्भव होगी। विदेश से आने वाले वाहनों का टेस्ट भी यहीं हो सकेगा। यहां सीधे रास्ते पर स्पीड की कोई लिमिट नहीं, वहीं घुमावदार ट्रैक को 250KM/घंटे की न्यूट्रल स्पीड और अधिकतम 375KM/घंटे की स्पीड के हिसाब से तैयार किया गया।

केन्द्रीय मंत्री जावड़ेकर ने विश्व स्तरीय 11.3 किमी लंबे हाई स्पीड ट्रैक के ई-उद्घाटन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का ऑटोमोबाइल और स्पेयर पार्ट्स का मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनना निश्चित है। मंत्री ने कहा, हम तेजी से ‘आत्म-निर्भर भारत’ की ओर बढ़ रहे हैं और इस दिशा में हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं।

ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों के विस्तार से नए रोजगार पैदा करने में भी सहयोग मिलेगा। नए रोजगार मिलने से देश के युवा अपने देश मे ही रहकर रोजगार प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि रेलवे, राजमार्ग और जलमार्ग क्षेत्र की कई परियोजनाएं वर्षों से लटकी हुई थीं, जो आज मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण पूरी हो रही हैं।

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