हरियाणा की 94 साल की दादी ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, हर कोई हैरान हो रहा

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Bhagwani Devi Dagar
Bhagwani Devi Dagar, a 94 year old who has created history by winning gold in at the World Masters Athletic Championship. Photo Credits: Twitter And ANI.

Najafgarh: मन की इच्छा शक्ति प्रबल हो तो इंसान हर वो असंभव काम को संभव कर सकता है। कहते है मनुष्य जन्म बहुत ही मुश्किल से मिलता है इसी लिए उसका सदुपयोग करना चाहिए। दुनिया में एक जैसे नाम के कई व्यक्ति होते है, पर उनके काम ही उन्हे दुनिया में पहचान दिलाते है।

किसी काम को करने के लिए केवल हिम्मत और जज्बे की जरूरत होती है, जरूरी नहीं होता की उम्र क्या है उम्र मात्र एक संख्या है, जो इंसान के अनुभव के समय को बताता है। कहते है 30 वर्ष के बाद शरीर कमजोर होने लगता है और 50 की उम्र में आदमी खाट पकड़ लेता है।

आज हम जिस महिला की बात करने जा रहे है, उनकी उम्र 94 वर्ष है और उन्होंने गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीत कर पूरे देश में लोगो को मिशाल पेश की है। आपको बता दे शरीर की मजबूती खान पान से होती है।

आधुनिक समय में लोग अपने करियर की रेस में भागने में इतना व्यस्त हो गए है की उन्हे अपने शरीर की कोई चिंता नहीं। छोटी छोटी उम्र में बड़ी बड़ी बीमारी लगने का कारण अनियमित खान पान है, जिससे तरह तरह की बीमारियां हो रही है। पुराने समय के लोगो का खान पान अच्छा होने से वे काफी हष्ट पुष्ट और निरोग होते थे।

पुरानी पीढ़ी और वर्तमान पीढ़ी का खान पान

पुराने समय के लोग खुद को काफी मेंटेन करके रखते थे उनका खान पान बहुत अच्छा था। एक संतुलित आहार में मिनरल्स, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, वसा आदि शामिल है। उस समय लोग ज्यादा शिक्षित नहीं होते थे परंतु फिर भी वे जानते थे कि उनके शरीर के लिए जरूरी न्यूट्रिशन क्या है। पुराने वक्त के लोग खेतो में काम करके पसीना बहाते। स्वच्छ और ताजी हवा में रहते।

दूसरी तरफ आधुनिक पीढ़ी है, जो मैदे से बने पिज्जा, पास्ता, बर्गर, नूडल्स जैसी चीजों के सेवन से अपने हष्ट पुष्ट शरीर को बीमार बना रहे है। लगातार वन की कटाई से ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा न मिलने से वातावरण में प्रदूषण बढ़ रहा है कूलर, पंखा, एसी की हवा में जीवन बिता रहे है, जिसके कारण कई तरह की खतरनाक बीमारियां दस्तक दे रही है।

हरियाणा को भगवानी देवी डागर की कहानी

हाल ही में देश में एक ऐसी गतिविधि हुई है की जिसने भी सुना और पढ़ा है, वो हैरान रह गया। आपको बता दे हरियाणा (Haryana) राज्य की एक 94 वर्षीय महिला ने एक चौका देने वाले कारनामे को अंजाम दिया है। उस महिला का नाम भगवानी देवी डागर (Najafgarh dadi Bhagwani Devi Dagar) है, लोग उन्हें प्यार से दादी कहते है।

भगवानी देवी ने वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और कांस्य पदक जीता जिससे सारी दुनिया में उन्हीं का नाम गूंज रहा है। 90 की उम्र में ऐसा काम करना कोई सरल बात नही है। भगवानी देवी के हौसला और उनकी हिम्मत के बदौलत ये उपलब्धि हासिल हो पाई।

गोल्ड मेडल के साथ कांस्य पदक भी जीता भगवानी देवी ने

94 वर्षीय दादी की कला का प्रदर्शन उन्होंने खेलो के माध्यम से किया। कामयाबी की उड़ान वही भरता है जिसके पंखों में होसलो की उड़ान होती है। 94 वर्ष की आयु में व्यक्ति बिस्तर से लग जाता है। वे साधारण तरीके से चलने फिरने में असमर्थ होते है। परंतु हरियाणा की 94 वर्ष की भगवानी देवी आज फिट और तंदुरुस्त हैं और चलना फिरना क्या वे तो खेलों में अपनी प्रतिभा दिखा रही है।

हाल ही में फ़िनलैंड में वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन हुआ, जिसमें भगवानी देवी ने हिस्सा लिया था। इस चैंपियनशिप में जीत कर में भगवानी देवी ने गोल्ड मेडल और कांस्य पदक दोनो हासिल किया है। उन्होंने 100 मीटर स्प्रिंट प्रतियोगिता को 24.74 सेकेंड के समय में ही पूरा कर जीत हासिल की, जिससे उन्हे गोल्ड मेडल दिया गया और शॉटपुट में कांस्य पदक जीता है।

विदेश जाकर किया देश का नाम रोशन

खेल मंत्रालय के द्वारा ट्विटर पर भगवानी देवी के खेल की जानकारी दी। इस उम्र में भी दादी ने विदेशों में भी अपने देश भारत का झंडा ऊंचा कर दिया। भारतीय खेल मंत्रालय ने ट्विटर पर ट्वीट किया और कैप्शन पर लिखा की भारत की 94 वर्षीय भगवानी देवी ने साबित कर दिया की कुछ करने का जज्बा उम्र से काफी बड़ा होता है, उनके द्वारा स्वर्ण और कांस्य पदक जीते जो की भारत के लिए काफी गौरव की बात है।

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