
Delhi: सुर और ताल की बात, साज-आवाज की दुनिया और भक्ति संग संगीत का समागम, कुल मिलाकर संगीतमयी निशा। आध्यात्मिक माहौल को और भी दिव्य बनाती सुरों की आवाज अब हमको सड़को में भी सुनाई देगी। भारत के बड़े शहर हों या छोटे, बेवजह हॉर्न बजाना एक सामान्य समस्या दिखाई देती है।
कई बार लोग ट्रैफिक लाइट को नजरअंदाज करते हुए इतना तेज पार करने की लगातार कोशिश करते हुए हॉर्न (Horn) बजाते रहते हैं। हॉर्न की भड़काऊ आवाज बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। कई हॉर्न की आवाज कानो में इतना चुभती है कि उसको 5 सेकंड के लिए भी नही सुन सकते।
जल्द ही इन बेसुरे हॉर्न से छुड़करा मिलेगा। लेकिन जल्द ही देश में कानफोड़ हॉर्न की जगह वाहनों के हॉर्न के रूप में केवल भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की आवाज का उपयोग हो सकता है। इससे कानो में पीड़ा नही शुकुन भरा आनन्द मिलेगा।
वाहनों के हॉर्न से आएगी वाद्ययंत्र की आवाज केंद्र सड़क एवं परिवहन मंत्री का एलेना जानिये क्या है इसके पीछे का कारण एक और जंहा कुछ नेता अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं, तो कुछ घोटालों और अपनी धन सम्पत्ती के लिए कुछ ही है जो जनता के दिलों में राज करते हैं। ऐसे ही केन्द्र सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Union Road Transport Minister Nitin Gadkari) उनके और उनके मंत्रालय द्वारा किये जाने वाले बेह्तरीन कामों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं।
अभी हाल ही मे दिल्ली-जयपुर विद्युत राष्ट्रीय राजमार्ग के विषय में जानकारी उनके द्वारा दी गई थी और अब गाड़ियों के हॉर्न से हार्मोन और तबला आदि की आवाज निकलेगी की घोषणा की है। सड़कों पर दौड़ते वाहनों में अब तबला, हारमोनियम (Harmonium), सारंगी (Sarangi) और शंख (Shankh) की आवाज वाले हार्न (Horn) सुनाई देंगे।
नए प्रकार के हार्न पैटर्न पर काम प्रारंभ कर दिया गया है। इससे ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) मे गिरावट आएगी। सबसे पहले चरण में ऐसे हार्न एंबुलेंस में लगेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) दौसा (Dausa) जिले दिल्ली-मुंबई (Delhi-Mumbai) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने के पश्चात् धनावड़ (Dhanavad) ग्राम में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
We're thinking of bringing a law under which use of sound of Indian musical instruments like harmonium, tabla,etc as a horn for vehicles will be compulsory. Sirens of ambulances&police vehicles will also be replaced with soothing sounds: Union Min Nitin Gadkari in Nashik on Oct 3 pic.twitter.com/FbVY1t4WpC
— ANI (@ANI) October 5, 2021
उन्होंने इस एक्सप्रेसवे का काम तेजी से करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) और एक्सप्रेस वे पर टोल नीति में परिवर्तन भी किया जाएगा। अगले दो वर्षों में जीपीएस सिस्टम से टोल के भुगतान की व्यवस्था की जाएगी। इसमें एक साफ्टवेयर तैयार कर सैटेलाइट और जीपीएस से कनेक्ट किया जाएगा। इसके बाद जो भी वाहन राजमार्ग पर जितने भी किलोमीटर चलेगा।
ध्वनि प्रदूषण से मिलेगा छुटकारा
इसी दौरान उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री होने के नाते उनका मंत्रालय यह कोशिस कर रहा है कि गाड़ियों में जो हॉर्न और सायरन की ध्वनि होती है उसमें तबला, हारमोनियम, बांसुरी और बिगुल जैसे भारतीय वाद्यों की ध्वनि सुनाई दे। इससे दो फायदे होंगे, एक तो ये ध्वनि प्रदूषण मे गिरावट आएगी और दूसरा वन्य जीवन के संरक्षण में भी काम आएगा।
इस प्रकार के हॉर्न से निकलने वाली आवाज को सुन्न अपने आप में एक अनोखा अनुभव होगा इससे पहले ऐसा कुछ करने के लिये हमें अलग से पेसे देकर वाहनों पर काम कराना पड़ता था और सायद एसा प्रयोग करने वाला भारत पहला देश होगा।



