
Delhi: दोस्तों हम सब जानते हैं, हमारा भारत देश प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है। भारत के लगभग हर कोने में प्रकृति ने सुंदरता की जो छटा बिखेरी है, उसे देख कर के यूं लगता है, जैसे स्वर्ग में आ गए हैं जहां एक ओर कश्मीर की घाटियां है।
वही शिमला मनाली जैसे रमणीक बर्फीले स्थल है और मध्य से लेकर साउथ तक ढेरों पर्वत श्रृंखलाएं अपनी सुंदर वादियों के लिए सैलानियों को हमेशा से आकर्षित करते आए हैं। उत्तर पूर्वी हिस्सा भी अपनी प्राकृतिक सुंदरताओं के लिए प्रसिद्ध रहा है।
उस क्षेत्र से भौगोलिक दृष्टि में काफी कम संपर्क होने की वजह से बहुत सारी गलत धारणाएं जानकारी एवं उनकी मान्यताओं को लेकर के संशा बनी रही है, जिसके चलते सालों तक पर्यटक उस स्थल पर जाने से कतराते रहे हैं, परंतु वास्तविकता यह है कि मणिपुर नागालैंड जैसे राज्य ना केवल सुरक्षित है, बल्कि उनकी कई सुंदर घटिया (Beautiful Valleys) आपको वहीं आजीवन रुकने पर मजबूर कर देगी ऐसी ही एक घाटी का हम आज जिक्र करने वाले हैं।
जौकू घाटी कुछ मणिपुर तो कुछ नागालैंड दोनो की सीमा से जुड़ी हुई है
जानकारी के अनुसार दोस्तों जोखू घाटी (DZUKOU Valley) उत्तर पूर्वी भारत के घने जंगलों के बीच स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति के अनुसार मणिपुर और नागालैंड (Nagaland) दोनों स्टेट लगातार इसे अपनी सीमाओं में बांधने के प्रयास में लगे रहे। दोनों राज्यों का कहना यह था कि जोखू घाटी उनके राज्य का हिस्सा है।
लंबे समय तक यह विवाद का विषय रहा और हाल ही में इस घाटी का कुछ हिस्सा मणिपुर (Manipur) तो एक हिस्सा नागालैंड की सीमाओं में बांट दिया गया। जिसके चलते आज यह दोनों राज्यों का हिस्सा है। यह घाटी कितनी सुंदर हो सकती है, इसका अंदाजा इसी बात से हो जाता है कि दो राज्य सालों तक संघर्ष करते रहे इसे अपने राज्य की सीमा में शामिल करने के लिए।
घाटी पहुंचने के लिए यहां से शुरू करें अपना सफर
वैसे तो आज भारत में ट्रांसपोर्टेशन के सारे आधुनिक साधन मौजूद है, जहां ओर फोरलेन सिक्स लेन रोड बन गई है। वहीं ज्यादातर हिस्सों तक हवाई जहाज की पहुंच भी बन चुकी है, परंतु इस घाटी तक पहुंचने के रास्ते बहुत सीमित हैं।
जौकू घाटी जाने के लिए आप दिल्ली या किसी भी राज्य से दीमापुर हवाई अड्डे तक प्लेन के जरिए जा सकते हैं या फिर ट्रेन के रास्ते से भी दीमापुर रेलवे स्टेशन तक पहुंचा जा सकता है। दीमापुर (Dimapur) ही सबसे करीबी हवाई अड्डा या रेलवे स्टेशन है।
A view of Dzukou Valley, situated on the border of Nagaland and Manipur. #DekhoApnaDesh pic.twitter.com/Z3ij6KGG0S
— BJP Kisan Morcha (@bjpkm4kisan) January 4, 2022
इसके पश्चात कोहिमा शहर जोकि नागालैंड की राजधानी है से आगे का सफर तय करना होगा, दीमापुर और कोहिमा के बीच की दूरी 70 किलोमीटर के करीब है एवं कोहिमा से हमें आगे बढ़ते हुए जाखिमा तक जाना होगा, जहां से इस घाटी का अगला सफर प्रारंभ होगा।
अंतिम रास्ता पैदल ही तय करना होगा निकलने से पहले करें सही तैयारी
पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टेशन बहुत सुगम नहीं होता यहां छोटी-छोटी दूरी तय करने के लिए भी हमें काफी समय लग जाता है, इसलिए इन पहाड़ी क्षेत्रों में तेज ट्रांसपोर्ट की उम्मीद न रखें। इसके बाद हमें जाखर तक पहुंचना होगा जो कोहिमा से लगभग 15 मिनट की दूरी पर है। आप कोई भी टैक्सी या प्राइवेट व्हीकल के जरिए पहुंच सकते हैं।
जाखर से आगे जौकू घाटी (Dzukou valley) तक का पूरा रास्ता पैदल ही तय करना होता है। जो की घने जंगलों और ऊंचे नीचे रास्तों से होकर गुजरता है। जिसमें लगभग 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है।
Shot this in dzukou valley yesterday . What a beautiful nightsky it was. pic.twitter.com/vmetFNVpzJ
— Bhavanandhi (@bhava326) August 21, 2022
आपके स्थान तक पहुंचने के लिए क्योंकि सफर पैदल का है, इसलिए अपनी लगेज में उन सभी जरूरी चीजों को अवश्य शामिल करें, जो इस लंबे सफर में आपके काम आ सकती हैं जैसे अच्छे जूते, टॉर्च, खाने पीने का सामान और कुछ जरूरी दवाइयां।
सरकार से नहीं मिला कोई खास तवज्जो छात्र संगठनों ने उठाया जिम्मा
इतने सुंदर परिकथा जैसे घाटी होने के बावजूद बड़े आश्चर्य की बात है कि सरकार ने इसे अपने राज्य में शामिल करने की होड़ तो थी, परंतु इसके मेंटेनेंस रखरखाव यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए कोई भी सुविधा मुहैया नहीं कराई।
The Beautiful Evergreen Dzukou Valley.
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Photography: @aerial_wanderlust pic.twitter.com/5zw9oE5Ez3— Life in the Northeast India (@in_northeast) June 15, 2022
जिसके चलते उस स्थान के कुछ छात्र संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली और जौकू घाटी में रुकने के लिए कुछ रूम तैयार करवाए खाने-पीने एवं फूड की व्यवस्था बनाई जिससे आने वाले पर्यटक इस स्थान का सुरक्षित स्टे इंजॉय कर सकें।



