इस शहर में बजरंग सेतु नाम से ग्लास ब्रिज बन रहा है, यहाँ का पहला ग्लास ब्रिज टूरिज्म बढ़ायेगा

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Rishikesh Glass Bridge
All About Rishikesh Glass Bridge Bajrang Setu In Hindi. 62 percent work completed on Bajrang Setu in Rishikesh Uttarakhand.

Rishikesh: पर्यटन किसी भी देश एवं स्थान के आर्थिक गतिविधि को तेज करने का सबसे आसान तरीका है। हर जगह की सरकार अब यह बात समझ चुकी है कि यदि उन्हें अपने प्रांत का डेवलपमेंट करना है। और अपने लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत करनी है, तो लोकल टूरिज्म को बढ़ावा देना ही पड़ेगा।

इसके लिए जहां कुछ स्टेट्स में ऐतिहासिक धरोहर है जैसे मंदिर, किले इत्यादि वहां पर टूरिस्ट को आकर्षित करना बहुत ही आसान है। परंतु कई ऐसी जगह भी है, जहां कोई भी ऐतिहासिक मीनारें नहीं तो वहां पर आर्टिफिशियल कुछ ऐसे स्पोर्ट्स तैयार किए जा सकते हैं, जिसके जरिए हम टूरिज्म को बढ़ावा दे सके। इसी सिलसिले में बिहार सरकार ने अपने इस शहर में ग्लास ब्रिज तैयार किया है।

दुनिया भर में चाइना इस मामले में सबसे आगे है। जिसके ग्लास ब्रिज की तस्वीरें और वीडियोस लोग देखते ही हैरान हो जाते हैं। मां गंगा की नगरी में यानी ऋषिकेश में भी ग्लास ब्रिज (Rishikesh Glass Bridge) का निर्माण प्रारंभ हो चुका है, बहुत जल्द मां गंगा के दर्शन लोग ग्लास ब्रिज से कर सकेंगे आइए जाने पूरी कहानी।

हो रहा है बजरंग सेतु का निर्माण

मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें ऋषिकेश में मां गंगा के दर्शनों के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। हां दोस्तों अब बहुत जल्द पर्यटक मां गंगा के दर्शन ग्लास ब्रिज से कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग की तरफ से ऋषिकेश में कांच ब्रिज बनाया जा रहा है। यह भारत का पहला ग्लास ब्रिज होगा जो लक्ष्मण झूला की तरह दिखाई देगा।

आपके लिए खुशखबरी है कि इस ब्रिज का 62 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है। इस ब्रिज की लंबाई 132 मीटर है। मोटे तौर पर बताया जा रहा है कि जुलाई वर्ष 2023 तक इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा और पर्यटकों के लिए यह ब्रिज की शुरुआत कर दी जाएगी।

69.30 करोड़ की लागत पर बना बजरंग सेतु

दोस्तों आपको बता दें ऋषिकेश मां गंगा की लिए भिक्षा की नगरी है, अक्सर लोग छुट्टियां बिताने के लिए और मां गंगा के दर्शन करने के ऋषिकेश आते हैं। परंतु अब भारत का पहला ग्लास ब्रिज जिसका नाम बजरंग सेतु (Bajrang Setu) है। इस ब्रिज ने ऋषिकेश की शान को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है।

लोक निर्माण विभाग की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि इस ब्रिज के निर्माण में 69.30 करोड रुपए खर्च किए गए हैं। हाल ही में लोनिवि एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के द्वारा इस ब्रिज का निरीक्षण किया गया है और इसके बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मीडिया को दी गई है।

132 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा ब्रिज

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि कांच ब्रिज की लंबाई 132 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है। इस ब्रिज को इंजीनियरों द्वारा हाईटेक टेक्नोलॉजी के माध्यम से बनाया गया है, जिसमें इंजीनियरिंग की झलक साफ दिखाई पड़ती है। यह भारत का पहला फुटपाथ कांच पूल होगा जिसने ऋषिकेश की शान को दुगना कर दिया।

आपको बता दें इस कांच ब्रिज के टावर से आप केदारनाथ की संपूर्ण आकृति को देख सकेंगे। पर्यटकों के लिए यह एक शानदार व्यू होगा, जिसके लिए लोग पहाड़ो की चढ़ाई करते हैं, वह अब कांच ब्रिज से प्राप्त होगा।

कांच ब्रिज की बनावट

दोस्त आपको बता दें 132 मीटर लंबे और 8 मीटर चौड़े इस ब्रिज को वाहनों के चलने लायक बनाया गया है। आपको बता दें इस पुल की 3 लेन के दोनो तरफ 65 मिमी का फुटपाथ का निर्माण किया गया है और पूल के बीच में ढाई ढाई मीटर की डबल लेन बनाई गई है, जिसमें से दोपहिया और चार पहिया वाहन गुजारे जा सके। इसके साथ ही इस कांच ब्रिज के टावर की ऊंचाई लगभग 27 मीटर होगी।

आपको जानकारी होगी कि अप्रैल 2022 से लक्ष्मण झूला में आवाजाही बंद कर दी गई है, क्योंकि 92 वर्ष पुराना लक्ष्मण झूला पूरी तरह जर्जर हो चुका है। अब उस झूले को दोबारा निर्मित किया जा रहा है। यह कांच ब्रिज लक्ष्मण झूला का एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा। इस ब्रिज के माध्यम से आप मां गंगा को 57 मीटर ऊंचाई से देख सकते हैं और शानदार दृश्य का आनंद उठा सकते हैं।

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