भारत का एक ऐसा बाजार, जहां केवल महिलाएं दुकान लगाती हैं, इस अनोखें बाजार के बारे में जानें

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Ima Market Imphal
All About Ima market Imphal Manipur. The Ima Market also known as the Nupi Keithel The Women's Market in Imphal.

Imphal: व्यापार के क्षेत्र में केवल पुरुष ही आगे माने जाते हैं। ज्यादातर बाजारों और दुकानों में केवल पुरुष को ही देखा गया है कि वह व्यापार कर पैसे कमा रहे हैं और घर की महिलाएं परिवार को और घर गृहस्ती को चला रहे हैं। समय में काफी परिवर्तन आ चुका है। आज की स्थिति है कि व्यापार हो चाहे नौकरी हर जगह महिलाएं बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

वर्तमान समय की युवा पीढ़ी की युवतियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे हैं। जरूरी नहीं होता कि व्यापार और दुनिया को चलाने में केबल एक मर्द का हाथ हो, महिलाएं भी हैं, जो अपने परिवार को पालने के लिए व्यापार और नौकरी का सहारा लेती है। आज हम इस लेख के माध्यम से एक ऐसे बाजार की बात करेंगे जहां केवल महिलाएं दुकान लगाते हैं, तो आइए जाने इस अनोखे बाजार के बारे।

मणिपुर का ईमा कैथेल बाजार (Ima Market Imphal)

कुछ लोग यात्रा की इतने दीवाने होते हैं कि वह यात्रा करते करते दुनिया की उन जगहों के बारे में भी जान लेते हैं जिसके बारे में दुनिया के बहुत कम लोगों को खबर होती है। यह दुनिया बहुत बड़ी है इस दुनिया में ढेरों देश है, देश के अंदर राज्य हैं और राज्य के अंदर प्रांत है।

इन प्रांतों के अंदर भी छोटे-छोटे क्षेत्र हैं, जहां के संस्कृति और सभ्यता और उस क्षेत्र की पहचान सभी क्षेत्रों से पृथक होती है। हर क्षेत्र अपनी विशेषता के लिए जाना जाता है। इसी प्रकार भारत का मणिपुर (Manipur) का इमा कैथेल बाजार महिलाओं के बाजार के नाम से प्रसिद्ध है।

यह बाजार मणिपुर की राजधानी इंफाल के मध्य में स्थित है। यह बाजार आंतरिक अर्थव्यवस्था की बैकबोन माना गया है। इमा कैथेल बाजार (Nupi Keithel Market) स्थानीय भाषा से लिया गया है, इमा का मतलब मां और कैथल का मतलब बाजार होता है याने माओ का बाजार।

महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है इमा कैथेल बाजार

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि यह बाजार महिलाओं का है जहां कई सारी महिलाएं आपस में मिलकर इस बाजार को चलाती हैं और खुद को आत्मनिर्भर। यह बाजार महिलाओं के सशक्तिकरण का एकमात्र उदाहरण है जो उन महिलाओं को प्रेरित करता है, जो अपना जीवन पुरुषों के जीवन से जोड़ कर रखती हैं।

भारत में आज भी कुछ महिलाएं ऐसी हैं जो खुद को पति की पूंजी का हिस्सा मानती है। इमा कैथेल को नुपी कैथेल भी कहते है। आप सोच रहे होंगे कि यदि इस बाजार में केवल महिलाएं दुकान लगा रही है, तो महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन या उनके फैंसी ड्रेसेस की दुकानें होंगी।

आपको बता दें इस बाजार में घर गृहस्ती से संबंधित सभी वह चीजें मिलती हैं, जो एक घर में उपयोग की जाती। अब देख सकते हैं कि इस बाजार में महिलाएं ऊनी कपड़ों से लेकर मछली की दुकानें भी लगाती है।

16 वी शताब्दी में स्थापित किया गया यह बाजार

लोगों का कहना है कि यह बाजार आज का नहीं बल्कि दशकों पुराना है। सोलहवीं सदी याने वर्ष 1533 मैं महिलाओं के द्वारा यह बाजार स्थापित किया गया था। इस बाजार की संचालक महिलाएं हैं। आप देख सकते हैं कि हर दुकान में एक महिला संचालक ही नजर आएगी।

जैसा कि हम जानते हैं कि नारी शक्ति आज के समय में सबसे बलशाली मानी जाती है। नारी शक्ति आज के समय में हर संभव काम कर सकती है। आज की नारी धरती के साथ-साथ अंतरिक्ष में भी जाकर रिसर्च कर देश के हित के लिए कार्य कर रही है।

बाजार निर्माण की कहानी

जानकारी के अनुसार पता चला है कि इस बाजार निर्माण के पीछे भी एक कहानी है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। स्थानीय लोगों ने बताया है कि जब 16वीं शताब्दी में घर के पुरुष वर्ग खेतों में चावल की फसल उगाते थे।

उस समय घर की महिलाएं केवल घर गृहस्ती संभालती थी, धीरे-धीरे इन्हीं महिलाओं ने घर से निकल कर कुछ करने की ठानी फल स्वरूप यह बाजार का निर्माण हुआ। यह बाजार सदियों पुराना है, इसीलिए इस बाजार को सरकार के द्वारा भी नहीं हटाया जा सका। तब सरकार ने इसी बाजार के बाजू में वर्ष 2010 में एक नई बाजार की स्थापना की जहां पुरुष और महिला दोनों को दुकान लगाने की परमिशन दी गई।

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