
Ahmedabad: मोदी सरकार के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शुभारंभ हो चुका है। देश की सवा सौ करोड़ जनता को अब जिस बात का बेसब्री से इंतजार है, उसको लेकर देश मे खुशी की लहर भी नजर आ रही गया। सभी पलके बिछाये उसी का इन्तेजार कर रहे है।
भारत नये कीर्तिमान को स्थापित कर रहा है। हर दिन नई खोज कर भारत भी अपने आप मे आत्मनिर्भर बनते जा रहा है। अब अगर किसी चीज का इंतजार है, तो वो है जब बुलेट ट्रेन इस देश में पहली बार दौड़ेगी। साथ ही इस देश का बच्चा-बच्चा पहली बार बुलेट ट्रेन को अपनी आंखों से देखेगा। ये सपना नही है, ये जल्द ही हकीकत में पूरा होने वाला है।
बुलेट ट्रेन का ख्वाब शीघ्र ही पूर्ण होने वाला है। नेशनल हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड (National High Speed Rail Corporation Limited) ने बुलेट ट्रेन चलाने के लिए रेल मार्ग का ढांचा तैयार कर लिया है। आपको बता दें कि NHSRCL ही मुंबई-अहमदाबाद के मध्य बुलेट ट्रेन परियोजना (Mumbai–Ahmedabad high-speed rail corridor) को पूरा कर रहा है, जिसे बुलेट ट्रेन परियोजना भी कहा जा रहा है।
9 सितंबर 2021 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) जी के द्वारा स्वदेश में ही डिजाइन और निर्माण की हुई एक मशीन (Machine) को हरी झंडी दिखा दी गई है। इस मशीन का नाम फोल स्पेन लॉन्चिंग मैट्रोलोजी (Fol Spain Lunching Metrology) है।
जेसा की आप सभी को पता है कि देश मे एक नहीं बल्कि सारे बुलेट ट्रेन परियोजनाओं (Bullet Train Project) के लिये तकरीबन 20 से भी अधिक एसी मशीनों की आवश्यकता है। इन मशीनों से मुंबई-अहमदाबाद (Mumbai-Ahmedabad) बुलेट ट्रेन गलियारे (Corridor) निर्माण में गति आयेगी।
Full Span Launching Equipment to expedite construction of Mumbai-Ahmedabad High Speed Rail Project flagged off.
It is Indigenously designed and manufactured.
https://t.co/fGOQCo4xxz pic.twitter.com/gcEdaX98B7— Ministry of Railways (@RailMinIndia) September 9, 2021
कुछ दिवस पूर्व महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और सौंपने में धीमे कार्य के चलते परियोजना में देरी की बात समक्ष आई थी। इस ख़ास मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के तहत सरकार भारतीय रेलवे को देश के समावेशी विकास का इंजन बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय रेलवे एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसमें समान्य जनता की भावना समाहित हैं।
इस मशीन का उपयोग बुलेट ट्रेन गलियारे के निर्माण में किया जाता है। इस मशीन को ज्यादातर चाइना जापान कोरिया जैसे देशों में देखा गया है। आज 21वीं सदी में भविष्य को दृष्टि में रखकर योजनाएं बनाने और उन्हें धरातल पर कार्यान्वित करने की आवश्यकता है। रेल मंत्री ने कहा कि आज का समारोह उसी नए भारत की ओर पग बढ़ाने का एक उदाहरण है।
[India Bullet Train Updates] Construction activities for Mumbai – Ahmedabad High Speed Rail Corridor is going on full pace. L&T has started casting works of pile & pile caps at various locations near Anand and Surat in Gujarat.#bullettrainupdates #metrorailtoday pic.twitter.com/JshowWHKY2
— Metro Rail Today (@metrorailtoday) October 8, 2021
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train corridor Project) के निर्माण का इंतजार लोग बेसब्री से कर रहे हैं। ये मशीन काफी गति से बुलेट ट्रेन निर्माण के कार्य को सम्पूर्ण करती है और अब इसी मशीन (Machine) को एक भारतीय कंपनी (Indian Company) द्वारा पूरी तरह से स्वदेशीकरण के तहत भारत में तैयार किया गया है जो भारत में बनने वाली बुलेट ट्रेन के हर प्रकार के काम में गति प्रदान करेगी। इस परियोजना की लागत 1.8 लाख रुपये।
Progressing Swiftly:
Mumbai-Ahmedabad High Speed Rail Corridor taking shape. The Pile & Pile Cap work is in full swing at various locations near Anand, Gujarat. pic.twitter.com/H7BqauIkom
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) October 9, 2021
आपकी बता दें कि यह मशीन 30, 35 से 45 मीटर डिस्टेंस कंक्रीट बॉक्स ग्रेड्स को जिसका भार तकरीबन 700 से 975 मेट्रिक टन तक होगा, जिनको इसी मशीन के जरिये लगाया जाएगा। जिनकी लंबाई लगभग 40 मीटर तक रहेगी वहीं इस मशीन का उपयोग मुंबई से लेकर के अहमदाबाद के मध्य में निर्मित होने वाली 508 किलोमीटर बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए किया जाएगा।



